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सोमवार, 21 जनवरी 2019

जब जेआरडी टाटा ने साफ किया टॉयलेट

स्वच्छता के प्रति जेआरडी टाटा का बहुत आग्रह था। टाॅयलेट से लेकर टेबल की सफाई वे बेहिचक किया करते थे

जेआरडी टाटा भारत के सबसे बड़े बिजनेस घरानों में से एक टाटा ग्रुप के पूर्व अध्यक्ष थे। उन्होंने भारत को पहली एयरलाइंस सुविधा मुहैया कराते हुए साल 1932 में टाटा एयरलाइंस की शुरुआत की जो आगे चलकर एयर इंडिया में तब्दील हो गई। लेकिन इतने बड़े उद्यमी होने के बाद भी जन-कल्याण के आम छोटे-छोटे कामों को करने में उन्होंने खूब रूचि दिखाई और सबके लिए प्रेरणा बने। उन्होंने एक बार एयरलाइन के गंदे काउंटर को अपने हाथों से साफ किया था, इतना ही नहीं उन्होंने एक और मौके पर एयरक्राफ्ट के गंदे टॉयलेट तक को खुद ही साफ कर दिया था।  
  इस बात की जानकारी शशांक शाह की लिखी किताब ‘द टाटा ग्रुप: फ्राम टॉर्चबेयरर्स टू ट्रैलब्लेजर्स’ में मिलती है। किताब के अनुसार एक बार उन्होंने एक गंदे एयरलाइन काउंटर को देखा तो उन्होंने एक डस्टर मंगाया और खूद ही धूल साफ करने लगे। इसके अलावा भी कई ऐसे मौके आए जब जेआरडी टाटा ने खुद सफाई की जिम्मेदारी अपने हाथों में लेकर दूसरों के लिए बड़ी मिसाल पेश की। किताब में एक और ऐसी ही घटना का उल्लेख है कि एक बार जेआरडी ने अपनी शर्ट की बाजू चढ़ाकर एक केबिन क्रू की एयरक्राफ्ट का टॉयलेट साफ करने में मदद की थी। किताब बताती है कि इसके अलावा एयर इंडिया होर्डिंग्स पर लिखे हुए शब्द से लेकर प्लेन में टॉयलेट पेपर की उपलब्धता तक छोटी-छोटी चीजों का वह खयाल रखते थे। 
जेआरडी टाटा खास तौर पर फिक्रमंद थे कि एयर इंडिया की सुविधाएं अंतरराष्ट्रीय उच्च मानकों के अनुकूल हों और इसके लिए उन्होंने स्वच्छता पर खासा ध्यान केंद्रित किया। उस वक्त महात्मा गांधी के बाद शौचालय को इतने बड़े व्यक्ति द्वारा साफ करने की शायद यह इकलौती मिसाल थी।



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