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गुरुवार, 24 अगस्त 2017

निगम ने शुरू की नई वेबसाइट

दक्षिणी दिल्ली नगर निगम ने जनता की सेवा को बढ़ाते हुए एक वेबसाइट-एमसीडी डाट गव डाट इन की शुरूआत की।

नई दिल्लीः दक्षिणी दिल्ली नगर निगम ने जनता की सेवा को बढ़ाते हुए एक वेबसाइट-एमसीडी डाट गव डाट इन की शुरूआत की। इस वेबसाइट में लोग चार तरह की सेवाओं का लाभ घर बैठे उठा सकते हैं। इनमें म्युटेशन (संपत्ति के मालिकाना हक का हस्तांतरण) फेरी के लिए शुल्क, घोड़ा गाड़ी के पंजीकरण के लिए शुल्क और तहबाजारी के लिए लाइसेंस शुल्क का भुगतान शामिल है। बुधवार को दक्षिणी दिल्ली नगर निगम के मुख्यालय सिविक सेटर में सासंद व दिल्ली प्रदेश भाजपा अध्यक्ष मनोज तिवारी ने इस वेबसाइट की शुरुआत की। इस मौके पर निगम के आला पदाधिकारियों सुभाष आर्या, मेयर श्याम शर्मा, स्थाई समिति के अध्यक्ष शैलेंद्र सिंह मोंटी और निगम आयुक्त डा पुनीत कुमार गोयल सहित कई अन्य लोग मौजूद थे।

मनोज तिवारी ने कहा कि नई वेबसाइट अधिक इंटर एक्टिव और सूचनाप्रद है। आने वाले समय में इसे सोशल मीडिया के साथ जोड़ा जाना चाहिए ताकि इन सेवाओं पर लोगों की प्रतिक्रिया भी ली जा सके। इस मौके पर उन्होंने निगम के नवनिर्वाचित पाषर्दों और निगम के अधिकारियों को दिल्ली को कूड़ा मुक्त बनाने निगम की सेवाएं डिजीटल करने और डार्क स्पाट को खत्म करने की दिशा में तेजी से काम करने को कहा। तिवारी ने यह भी कहा कि महिला सुरक्षा एक बड़ा मुद्दा है जिसके लिए शहर के सभी डार्क स्पॉट को रोशन करने का काम जल्द पूरा करना है। इसी के साथ दस रुपए थाली भोजन मुहैया कराने की योजना को भी एक महीने के अंदर शुरू करने की बात कही। 

वहीं शैलेंद्र सिंह मोंटी ने कहा कि संपत्ति का एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति के पास हस्तातरण होने से संपत्तिकर के भुगतान की जिम्मेदारी भी नए मालिक के पास आ जाती है। लोग संपत्ति का अपने नाम में म्युटेशन कराने के लिए संपत्तिकर विभाग के कार्यालयों में बार बार चक्कर लगाते हैं और उन्हें कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। ई-म्युटेशन की नई प्रणाली में इसके लिए आवेदन आनलाइन किया जा सकता है और जरूरी दस्तावेज भी अपलोड किए जा सकते हैं। उन्होंने बताया कि यदि इस बारे में कोई संदेह होगा तो इसकी सूचना भी आनलाइन दी जाएगी। 

महापौर श्याम शर्मा ने कहा कि म्युटेशन सर्टिफिकेट जारी करने के लिए आवेदन की तिथि से 15 दिन का समय रखा गया है। इन तय दिनों के अंदर अगर निगम के प्रक्रिया पूरी नहीं की तो आवदेनकर्ता को प्रमाणपत्र जारी कर दिया जाएगा। इस मौके पर सदन के नेता सुभाष आर्य ने कहा कि निगम के डिजीटल कार्यक्रमों की वजह से संपत्तिकर संकलन में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। साल 2016-17 में 901 करोड़ रुपए का संकलन हुआ जो कि 2015-16 के 650 करोड़ रुपए के संकलन से 38 प्रतिशत अधिक है।

निगमायुक्त डा पुनीत गोयल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सोच के अनुसार दक्षिणी दिल्ली निगम डिजिटल इंडिया का उद्देश्य पूरा कर रहा है। उन्होंने कहा कि निगम ने पहले ही बिल्डिंग प्लान की मंजूरी और सामान्य व्यापार लाइसेंसए स्वास्थ्य व्यापार लाइसेंस और फैक्ट्री लाइसेंस जारी करने के लिए आनलाइन सेवा की शुरुआत की थी जिसका अच्छा रिस्पांस भी मिल रहा है।



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