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गुरुवार, 24 अगस्त 2017

भावनात्मक कौशल’ का प्रशिक्षण

महाराष्ट्र पुलिस अपने जवानों को ‘भावनात्मक कौशल’ का प्रशिक्षण देगी।

मुंबई: इस बात को सुनिश्चित करने के लिए कि अनियंत्रित हो सकने वाली परिस्थितियों को संभालने के मामले में पुलिसकर्मियों का रूख संवेदनशील हो ,महाराष्ट्र पुलिस ने अपने कर्मियों के लिए ‘भावनात्मक कौशल’ (ईआई) का प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू किया है।

एक वरिष्ठ अधिकारी ने दावा किया कि प्रदेश पुलिस इस तरह का पाठ्यक्रम शुरू करने वाला देश का पहला पुलिस बल है। उन्होंने कहा कि यह कदम इसलिये उठाया गया क्योंकि अनियंत्रित स्थितियों, भीड़ या लोगों को बिना उचित भावनात्मक समझ के संभालते वक्त अक्सर पुलिसकर्मियों के रवैये की आलोचना होती थी भले ही कानूनी रूप से उनकी कार्रवाई सही हो। अधिकारी ने कहा कि इससे अक्सर जनता के मन में पुलिस की नकारात्मक छवि बनती है इसके बावजूद कर्मचारियों को कानून सम्मत तरीके से ऐसी स्थितियों को संभालने का कौशल और ज्ञान है।

महाराष्ट्र के पुलिस महानिदेशक सतीश माथुर ने बताया कि जनता को पुलिस द्वारा दी जाने वाली सेवाओं में सुधार, उनकी फैसले लेने की क्षमता को बढ़ाने और उनमें आत्मविश्वास की भावना के विकास के लिए राज्य पुलिस ने भावनात्मक कौशल का एक पाठ्यक्रम प्रशिक्षण में शामिल किया है। राज्य के 50 पुलिसकर्मियों के समूह को ईआई में हाल ही में प्रशिक्षित किया गया।

एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने कहा कि यह समूह महाराष्ट्र भर में पुलिस की विभिन्न इकाइयों में जाकर जवानों और अधिकारियों को इस पाठ्यक्रम का प्रशिक्षण देगा। इस समूह ने अब तक 800 अधिकारियों और 2500 पुलिसकर्मियों को प्रशिक्षण दिया है।



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