sulabh swatchh bharat

मंगलवार, 22 अगस्त 2017

‘स्वच्छता’ का विजयानगरम 

आंध्र प्रदेश के विजयानगरम जिले ने स्वच्छता अभियान में पेश की मिसाल

आंध्र प्रदेश में विजयानगरम जिला सबसे पिछड़े जिलों में शुमार है लेकिन ‘स्वच्छ भारत’ कार्यक्रम के मामले में इसने अपना झंडा काफी ऊंचा फहराया है। 10 से 14 मार्च के बीच जिला प्रशासन ने यहां सौ घंटों के भीतर 10,000 शौचालयों का निर्माण करवाया। इस काम में ग्रामवासियों, स्थानीय नेता, अधिकारियों और गैरसरकारी संगठनों की सहायता ली गई। 71 ग्राम पंचायतों को व्यापक स्वच्छता अभियान के तहत लाकर उन्हें खुले में शौच से मुक्त (ओडीएफ) घोषित किया जा चुका है। खुले में शौच से मुक्त के अंतर्गत शौचालयों का निर्माण उनकी उपलब्धि है।

प्रधानमंत्री का ध्यान इस उपलब्धि पर गया। 25 जून को प्रसारित ‘मन की बात’ कार्यक्रम में प्रधानमंत्री ने इसका उल्लेख किया था। अब 15 अगस्त तक 50,000 और 2 अक्टूबर तक 50,000 घरों में शौचालय सुविधा देने पर काफी तेजी से काम जारी है। मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू इस पहल से प्रभावित होकर इस बात का आश्वासन दे चुके हैं कि वे एक लाख शौचालयों के निर्माण में सहायता करेंगे । विजयानगरम के‌ जिलाधिकारी विवेक यादव कहते हैं कि इस नेक काम की सफाई योजना पर काम करने के लिए हम प्रेरित हुए हैं। हमें उम्मीद है कि पूर्व योजना को दोहराते हुए अपना लक्ष्य प्राप्त कर लेंगे। बस इस काम में लोगों की भागीदारी से तय समय में सबकुछ हो सकता है।

इस कार्य के‌ लिए हितधारकों को विशेष ‌प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू हुआ है। जिले के अधिकारियों के अलावा कई सरपंचों और गैरसरकारी संगठन के प्रतिनिधियों को भी इस कार्य से जोड़ा गया है। साथ ही, कई जगहों पर बैठकें आयोजित कर लोगों को जागरूक बनाने और घर-घर प्रचार करने के अलावा लक्ष्य हासिल करने के लिए योजनाएं बनाई जा रही हैं।   (भाषा)



Bringing smiles to every face hindi ad copy %281%29

ऑडियो