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मंगलवार, 12 दिसंबर 2017

डेंगू मरीजों के लिए बिस्तर सुरक्षित रखने के निर्देश

दिल्ली सरकार ने अस्पतालों को डेंगू मरीजों के लिए 10 से 20 प्रतिशत बिस्तर सुरक्षित रखने के निर्देश दिए

नई दिल्ली: दिल्ली सरकार ने राष्ट्रीय राजधानी में डेंगू और चिकुनगुनिया के संक्रमण के खतरे को देखते हुए सभी सरकारी अस्पतालों को 10 से 20 प्रतिशत बिस्तर सुरक्षित रखने को कहा है। जिससे इस तरह के मौसमी बुखार से पीड़ित मरीजों को तुरंत इलाज की सुविधा मुहैया करायी जा सके। बिस्तर सुरक्षित रखने के दायरे में निजी अस्पतालों को भी लाया जायेगा। 

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की अध्यक्षता में स्वास्थ्य एवं अन्य संबद्ध विभागों की समीक्षा बैठक में अस्पतालों और सिविक एजेंसियों को जरूरी दिशा निर्देश जारी किये गये। बैठक में शामिल उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने बताया कि बैठक में डेंगू और चिकुनगुनिया का संक्रमण रोकने के लिये सभी विभागों द्वारा किये गये एहतियाती उपायों की रिपोर्ट की समीक्षा की गयी। इसमें पिछले साल बनाये गये 400 फीवर क्लीनिक की तर्ज पर इस साल भी फीवर क्लीनिक बनाने को कहा है।

उन्होंने बताया कि बैठक में केजरीवाल ने स्वास्थ्य विभाग और सिविक एजेंसियों को आपसी सामंजस्य से दिल्ली को मच्छर मुक्त बनाने के लिए एक प्रभावी कार्ययोजना बनाने का निर्देश दिया जिससे राष्ट्रीय राजधानी को पूरी तरह से मच्छर मुक्त बनाया जा सके। इसमें एनसीआर के पड़ोसी राज्यों को भी शामिल करने को कहा है। सिसोदिया ने कहा कि हर साल जुलाई-अगस्त में डेंगू और चिकुनगुनिया फैलने के खतरे को देखते हुये सरकार ने अभी से इस संभावित समस्या के उपजने से रोकने के इंतजाम किये हैं।

सिसोदिया ने कहा कि सभी अस्पतालों को डेंगू और चिकुनगुनिया के लिये आरक्षित रखे गये ‘‘फीवर बेड’’ का ब्यौरा ऑनलाइन दर्ज करने को कहा गया है। इस पर दिल्ली सरकार का स्वास्थ्य विभाग निगरानी रखेगा। उन्होंने कहा कि मरीजों को सरकारी अस्पतालों में ही बेड मिल सकें, इसके लिए सरकार एक नियंत्रण कक्ष भी बनाएगी।

इसके अलावा केजरीवाल ने पिछले साल डेंगू और चिकुनगुनिया के मरीजों से निजी अस्पताल में इलाज का शुल्क सरकार द्वारा तय करने का हवाला देते हुये इस साल भी स्वास्थ्य विभाग को इस हेतु शुल्क तय करने को कहा है। साथ ही डेंगू और चिकनगुनिया के मरीजों के लिये नुकसानदायक साबित होने वाली विशेष वर्ग की दवाओं को इन मरीजों के लिये प्रतिबंधित करने के निर्देश जारी करने दिये गये हैं। उन्होंने कहा कि ब्रूफेन ग्रुप की दवाएं डेंगू और चिकुनगुनिया के लिये हानिकारक साबित होने की रिपोर्ट को देखते हुये निर्धारित समय अवधि के लिये इस साल भी इस वर्ग की दवाओं को संक्रमण फैलने की स्थिति में स्वास्थ्य विभाग को तत्काल प्रभाव से प्रतिबंधित करने की तैयारी रखने को कहा गया है।

इस बीच केजरीवाल ने केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा को भी पत्र लिखकर दिल्ली सरकार द्वारा डेंगू और चिकुनगुनिया के संभावित खतरे से निपटने के लिये किये गये उपायों की जानकारी दी। केजरीवाल ने नड्डा द्वारा गत 9 मई को लिखे पत्र के जवाब में कहा कि दिल्ली में राज्य और केन्द्र सरकार के अलावा नगर निगम के अस्पतालों के साथ आपसी सामंजस्य कायम कर इस साल डेंगू और चिकुनगुनिया का संक्रमण रोकने के हरसंभव प्रयास शुरू कर दिये गये हैं।



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