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मंगलवार, 12 दिसंबर 2017

सिंगापुर की असम में कौशल विकास केंद्र में रुचि

बुनियादी ढांचा, पर्यटन, तेल और प्राकृतिक गैस की खोज के साथ ही आईटी क्षेत्र में असम और सिंगापुर एक-दूसरे के साथ मिलकर काम कर सकते हैं

असम के मुख्यमंत्री सर्बानंद सोनोवाल की सिंगापुर के वरिष्ठ रक्षा और विदेश मंत्री डॉ. मलिकी उस्मान से मुलाकात हुई है। दिल्ली डायलॉग सम्मेलन में दिल्ली आने पर हुई मुलाकात के दौरान भारत में सिंगापुर के उच्चायुक्त लिम थुआन कुआन भी उपस्थित थे। दोनों पक्षों ने आपसी हितों को लेकर कई विषयों पर गंभीर चर्चा की। अधिकारियों का कहना है कि 30 मिनट चली बैठक में मुख्यमंत्री ने असम और सिंगापुर के बीच कारोबार और आर्थिक गतिविधियों ने नए अवसरों को तलाशने पर बल दिया। डॉ. मलिकी उस्मान ने इस पर सकारात्मक उत्तर दिया। उन्होंने कहा कि वे 18 से 21 जुलाई  को दौरा करने वाले हैं। आवश्यक क्षेत्रों में सहयोग का पता लगाने का प्रयास होगा। डॉ. उस्मान ने जानकारी दी कि उनके दौरे का उद्देश्य युवाओं की कुशल का प्रशिक्षण देने के लिए गुवाहाटी में कौशल विकास केंद्र स्थापित करना है।

डॉ. मलिकी उस्मान ने बताया, ‘युवा मानव संसाधन के मामले में काफी उच्च स्तर के हैं और उनकी ऊर्जाओं का आर्थिक समृद्धि का विस्तार होना ही चाहिए।’ बुनियादी ढांचे का विस्तार, पर्यटन, तेल और प्राकृतिक गैस की खोज के साथ ही आईटी के क्षेत्र में असम और सिंगापुर एक-दूसरे के साथ मिलकर काम कर सकते हैं। इससे दोनों को आर्थिक लाभ भी होंगे। मुख्यमंत्री सोनोवाल ने सिंगापुर के वरिष्ठ मंत्री से यह भी कहा कि गुवाहाटी को विकसित करने के लिए तकनीक जानकारी और विशेषज्ञता की आवश्यकता है जिससे इसे आईटी का अहम केंद्र बनाया जा सके। सोनोवाल ने गुवाहाटी में सिंगापुर का वाणिज्यिक दूतावास खोले जाने की बात भी की।

इससे सिंगापुर में नौकरियां तलाशने के इच्छुक असमी जनता को अत्यधिक लाभ होगा। सोनोवाल ने सिंगापुर के मंत्री से आग्रह किया कि वे गुवाहाटी और सिंगापुर के बीच सीधी उड़ान सेवा शुरू कराएं, जिससे पूर्वोत्तर क्षेत्र की जनता को परिवहन की बेहतरीन सेवा मिल सके। डॉ. उस्मान ने आश्वासन दिया कि जमीनी यथार्थ का ठीक से मूल्यांकन करने के बाद विमान सेवाएं शुरू होंगी। इसके लिए निजी क्षेत्र को भी आगे लाया जाएगा।



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