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मंगलवार, 12 दिसंबर 2017

ट्रंप विलेज में स्वच्छता का सुलभ सर्ग

सुलभ इंटरनेशनल ने हरियाणा के पिछड़े गांव मरोरा को स्वच्छ और स्वावलंबी बनाने का बीड़ा उठाया

ट्रंप गांव में शौचालय का उद्घाटन करने आए सुलभ इंटरनेशनल सोशल सर्विस ऑर्गनाइजेशन के संस्थापक डॉ. विन्देश्वर पाठक ने कहा कि खाना तो बाद में भी खाया जा सकता है, लेकिन शौच को रोका नहीं जा सकता। यहां इतने लोग बैठे हैं यदि किसी को शौच लग जाएगा तो वह यहां एक मिनट भी नहीं रुकेगा, इसीलिए शौचालय सभी के लिए आवश्यक है। इस काम के लिए हमें पुनीत अहलूवालिया का पूरा सहयोग मिल रहा है, जिससे हम कई गांवों का विकास कर सकते हैं। हमारे पास अभी बयासी कंपनियां हैं जिनके सहयोग से हम काम कर रहे हैं। अब अहलूवालिया के सहयोग से और कंपनियां हमसे जुड़ेंगी। हम ऐसे ही कई सारे गांवों को गोद लेंगे, उसका विकास करेंगे और प्रधानमंत्री मोदी के सपने को 2 अक्टूबर 2019 तक पूरा करेंगे।

बता दें कि यह हरियाणा के मेवात जिले का वही मरोरा गांव है, जिसको डॉ. पाठक ने गोद लिया है और इसका नाम अमोरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के नाम पर रखा है। उद्घाटन समारोह के दौरान डॉ. पाठक का गांव के लोगों ने पगड़ी बांध कर स्वागत किया। डॉ. पाठक ने भी इस गांव के सरपंचो को पुष्प गुच्छ और शाल देकर सम्मानित किया। इस मौके पर पुनीत अहलूवालिया, उनकी मां हरजीत अहलूवालिया, उनके बहनोई अमर गुलाटी, उनकी बहन परमिता गुलाटी, बीजेपी जिला उपाध्यक्ष, नरेंद्र पटेल, मरोरा पंचायत के सरपंच हाजी इब्राहिम, धाधूंका के सरपंच जाकीर और बीजेपी के जिला महामंत्री कुलदीप मौजूद रहे।

सुलभ प्रणेता डॉ. विन्देश्वर पाठक ने कहा कि पुनीत अहलूवालिया अमेरिका से आए हैं और रिपब्लिकन पार्टी के सदस्य हैं। इन्होंने हमें अमेरिका बुलाया था, तभी हमने कहा था कि हम भारत के एक गांव का विकास डोनाल्ड ट्रंप के नाम पर करेंगे और प्रधानमंत्री मोदी का सपना पूरा करेंगे। मैं किसी बात का इंतजार नहीं करता हूं, मुझे जो करना होता है उसे कर देता हूं, क्योंकि इंतजार करने में बहुत समय बर्बाद होता है। 23 जून को मैंने यहां पर जिन 95 शौचालयों के निर्माण की बात कह कर गया था, उनमें से  90 शौचालयों पर काम हो रहा है और 5 शौचालयों का कार्य पूरा हो चुका है। एक से डेढ़ महीने के अंदर यहां के सभी घरों में शौचालय होंगे। पूरे देश में इतनी तेज गति से काम करने वाली संस्था सुलभ ही है। इस गांव के विकास का कार्य आज से शुरू हो गया है और यह निरंतर चलता रहेगा।

हमारी माताओं और बहनों के लिए यह अति आवश्यक है, इसके लिए हमने 1968 में सुलभ शौचालय का आविष्कार किया। शुरुआत में लोग कहते थे कि इसका क्या महत्व है। आज देखिए हमारे प्रधानमंत्री मोदी ने इसके महत्व को सभी को बताया इतना ही नहीं, इस बात के लिए उन्होंने 15 अगस्त 2014 को लाल किले से अपने संबोधन में देश की सवा सौ करोड़ जनता का आह्वान किया कि सभी लोग अपने घरों में शौचालय बनवाएं और देश को स्वच्छ रखने में अपना योगदान दें। उनका सपना है कि 2019 तक देश के सभी घरों में शौचालय होने चाहिए, ताकि महात्मा गांधी के 150 वीं वर्षगांठ पर उन्हें सच्ची श्रद्धांजलि दी जा सके। हम लोग दोनों का सपना पूरा कर रहे हैं। मैं तो इस काम में 50 वर्षों से लगा हुआ हूं, लेकिन मैं बहुत छोटा आदमी हूं, जिसे कोई पहचानता भी नहीं है। मेरे पास कोई राजनीतिक या सरकारी पावर नहीं है, इसके बावजूद हमने एक अलग तरह का संसार बसा दिया है, जिसे ‘सुलभ सुखद संसार’ कहते हैं। इस संसार में सभी धर्मों, जातियों के लोग एक साथ, समान भावना और प्यार-स्नेह से रहते हैं। हम स्वच्छता के साथ ही शिक्षा, स्वास्थ्य, कौशल विकास और रोजगार के लिए भी कार्य करते हैं। यह सभी कार्य हम अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के नाम पर इस गांव में करेंगे। एक से डेढ़ महीने के अंदर ही इस गांव की पूरी तस्वीर बदल जाएगी।

पुनीत अहलूवालिया ने कहा कि डॉ. पाठक महात्मा गांधी और प्रधानमंत्री मोदी के सपने को आगे बढ़ाने का काम कर रहे हैं, जो बहुत ही सराहनीय कार्य है। हमें यह जानकर बहुत प्रसन्नता हुई कि पच्चीस दिनों के अंदर इस गांव में 5 शौचालय बन गए हैं और बाकी 90 शौचालयों पर कार्य चल रहा है। यह सब डॉ. पाठक की मेहनत और लगन का ही प्रतिफल है। भारत के हर घर में शौचालय का होना बहुत ही आवश्यक है। प्रधानमंत्री मोदी का सपना है, भारत को 2019 तक स्वच्छ और स्वस्थ करना है। उसके लिए सभी को प्रयत्न करने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि महात्मा गांधी कहते थे कि जहां पर स्वच्छता है वहां भगवान निवास करते हैं और मैं चाहता हूं कि जब मैं अगली बार इस गांव में आऊं तो हमें ये गांव पूरा स्वच्छ दिखना चाहिए। ये जिम्मेदारी हमारी नई पीढ़ी पर है कि वह जहां पर भी कचरा देखें या किसी को थूकते देखें तो उन्हें रोकें। क्योंकि यह आपका घर है, इसे स्वच्छ और स्वस्थ रखने की जिम्मेदारी आपकी है। मेरी सबसे यही प्रार्थना है कि आप सब मिल कर काम करें।  हमें मिलकर भारत को फिर से सोने जैसा बनाना है। मैं भारत और भारत के बाहर रहने वाले समुदायों से अनुरोध करता हूं कि वह कम से कम एक घर में शौचालय जरूर बनवाएं, जिससे प्रत्येक परिवार का मान-सम्मान बढ़े। इस अवसर पर भाजपा जिला उपाध्यक्ष नरेंद्र पटेल ने कहा कि मैं डॉ. पाठक, पुनीत अहलूवालिया और अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का हृदय की गहराइयों से स्वागत और अभिनंदन करता हूं। आपने हमारे इस गांव को गोद लिया और आज यहां पर 5 शौचालय और एक सिलाई सेंटर का उद्घाटन किया। पांच शौचालय बन कर तैयार हो चुके हैं। सिलाई सेंटर में बच्चियों को सिलाई, बुनाई के कार्य सिखाए जाएंगे, जिससे वह अपना भविष्य संवार सकें। नरेंद्र पटेल ने कहा कि महिलाओं और बच्चियों पर बहुत बड़ी जिम्मेदारी होती है। वह एक नहीं, बल्कि दो घरों को संभालती हैं। उनको सक्षम बनाने की जो पहल डॉ. पाठक ने की है, हम इसके लिए उनका हम अभिनंदन करते हैं। यह हमारे लिए बहुत ही गौरव की बात है कि आपने हमारे मरोरा गांव को स्वच्छ और स्वस्थ बनाने का बीड़ा उठाया है। इसके लिए हम सब डॉ. पाठक और सुलभ परिवार के बहुत आभारी हैं। आपके इस कार्य में हमारे गांव और पार्टी के लोग तन, मन और धन से सहयोग करने के लिए पूरी तरह से तैयार हैं। यह हमारे लिए सौभाग्य की बात होगी कि हम आपके साथ कंधे से कंधा मिलाकर चलें। 

मरोरा गांव के सरपंच हाजी इब्राहिम ने कहा कि सबसे पहले तो मैं पाठक जी का अभिनंदन करता हूं। उन्होंने हमारे गांव को गोद लेकर हम सब पर उपकार किया है। अब हमारे गांव में बिजली आ रही है, शौचालयों का निर्माण कराया जा रहा है। इस गांव में 90 शौचालयों पर काम चल रहा है, जबकि इसका उद्घाटन 26 जून को किया गया था। यह सब डॉ. पाठक के शुभ विचारों की ही देन है, जिससे आज हमारा गांव बदल रहा है। डॉ. पाठक बहुत अच्छा कार्य कर रहे हैं। उन्हें देखकर लोगों को सीखना और देशहित में कार्य करना चाहिए। 



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