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सोमवार, 11 दिसंबर 2017

ब्रिक्स सम्मेलन में भी वाहवाही

मरू प्रदेश राजस्थान अब देश और दुनिया में जलक्रांति के अग्रदूत के रूप में जाना जा रहा है।

राजस्थान की जनता ने अपने दम पर इस मुख्यमंत्री जल स्वावलंबन अभियान को सफल बनाकर पूरी दुनिया में अपना लोहा मनवाया है। राजस्थान को जलभरा बनाने का यह अभियान इस कदर कामयाब हुआ कि ब्रिक्स सम्मेलन सहित पूरी दुनिया में इसकी गूंज सुनाई दी। साथ ही दक्षिण अफ्रीका, ऑस्ट्रेलिया तथा नामीबिया जैसे देशों ने इसकी सराहना की है और कई देश इस मॉडल को अपनाने की ओर बढ़ रहे हैं। इतना ही नहीं मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, गुजरात और तेलंगाना जैसे राज्य राजस्थान से प्रेरणा ले रहे हैं। मुझे पूरा विश्वास है कि अभियान के पूर्ण होने तक 295 ब्लॉक में से करीब 250 ब्लॉक अवश्य सुरक्षित जोन में होंगे। पहले चरण की ऐतिहासिक सफलता से जल स्वावलंबन का सवेरा हो गया है। अब हम जलक्रांति के दूसरे अध्याय की शुरुआत कर रहे हैं। 

राजस्थान में जल सहेजने की परंपरा को आगे बढ़ाते हुए शहरों और गांवों के पुराने जल स्रोतों को संवारने के लिए लोग स्वतः आगे आएंगे तो इससे प्रदेश में जल संकट दूर होगा और प्रदेश को जल स्वावलंबी बनाने के सरकार के प्रयास सफल होंगे। हम खेतों को हरा-भरा बनाना चाहते हैं और हर गांव में स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराना चाहते है। हमारा प्रयास है कि बरसात की एक-एक बूंद राजस्थान की धरती में समाए और यहां के लोगों की प्यास बुझाने के काम आए। जल स्वावलंबन अभियान इस दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। जब प्रदेश के 21 हजार गांवों में यह अभियान पूरा होगा तो राजस्थान की तस्वीर ही बदल जाएगी। 



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