sulabh swatchh bharat

शुक्रवार, 18 अगस्त 2017

‘नरेंद्र दामोदरदास मोदी : द मेकिंग ऑफ ए लीजेंड विलक्षण जीवन पर असाधारण पुस्तक

‘नरेंद्र दामोदरदास मोदी- द मेकिंग ऑफ ए लीजेंड’ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जीवन पर लिखी गई अनेक पुस्तकों से बिल्कुल हट कर है। लेखक  डॉ. विन्देश्वर पाठक ने इस पुस्तक में उनके जीवन के तमाम पक्षों को संवेदनशील तरीके से व्यक्त किया है 

भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र दामोदरदास मोदी उन दुर्लभ व्यक्तियों में हैं जिन्होंने अपनी सोच और करिश्माई नेतृत्व से मानवता और राष्ट्र के इतिहास को आकार दिया है। वह मशहूर अमेरिकी वैज्ञानिकों थॉमस एडिसन के सबसे प्रसिद्ध कथन-एक फीसदी प्रेरणा और निन्यानवे फीसदी पसीना के प्रतीक बन गए हैं। नरेंद्र मोदी की बौद्धिकता अपार है, परंतु अपने इस अद्भुत जीवन यात्रा में कड़ी मेहनत से प्राप्त उनका वृहद अनुभव तथा गहरा ज्ञान उन्हें दूसरों की तुलना में अधिक ऊंचाई पर ला रखता है और यही उन्हें अद्वितीय भी बनाता है।

यह पुस्तक सुविख्यात समाजशास्त्री और सुलभ स्वच्छता और समाज सुधार आंदोलन के संस्थापक डॉ. विन्देश्वर पाठक की दूरदृष्टि का परिणाम है, जिन्होंने प्रधानमंत्री के जीवन को काल-क्रमानुसार इस तरह सुव्यवस्थित ढंग से और बड़ी खूबसूरती के साथ एक लड़ी में इस तरह से पिरोया है, जिससे यह आने वाले पीढ़ियों को अभिप्रेरित कर सके। डॉ. पाठक के इस कार्य में उनके नेतृत्व में समर्पित टीम ने पूरे समर्पण से कठिन परिश्रम किया है।

पुस्तक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जीवन और कार्यों के बारे में काफी विस्तृत जानकारी उपलब्ध कराई गई है। पुस्तक का मुख्य उद्देश्य नरेंद्र मोदी के जीवन की व्यापक और विश्वसनीय गाथा को प्रस्तुत करना है। इस तरह यह जीवनी नरेंद्र मोदी के आरंभिक दिनों से लेकर उनके वर्तमान समय तक का प्रेरणादायक और सम्मोहक वर्णन प्रस्तुत करती है, जिसमें उनकी जिंदगी का वह सफरनाना है, जो गुजरात में उनके राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के समर्पित स्वयंसेवक बनने से शुरू होता है। यह सफरनामा कई प्रेरक जीवन प्रसंगों से समृद्ध है। एक लोकप्रिय नेता बनने, भारतीय जनता पार्टी में कई संगठनात्मक जिम्मेदारियां स्वीकार करने, गुजरात के मुख्यमंत्री से लेकर अंतत: देश के प्रधानमंत्री बनने तक वे निस्वार्थ सेवा और समर्पित कार्यकर्ता की तरह आगे बढ़ते हैं। पुस्तक इस बात को गहराई से रेखांकित करती है कि नरेंद्र मोदी एक एेसे चमत्कारी वैश्विक नेता हैं, जो अपनी दूरदृष्टि और समझ से राष्ट्र निर्माण व मानवता का इतिहास पुनः लिख रहे हैं। उनका एेसे दिव्य और ऊर्जावान नायक के रूप में प्रकट होना वाकई बड़ी परिघटना है।   

यह पुस्तक में गुजरात में सबसे अधिक समय तक शासन करने वाले मुख्यमंत्रियों में से एक और भारत के अब तक के सबसे ताकतवर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की चुनावी यात्रा और फिर प्रधानमंत्री के रूप में उनके कार्यों के विभिन्न आयामों का गहराई से स्पर्श करती है। इन आयामों का विस्तार नरेंद्र मोदी के विश्व रंगमंच पर आने के बाद वैश्विक बदलाव के विभिन्न पक्षों तक पहुंचता है। पुस्तक की विषय सामग्री और इसके प्रकाशन की गुणवत्ता इसको पिछले कुछ वर्षों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर छपी अन्य दूसरी सभी पुस्तकों से श्रेष्ठ श्रेणी में रखती हैं। पुस्तक में नरेंद्र मोदी द्वारा प्रधानमंत्री बनने के बाद 15 अगस्त 2014 को लालकिले से उनके पहले भाषण सहित उनके कुछ अन्य भाषणों के अलावा विश्व नेताओं-पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा, संयुक्त राष्ट्र महासचिव बान की मून, जर्मन चांसलर एंजेला मॉर्कल, जापानी प्रधानमंत्री शिंजो अबे आदि की नरेंद्र मोदी के बारे में की गई टिप्पणियों का सार-संक्षेप भी मौजूद है। विश्व के बड़े बिजनेस लीडर जैसे फेसबुक के सीईओ मॉर्क जकरबर्ग, गूगल के सीईओ सुंदर पिचाई, टाटा संस के चेयरमैन रतन टाटा आदि की मोदी पर की गई टिप्पणियों में उनकी लोकप्रियता की झलक दिखाई पड़ती है। 

पुस्तक में नरेंद्र मोदी के प्रधानमंत्री बनने के बाद उनके द्वारा आरंभ की गई विभिन्न योजनाओं और उनसे भारत और इसके लोगों का जीवन किस प्रकार से बदल रहा है, इसकी विस्तृत जानकारी दी गई हैं। चाहे यह ‘स्वच्छ भारत मिशन’ हो, ‘स्किल इंडिया’ हो, ‘मेक इन इंडिया’ हो या ‘अंतरराष्ट्रीय योग दिवस’ हो, पुस्तक से हमें इनकी और इनके देश पर पड़ रहे सकारात्मक प्रभावों की भरी-पूरी जानकारी मिलती है।

पुस्तक में नरेंद्र मोदी के बचपन से लेकर उनके प्रधानमंत्री बनने तक के समय के अनेक फोटोग्राफ हैं। इनमें उनकी (एनसीसी नेशनल कैडर कोर) कैडेट के रूप में एक फोटो, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की वर्दी में एक फोटो, आपातकाल में अपने गुरु लक्ष्मण राव इनामदार के साथ अपना गणवेश बदले हुए एक सिख के रूप में फोटो शामिल हैं। इन फोटो ग्राफ में उनकी राजनैतिक यात्रा का सफर भी दर्शाया गया है जिसमें 1991 भाजपा अध्यक्ष मुरली मनोहर जोशी द्वारा निकाली गई एकता यात्रा के दौरान श्रीनगर के लाल चौक में तिरंगा फहराने से लेकर तत्कालीन भाजपा अध्यक्ष लालकृष्ण आडवाणी की स्वराज जयंती यात्रा तक की तस्वीरें शामिल हैं। इन सबसे बढ़कर इस पुस्तक द्वारा हमें नरेंद्र मोदी के जीवन की उस कहानी की जानकारी प्राप्त होती है, जिसमें उनकी लगातार मेहनत करने और निरंतर सीखते रहने की दृढ़ इच्छाशक्ति तथा समाज को वह सब लौटा देने की कामना की जानकारी मिलती है, जो उन्होंने भीषण गरीबी और संघर्ष से प्राप्त किया है। 

 



Bringing smiles to every face hindi ad copy %281%29

ऑडियो