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रविवार, 16 जून 2019

फ्लश की आवाज पर पानी का पता नहीं

आज जापानी टॉयलेट यूरोप और अमेरिका में हाथों हाथ बिक रहे हैं। जापानी कंपनियों ने अब एसे टॉयलेट बना लिए हैं, जिनमें प्रयोगकर्ता के मूत्र की जांच तक अपने आप हो जाती है

मीडिया सेंटर से वापस मैं कमरे में आया। नागर तैयार हो रहे थे। उनके बाद मैं भी नहाने घुस गया। बाथरूम बहुत ही शानदार था। सबसे आश्चर्य की बात थी कि कमोड अत्याधुनिक था। देखने में तो यह एकदम साधारण था मगर यह वास्तव में कंप्यूटराइज्ड था। आज सुबह भी और कल भी जल्दी-जल्दी में इस तरफ ध्यान नहीं दिया था। कमोड पर तरह तरह के रंग-िबरंगे बटन लगे थे, जिनमें जापानी में कुछ लिखा था। यह एेसा लग रहा था जैसे कोई कंट्रोल पैनल हो। इन बटनों को देखकर मेरे मन में जिज्ञासा हुई कि आखिर इनका मतलब क्या है। एक बटन दबाया तो फ्लश हो गया मगर पानी नहीं निकला। पूरे बाथरूम में जोर-जोर से फ्लश की आवाज आ रही थी पर पानी का कहीं पता नहीं था। मैं घबरा गया कि कहीं मैंने कुछ गडबड़ तो नहीं कर दी। उस बटन को वापस दबाया तो आवाज आनी बंद हो गई। वापस दबाया तो फिर फ्लश होने की आवाज आने लगी, वापस बटन दबाया तो बंद हो गई।
बाहर निकला तो मेरी निगाह टेबल पर पड़ी कुछ पत्रिकाओं पर पड़ी, इनमें एक पत्रिका पर कमोड की फोटो छपी थी, मैंने उसे उठाया तो पता चला कि एक जापानी कंपनी है-टोटो, यह अत्याधुनिक बाथरूम के सामान तथा कमोड आदि बनाती है। अंदर बाथरूम में लगे कमोड के बारे में इस पत्रिका में पूरी जानकारी थी। दरअसल इस कंपनी ने ये अत्याधुनिक कंप्यूटराईज्ड कमोड हाल ही जारी किए थे और इनके बारे में विषद जानकारी इस पत्रिका में अंग्रेजी में दी गई थी।
अभी थोड़ी देर पूर्व ही जिस बात को जानने के लिए मैं परेशान हो रहा था उसके बारे में भी इस पत्रिक में जानकारी थी। दरअसल वह बटन जो मैंने दबाया था और फिर जोर की आवाज आने लगी थी, उसका मकसद यह है कि कई व्यक्ति शौच करते हुए जो अवांछित आवाजें निकालते हैं, बाहर का व्यक्ति उन्हें सुनकर अटपटा महसूस नहीं करें। इसीलिए यह व्यवस्था की गई है। आप शौच कर रहे हैं और आपको संकोच महसूस हो रहा है तो यह बटन दबा दो तो आप निस्संकोच हो कर अपना काम कर सकेंगे। इसी तरह एक बटन कमोड की सीट गर्म करने के लिए है। हमारे यहां तो इतनी ठंड नहीं पड़ती मगर जहां बहुत ठंड पड़ती है, वहां लोग शौच करते हुए ठंड से अकड़ जाते हैं, ऐसे में एक बटन दबाने मात्र से सीट गर्म हो जाती है। एक बटन दबाने से शौच करने के बाद आपके पीछे पानी का छिड़काव हो जाता है, जिससे सारी गंदगी साफ हो जाती है।
एक अन्य बटन दबाने से गर्म-गर्म हवा आपके पीछे से आती है। इससे टिश्यू पेपर की भूमिका बिल्कुल समाप्त हो है। इन बटनों के बारे में जानकार मुझे प्रसन्नता हुई, क्योंकि पिछले तीन दिनों से वहां मैं टिश्यू पेपर ही इस्तेमाल कर रहा था और परेशान हो गया था, क्योंकि इसकी आदत मुझे नहीं। भारत के साधारण होटलों के बाथरूमों में तो फिर भी मग्गे मिल जाते हैं, बड़े होटलों और विदेशों तथा हवाई जहाजों में कहीं मग्गे नहीं होते।
ये टायलेट अपने आप साफ हो जाते हैं। ज्यों ही व्यक्ति सीट से उठता है, अपने आप फ्लश चल जाता है। इन पर कीटनाशक दवाओं की एेसी परत लगी होती है जो कीटाणुओं का तुरंत खात्मा कर देती है। अन्य बटनों से कमोड का ढक्कन व सीट अपने आप खुल जाता था। पुरूषों का बटन, ढक्कन व सीट दोनों खोलता था जबकि ​​स्त्रियों का बटन सिर्फ ढक्कन खोलता था।
जापान अत्याधुनिकता का परचम लहराने में दुनिया में सदैव सबसे आगे रहता है। इसीलिए व्यक्ति के रोजमर्रा के जीवन की एक महत्वपूर्ण क्रिया को सुविधाजनक बनाने में भी वे पीछे नहीं हैं। आज जापानी टॉयलेट यूरोप और अमेरिका में हाथों हाथ बिक रहे हैं। जापानी कंपनियों ने अब एसे टॉयलेट बना लिए हैं, जिनमें प्रयोगकर्ता के मूत्र की जांच तक अपने आप हो जाती है। कई कमोड रिमोट कंट्रोल के साथ भी आते हैं, जिसे बैठकर हाथ में ले लिया जाता है और सुविधानुसार बटन दबाए जाते हैं। टोटो कंपनी ने इसी तरह वाशलेट भी बनाए हैं। ये तब काम आते हैं, जब आप यात्रा में हों या आसपास टॉयलेट नहीं हो। घर से चलने के पूर्व इनमें पानी भर लिया जाता है, इनके साथ फोल्डिंग फव्वारा नोजल लगा होता  है, जिसको खोलकर दबाने से तेज गति से पानी निकलता है। इस तरह के वाशलेट आजकल बहुत प्रसिद्ध हो रहे हैं।
(‘प्रातःकाल’ के प्रधान संपादक सुरेश गोयल का ब्लॉग)



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