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गुरुवार, 22 फ़रवरी 2018

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स्वच्छता के लिए भिक्षाटन

3 दिन पहले
हर व्यक्ति का कुछ-न-कुछ सपना होता है। पर कम ही बार ऐसा होता है कि एक सपना व्यक्ति के साथ समाज को भी लाभान्वित करें। कुछ ऐसी ही कर दिखाया है बिहार के सुपौल जिलान्तर्गत पिपरा प्रखंड की एक गरीब महिला ने। समाज को आईना दिखाने और परिवार की इज्जत को ढंकने के लिए 50 वर्षीया अमीना खातून ने भिक्षाटन कर शौचालय बनवा कर मिसाल कायम की है। अमीना ने जब शौचालय का निर्माण करा लिया तो समाज के लोगों ने इसकी जानकारी जिला प्रशासन को दी। प्रशासन की ओर से आयोजित गौरव सभा में अमीना को डीडीसी डॉ. नवल किशोर चौधरी ने सम्मानित किया। इस संबंध में जब अमीना से बातचीत की गई तो वह कुछ कहने से पूर्व भावुक हो गईं। फिर उन्होंने बताया कि उनके पति चार वर्ष पूर्व गुजर गए। साथ ही उस गरीब व लाचार के ऊपर दो बच्चों का जीव...
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सिकांतो मंडल - स्वच्छता ने किया ‘इंस्पायर’

एक सप्ताह पहले
मथुरा के जय गुरुदेव संस्था स्कूल में पढ़ने वाले सिकांतो मंडल के स्कूल में आमतौर पर सभी लड़कियां स्कूल परिसर में झाड़ू लगाकर सफाई करती थीं और लड़के कूड़ा इकट्ठा कर उसे ठिकाना लगाते थे। इस स्थिति को देखकर सिकांतो के मन में एक मशीन बनाने का विचार आया। उसे यह देखकर बुरा लगता था कि पढ़ने की जगह बच्चे स्कूल की सफाई में लग जाते हैं। सिकांतो ने बताया कि इस तरीके को वह खत्म करना चाहता था। उसने पहले अपने आइडिया पर काम किया फिर उसे अपने शिक्षकों को भी दिखाया। सकारात्मक परिणाम मिलने के बाद उसने इंस्पायर अवार्ड के लिए भी अपने प्रोजेक्ट को भेजा। इंस्पायर अवार्ड योजना एक ऐसी राष्ट्रीय स्तर की योजना है, जिसमें कक्षा छह से दसवीं तक एक&nda...
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दीपक सिंह - ऑटो से स्वच्छता संदेश

2 सप्ताह पहले
जयपुर के मेयर अशोक लाहोटी ने एक अनोखा फैसला लेकर ऑटो ड्राइवर दीपक सिंह को स्वच्छता सर्वेक्षण का ब्रांड एंबेसेडर बनाया है। दीपक सिंह न सिर्फ अपने ऑटो में एक डस्टबिन रखते हैं, बल्कि वह लोगों को साफ-सफाई रखने के लिए प्रेरित भी करते हैं। कई बार वह लोगों को पौधे भी बांटते हैं। सफाई और हरियाली बनाए रखने का संदेश देने के कारण लाहोटी ने सिंह को यह काम सौंपा है। लाहोटी का कहना है कि पर्यावरण के लिए लोगों को संवेदनशील बनाने का जो काम सिंह कर रहे हैं, वह तारीफ के लायक है। सिंह को एंबेसेडर बनाने से आम लोग भी उनकी तरह कदम उठाने के लिए प्रेरित होंगे। सिंह ने अपने ऑटो में स्वच्छ भारत का एक लोगो भी लगाया है। लाहोटी ने दीपक सिंह को एक तमग...
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श्रीनिवास राठौर - गोलगप्पे से संवारी बच्चों की जिंदगी

5 सप्ताह पहले
अगर आपके इरादे मजबूत हैं तो आपको मंजिल पाने से कोई रोक नहीं सकता। कड़ी मेहनत व दृढ़ निश्चय से व्यक्ति कुछ भी हासिल कर सकता है। इस बात को गोलगप्पे का ठेला लगाने वाले 49 वर्षीय श्रीनिवास राठौर से साबित कर दिया है। उन्होंने अपने तीन बच्चों की जिंदगी गोलगप्पे बेचकर ही संवार दी है। श्रीनिवास की बड़ी बेटी वकील है तो दूसरे नंबर का बेटा यूपी पुलिस में दारोगा है। वहीं, तीसरा बेटा दिल्ली में ऐथलीट है। तीनों बच्चे अपने पैरों पर खड़े हो चुके हैं। श्रीनिवास कहते हैं कि उनके बच्चे अब उन्हें गोलगप्पे का ठेला लगाने से मना करते हैं, लेकिन वह बिना ठेला लगाए नहीं रह सकते। वह बच्चों से कहते हैं कि इसी गोलगप्पे के ठेले ने तुम्हारे भविष्य को संवारा ह...
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निसार अहमद - भारत का उसेन बोल्ट

6 सप्ताह पहले
दिल्ली की झुग्गियों में रहने वाला 16 साल का निसार अहमद दुनिया के सबसे तेज धावक उसेन बोल्ट के रेसर्स क्लब किंग्स्टन, जमैका स्थित एकेडमी में ट्रेनिंग लेगा। आपको जानकार हैरानी होगी कि निसार के पिता आजादपुर में रिक्शा चलाकर घर का खर्चा चलाते हैं और मां दूसरों के घर बर्तन मांजने-खाना बनाने जाती है। निसार के माता-पिता हर महीने कुल मिलाकर 5 हजार रुपए कमा लेते हैं, लेकिन वह इन सबके बीच अपनी एक अलग पहचान बनाने जा रहा है। हालांकि ये सब निसार के लिए बिल्कुल भी आसान नहीं रहा है। उसको यहां तक पहुंचाने में गैस अथॉरिटी ऑफ इंडिया और स्पोर्ट्स मैनेजमेंट कंपनी एंग्लियन मैडल हंट का बड़ा योगदान रहा है।  गैस अथॉरिटी ऑफ इंडिया और स्पोर्ट्स मैनेजमेंट कंपनी एंग्लियन मै...
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कैंसर पीड़ितों का सपना

9 सप्ताह पहले
दूसरों की सेवा और मदद करना लखनऊ के आशियाना कॉलोनी सेक्टर-एच में रहने वाली सपना उपाध्याय से बखूबी सीखा जा सकता है। सपना कैंसर से जूझ रहे गरीब परिवार के बच्चों के इलाज में 16 साल से मदद कर रही हैं। इलाज के दौरान खून की जरूरत पर घरवालों को इधर-उधर न भटकना पड़े, इसके लिए हर महीने रक्तदान  शिविर लगवाती हैं। गरीब परिवार की महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए कुटीर उद्योग में भी मदद करती हैं और कैंसर से जंग जीत चुके 160 बच्चों की पढ़ाई का खर्च भी उठाती हैं। सपना के पति बिजनेसमैन हैं और बेटी एमिटी यूनिवर्सिटी में पढ़ रही है। उन्हें दूसरों की मदद का खयाल 16 साल पहले आया, जब बेटी को अचानक एक दिन बुखार आ गया। अस्पताल में बेटी के इलाज क...
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समीर सिंह - शहीदों के समीर

10 सप्ताह पहले
अपने लिए तो सभी जीते हैं, लेकिन कोई भी व्यक्ति दूसरों के बारे में नहीं सोचता है। खासकर उनके लिए जो सीमा पर निस्वार्थ भाव से देश की सुरक्षा करते हैं और अपनी जान भारत माता की सेवा में गवां देते हैं। लेकिन आज भी कुछ लोग हैं जो इनके लिए सोचते हैं और कुछ भी करने के लिए हमेशा तत्पर रहते हैं। इन्हीं में से हैं अल्ट्रा मैराथन के धावक समीर सिंह, जो शहीदों के परिवार के लिए 15 हजार किलो मीटर की दौड़ में हिस्सा लेंगे, ताकि इन परिवारों के लिए सहायता राशि जुटा सकें। बता दें कि यह दौड़ सरकार की एक पहल का हिस्सा है। इस पर समीर ने कहा कि उन्हें भारत सरकार की पहल पर भारत के वीर के तहत दौड़ में शामिल होने का निमंत्रण मिला है। यह एक व...
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रेहान कामालोवा - ऊर्जा की बेटी

11 सप्ताह पहले
जब आप हवा से ऊर्जा पैदा कर सकते हैं तो फिर वर्षा के पानी से क्यों नहीं? अपने पिता के इस सवाल से अजरबैजान की 15 वर्षीय लड़की रेहान कामालोवा इस कदर प्रेरित हुई कि उन्होंने इसे हकीकत रूप देने के लिए कंपनी खोल दी। वह हैदराबाद में आयोजित आठवें वैश्विक उद्यमिता सम्मेलन (जीईएस) में हिस्सा लेने वाली सबसे कम उम्र की महिला उद्यमी थी। इस सम्मेलन का थीम 'वूमेन फ‌र्स्ट, प्रॉस्पेरिटी फॉर ऑल' था। नौवीं की छात्रा रेहान उन तीन उद्यमियों में हैं जिनका जिक्र इवांका ट्रंप ने जीईएस के उद्घाटन सत्र में अपने संबोधन में किया था। इवांका ने कहा, 'रेहान महज 15 साल की हैं, लेकिन उनकी कम उम्र बारिश के पानी से ऊर्जा पैदा करने के लिए कंपनी खो...
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स्वच्छता के दूत

12 सप्ताह पहले
हास्य अभिनेता बने स्वच्छ भारत के ब्रांड एंबेसडर ‘भाभी जी घर पर हैं’ सीरियल में डैडू का किरदार निभाने वाले वरिष्ठ हास्य अभिनेता डॉ. राकेश बेदी भी अब स्वच्छ भारत अभियान का ब्रांड एंबेसडर बन गए हैं। अभिनेता राकेश बेदी को चंडीगढ़ नगर निगम कमिश्नर जितेंद्र यादव ने एंबेसडर बनाने का प्रमाण पत्र सौंपा है। इससे पहले नगर निगम स्वर्गीय हास्य कलाकार जसपाल भट्टी की पत्नी सविता भट्टी को भी ब्रांड एंबेसडर बना चुका है। डॉ. राकेश बेदी का ऑडियो भी स्वच्छ भारत मिशन के तहत जागरूक करने के लिए रिकार्ड किया गया है। बेदी ने शहरवासियों से सड़क...
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पोय्यामोझी - ईमानदार पोर्टर

13 सप्ताह पहले
इस कलयुग में जहां पैसों के लिए लोग कुछ भी करने को तैयार हैं। वहीं आज भी कुछ लोग ऐसे भी हैं, जो अपनी ईमानदारी से सबको चकित कर रहे हैं। जी हां, हम बात कर रहे हैं चेन्नई के थंबरम रेलवे स्टेशन पर कार्य करने वाले एक पोर्टर की, जिसने 5 लाख रुपयों से भरे बैग को वापस कर दिया। बता दें कि पोय्यामोझी नाम के पोर्टर पिछले 15 सालों से थंबरम रेलवे स्टेशन पर कार्यरत हैं। उन्होंने अपनी ईमानदारी दिखाते हुए एक यात्री के 5 लाख रुपए से भरे बैग को वापस कर दिया। यह घटना 1 नवंबर की है, जब इस ईमानदार पोर्टर ने रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म संख्या 5 पर एक लावारिस बैग को देखा था। स्टेशन पर लावारिस बैग मिलने के कुछ ही देर पहले इस प्लेटफार्म से सलेम-चेन...
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मेजर देवेंद्र पाल सिंह - करगिल का हीरो बना ब्लेड रनर

15 सप्ताह पहले
करगिल युद्ध में मेजर देवेंद्र पाल सिंह दुश्मनों से लड़ते हुए बुरी तरह से घायल हो चुके थे। एक तोप का गोला उनके नजदीक आ फटा। उन्हें नजदीकी फौजी अस्पताल लाया गया, जहां उन्हें मृत घोषित कर दिया गया। लेकिन 25 वर्ष का वह नौजवान सैनिक मरने को तैयार नहीं था। जब उन्हें नजदीकी मुर्दाघर ले जाया गया तो एक अन्य चिकित्सक ने देखा कि अभी तक उनकी सांसे चल रही है। उन्हें बचाने के लिए उनका एक पैर भी काटना पड़ा। मेजर की इच्छाशक्ति और मजबूत इरादों से उनकी जान तो बच गई लेकिन उन्हें अब एक नया जीवन जीना सीखना था। अस्पताल से छुट्टी मिलने के बाद उन्होंने बैसाखी के सहारे चलना शुरू कर दिया। कुछ समय बाद उनके कृत्रिम पैर लगा दिया गया। देवेंद्र हर रोज सुबह तीन ...
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अलाहिया वंजारा - अपना शौक भूल बचाई बच्चे की जान

16 सप्ताह पहले
मुंबई में माहिम स्थित बॉम्बे स्कॉटिश स्कूल की 13 वर्षीय छात्रा अलाहिया वंजारा ने दो साल के नन्हे बच्चे को फेफड़े के कैंसर से बचाने के लिए करीब डेढ़ लाख रुपए जमा किए। पिछले महीने ही अलाहिया की मां ने उसे वीर पवार के बारे में बताया। वीर का घर अलाहिया के घर के पास ही था। नन्हे वीर को अपनी कैंसर की बीमारी से उबरने के लिए कम से कम चार लाख रुपए की तत्काल जरूरत थी। वीर के माता-पिता की जो हैसियत थी, उसमें इतनी बड़ी रकम का इतनी जल्दी इंतजाम हो जाना आसान बात नहीं थी। यह सब जानने के बाद अलाहिया काफी भावुक हुई और उसने वीर को बचाने के लिए खुद पैसे जमा करने की ठान ली। उसने सबसे पहले अपने पसंदीदा बॉलीवुड स्टार बॉलीवुड स्टार वरुण धवन की कंपनी क...


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