sulabh swatchh bharat

शुक्रवार, 22 मार्च 2019

कड़ाके की ठण्ड में 'दीवार-ए-मेहरबानी' ने जरूरतमंदों को दिया सहारा

जम्मू कश्मीर जैसे राज्य में जहां सर्दी की रातों में तापमान करीब माइनस 4 डिग्री तक चला जाता है, वहां गरीबों को ठण्ड से बचाने के लिए एक संस्था ने खास पहल की है

कड़ाके की ठण्ड से बचने के लिए हम क्या-क्या नहीं करते। लेकिन बेहद गरीबी में जीवन जीने वालों के लिए इस ठण्ड से बचना पत्थर चबाने जैसा होता है।

जम्मू कश्मीर जैसे राज्य में जहां सर्दी की रातों में तापमान करीब माइनस 4 डिग्री तक चला जाता है, वहां गरीबों को ठण्ड से बचाने के लिए एक संस्था ने खास पहल की है।

'हू इज हुसैन' नाम की लंदन स्थित इस वैश्विक संस्था ने पुराने कपड़े एक जगह एकत्रित कर उन्हें जरूरतमंदों में बांटने का तरीका निकाला है।

इसके लिए संस्था ने एक दीवाल को 'वॉल ऑफ काइंडनेस' अर्थात दीवार-ए-मेहरबानी नाम देकर लोगों से सर्दी वाले कपड़े दीवाल पर एकत्रित करने के लिए कहा है।

इसका बड़े स्तर पर सकारात्मक असर देखा जा रहा है। इस दीवार-ए-मेहरबानी पर कोई डिब्बे में पैक खाना टांग रहा है तो कोई फल।

जरूरतमंद लोग भी अपनी जरूरत की चीजों को ले जा रहे हैं। जिनके पास कुछ देने को है वे दीवाल पर टांग देते हैं।



Bringing smiles to every face hindi ad copy %281%29

ऑडियो