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शनिवार, 21 अक्टूबर 2017

भय्यूजी ने सबका साथ दिया, सबका विकास किया: नजमा हेपतुल्ला 

श्री सद्गुरु दत्त धार्मिक एवं पारमार्थिक ट्रस्ट द्वारा आयोजित गुरु पूर्णिमा महोत्सव इस वर्ष संकल्पपूर्ति एवं संकल्प प्रतिबद्धता दिवस के रूप में मनाया गया

भय्यूजी महाराज जैसे नौजवान संत ने इतनी कम उम्र में जिस तरह के विकास कार्य किए हैं, वह प्रशंसा का विषय है और इसके लिए में उन्हें कोटि-कोटि नमन करती हूं। यह उद्गार मणिपुर की राज्यपाल नजमा हेपतुल्ला ने श्री सद्गुरु दत्त धार्मिक एवं पारमार्थिक ट्रस्ट द्वारा आयोजित इंदौर के लाभ गंगा गार्डन में गुरु पूर्णिमा महोत्सव का उद्घाटन करते हुए व्यक्त किया।  उन्होंने कहा कि जिस तरह हमारे प्रधानमंत्री `सबका साथ, सबका विकास' की बात करते हैं, ठीक उसी तरह भय्यूजी ने भी सबका साथ भी दिया और सबका विकास भी किया। हेपतुल्ला ने कहा कि भय्यू महाराज ने मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र एवं गुजरात में विशिष्ट कार्य किए हैं, जहां से मेरा व्यक्तिगत संबंध है। भय्यूजी महाराज ने बहुत ही कम उम्र में बड़े बड़े काम किए हैं।  

अपने उद्बोधन में केंद्रीय विदेश राज्य मंत्री जनरल वी के सिंह ने कहा कि आध्यात्मिक प्रवचन तो बहुत लोग देते हैं, लेकिन भय्यूजी की जो सिद्धि है वो सेवा कार्यों के माध्यम से सिद्ध होती है।  ऐसे संत कम हैं जो नदियों को पुनर्जीवन प्रदान करें। उन्होंने कहा कि गुरु का प्रकाश हमें हमेशा मार्ग दिखाता है। गुरु द्वारा सकारात्मकता का भाव शिष्य में किया जाता है। इस अवसर पर राष्ट्र संत डॉ. भय्यूजी महाराज ने कहा कि गुरु पूर्णिमा आशा, आकृति, कल्पना, विचार की तरह सामने आती है। इसे हम गुरु के रूप में देखते हैं। हमारे सामने ऐसी ही आकृति मां के रूप में पहली बार सामने आती है, जो उत्पत्ति से विरक्ति और विरक्ति से मुक्ति की और ले जाती है। वह कार्य गुरु ही करता है। ऐसी ही प्रथम गुरु वंदनीय मां होती हैं।  

भाजपा राष्ट्रीय प्रवक्ता शाहनवाज हुसैन ने कहा कि भय्यूजी महाराज के मंच पर सभी धर्मों के लोग होते हैं, यही असली धर्म है, यही असली मजहब है। अंतर्राष्ट्रीय पहलवान सुशिल कुमार ने कहा कि संत और वसंत में काफी समानता होती है, वसंत जब आता है तो प्रकृति खिल उठती है, उसकी प्रकार एक सच्चे संत के हमारे जीवन में प्रवेश से हमारे व्यक्तित्व में एक नया संचार होता है। सदगुरु डॉ. भय्यूजी महाराज प्रणित श्री सदगुरु दत्त धार्मिक एवं पारमार्थिक ट्रस्ट द्वारा आयोजित गुरु पूर्णिमा महोत्सव इस वर्ष संकल्पपूर्ति एवं संकल्प प्रतिबद्धता दिवस के रूप में मनाया गया। गुरु पूर्णिमा महोत्सव के गरिमामय समारोह में विभिन्न धार्मिक, सांस्कृतिक कार्यक्रमों के अलावा, आध्यात्मिक संत भय्यूजी महाराज के जीवन पर लिखित पुस्तक `सार' का विमोचन उपस्थित अतिथियों द्वारा किया गया।  

कार्यक्रम की शुरुआत संध्या 4 बजे मणिपुर की राज्यपाल नजमा हेपतुल्ला एवं केंद्रीय विदेश राज्य मंत्री जनरल वी के सिंह तथा उपस्थित अन्य अतिथियों द्वारा दीप प्रज्ज्वलन से हुई। कार्यक्रम के प्रारम्भ में मंचासीन अतिथियों की अगुवाई में उपस्थित विशाल जन समूह द्वारा राष्ट्र संकल्प भाव प्रतिज्ञा अंतर्गत देश की संप्रभुता, एकता एवं अखंडता को अक्षुण्ण रखने की सामूहिक प्रतिज्ञा तथा राष्ट्र के प्रति दायित्व का संकल्प लिया गया। कार्यक्रम के दूसरे चरण में प्रसिद्ध लेखिका मल्लिका राजपूत द्वारा लिखित भय्यूजी महाराज के जीवन चरित्र पर आधारित पुस्तक - `सार' का विमोचन अतिथियों द्वारा किया गया। तत्पश्चात लेखक सुरेंद्र बंसल की प्रकृति के पंच तत्व पर आधारित पुस्तक पंच महाभूतस्य डॉ. श्री भय्यूजी महाराज का विमोचन हुआ। तत्पश्चात भय्यूजी महाराज एवं सूर्योदय परिवार द्वारा संकल्पपूर्ति एवं संकल्प प्रतिबद्धता के कार्यों पर आधारित लिखित पुस्तकों का विमोचन किया गया। 

इस कार्यक्रम में देश की कई राजनितिक हस्तियों, विभिन्न धर्म गुरुओं के अलावा खेल एवं फिल्म जगत की कई गणमान्य हस्तियां उपस्थित थीं, जिनमें प्रमुख थे  बिहार के पूर्व राज्यपाल डी वाई पाटिल, भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता शाहनवाज हुसैन, सांसद अनिल शिरोले,  हिंदू विद्वान भूषण मा.साध्वी सरस्वती जी, अजमेर शरीफ के डॉ. पीर सैय्यद इरफान मोईन उस्मानी, अंतर्राष्ट्रीय पहलवान सुशील कुमार, फिल्म अभिनेता मिलिंद गुणाजी, मकरंद देशपांडे, मुकेश तिवारी, गोविन्द नामदेव, अजिंक्य देव, आचार्य प. रामकृष्ण शर्मा इत्यादि। अपने उद्बोधनों में अतिथियों ने आध्यात्मिक संत डॉ. भय्यूजी महाराज के प्रति अपनी निष्ठा व्यक्त करते हुए उनके द्वारा समाज एवं गरीबों, किसानों के हितों में चलाए जा रहे विभिन्न सामाजिक, शैक्षणिक, स्वास्थ्य एवं कृषि आधारित प्रकल्पों की सराहना करते हुए कहा कि उनके द्वारा समाज सुधार के क्षेत्र में किए गए प्रयासों से समाज के वंचित तबकों की दिशा एवं दशा में एक आमूल परिवर्तन आया है और इसके लिए उनकी जितनी भी प्रशंसा की जाए, कम है।

 कार्यक्रम में अतिथियों द्वारा श्री सद्गुरु दत्त धार्मिक एवं पारमार्थिक ट्रस्ट द्वारा चलाए जा रहे विभिन्न सामाजिक प्रकल्पों के अंतर्गत हितग्राहियों को लाभान्वित किया गया। इस अवसर पर अतिथियों द्वारा सूर्योदय छात्रवृत्ति योजना अंतर्गत 7500 छात्र-छात्राओं को किट वितरण, निर्धन एवं अल्पभूधारक 10,000 किसानों को बीज एवं 25,000 किसानों को जैविक खाद का वितरण तथा 25,000 आदिवासियों को कपड़े  एवं 2,200 निर्धन महिलाओं में  साड़ियों के वितरण का औपचारिक शुभारंभ किया गया। समारोह में `युगंधरा' की मूर्ति का लोकार्पण, कृषि पार्क, नॉन कन्वेंशन पार्क ऑन व्हील, मिट्टी व जल परीक्षण प्रयोगशालाएं एवं चलित प्रयोगशाला योजना इत्यादि का भी लोकार्पण किया गया। संध्या 8 बजे से लाभगंगा गार्डन में भव्य सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन हुआ जिसमें सुप्रसिद्ध सूफियाना कव्वाल असलम साबरी व यश वडाली के द्वारा सूफियाना कव्वाली कार्यक्रम प्रस्तुत किया गया। कार्यक्रम का रसास्वादन देर रात तक लोगों ने किया।

 इससे पूर्व गुरु पूर्णिमा महोत्सव के अवसर पर भय्यूजी महाराज के स्थानीय सूर्योदय आश्रम पर सुबह 7 बजे से हवन का आयोजन हुआ। सुबह 8 बजे श्री कृष्ण सरस्वती महाराज का पाद्य पूजन की गई तथा प्रातः 9 बजे वृक्ष पूजन, गौ पूजन, पृथ्वी पूजन एवं देवी-देवताओं का पूजन विद्वान पंडितों की उपस्थिति में किया गया। 



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