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बुधवार, 19 दिसंबर 2018

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कड़ाके की ठण्ड में 'दीवार-ए-मेहरबानी' ने जरूरतमंदों को दिया सहारा

एक सप्ताह पहले
कड़ाके की ठण्ड से बचने के लिए हम क्या-क्या नहीं करते। लेकिन बेहद गरीबी में जीवन जीने वालों के लिए इस ठण्ड से बचना पत्थर चबाने जैसा होता है। जम्मू कश्मीर जैसे राज्य में जहां सर्दी की रातों में तापमान करीब माइनस 4 डिग्री तक चला जाता है, वहां गरीबों को ठण्ड से बचाने के लिए एक संस्था ने खास पहल की है। 'हू इज हुसैन' नाम की लंदन स्थित इस वैश्विक संस्था ने पुराने कपड़े एक जगह एकत्रित कर उन्हें जरूरतमंदों में बांटने का तरीका निकाला है।
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शौचालय से भी अधिक गंदी जगहें जिसे आप खूब छूते हैं

एक सप्ताह पहले
आजकल की भागदौड़ भरी जिंदगी और अस्वस्थ खानपान के दौर में हम इतना व्यस्त रहते हैं कि स्वच्छता को लेकर बिलकुल बेसिक चीजों का भी खयाल नहीं रखते हैं। लोग अधिकतर समय ट्रेवल करते करते हैं या फिर ऑफिस में बिताते हैं। लेकिन इस बीच उन्हें पता ही नहीं चलता है कि वे दिनभर में कई कीटाणुओं के सम्पर्क में आ जाते हैं और उनका स्वास्थ्य बिगड़ जाता है। आप अक्सर कई ऐसी चीजों को छू लेते हैं जो टॉयलेट से भी ज्यादा गंदी होती हैं। हम आपको बताने जा रहे हैं ऐसी ही चीजों के बारे में ज...
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26 सालों से बेसहारों को खिला रहे हैं खाना

एक सप्ताह पहले
किसी भूखे को खाना खिलाना और प्यासे को पानी पिलाना दुनिया में सबसे बड़ा धर्म और पुण्य का काम माना गया है। पटना के चिरायतंद इलाके में रेडीमेड कपड़ों की एक दुकान चलाने वाले गुरमीत सिंह ऐसा ही धर्म पिछले 26 साल से निभाते आ रहे हैं। वह ऐसे मरीजों को खाना खिलाते हैं जिनके परिवारों ने उन्हें अकेला छोड़ दिया है। गुरमीत पटना मेडिकल कॉलेज और अस्पताल में खुद ही जाकर मरीजों को अपने हाथों से खाना खिलाते ...
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स्वच्छता अभियान | दिल्ली के सभी लेटर बाक्सों की हुई रंगाई

2 सप्ताह पहले
स्वच्छ भारत अभियान के तहत राजधानी के सभी डाकघरों में विशेषकर 16 से 30 नवम्बर तक दिल्ली परिमंडल ने स्वच्छता पखवाड़ा मनाया। इस पखवाड़े में दिल्ली परिमंडल के सभी डाक संभागों, डाकघरों, मेल कार्यालयों ने हिस्सा लिया है। इस अभियान के तहत दिल्ली के 400 लेटर बाक्सों की रंगाई की गई। अभियान के समापन पर मुख्य पोस्टमास्टर जनरल आईन्द्री अनुराग ने बताया, "अभियान के तहत हमने लगभग 400 लेटर बाक्सों की रंगाई की जिससे दिल्ली के सभी लेटर बाक्स नए हो गए हैं। इसके अलावा सभी ...
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स्मार्ट शौचालय बचाएगा खतरनाक बीमारियों से

2 सप्ताह पहले
कैंसर और मधुमेह जैसी खतरनाक बीमारियों के बारे में अगर आपको शुरुआत में ही पता चल जाए तो बचाव संभव है। अब एक अच्छी खबर है कि यूरोपीय अंतरिक्ष एजेंसी और एमआईटी के विशेषज्ञों ने एक ऐसे शौचालय का अविष्‍कार किया है जो इन बीमारियों के बारे में आपको पहले से ही बता देगा।  ये स्‍मार्ट शौचालय आपके मूत्र को ट्रैक करके बीमारी के बारे में पहले से ही संकेत दे देगा। साथ ही यह शौचालय अपशिष्‍ट पदार्थों के उतार-चढ़ाव पर भी नजर रखेगा। 
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पॉलिथीन ड्रेस से प्रदूषण के खिलाफ जंग

2 सप्ताह पहले
लगातार बढ़ रहे प्रदूषण के दौर में पॉलिथीन को बढ़ते प्रदूषण का एक प्रमुख कारण माना जाता है। पॉलिथीन पशुओं के लिए तो खतरनाक है ही, यह मिट्टी में दबकर उसकी उर्वरता को भी समाप्त कर देती है। लेकिन ओडिशा के बारीपदा में एक शख्स बच्चों से लेकर बड़ों तक को पॉलिथीन से फैलने वाले प्रदूषण के बारे में जागरूक कर रहा है और उसे चलता-फिरता डस्टबिन बुलाया जाता है। बारीपदा के स्थानीय निवासी बिष्णु भगत ने पॉलिथीन की एक ड्रेस तैयार की है। वह इस ड्रेस को पहनकर लोगों के बीच पहुंचते हैं...
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प्राचीन आयुर्वेद को बढ़ावा देता आयुर्वेदिक जूस कॉर्नर

2 सप्ताह पहले
कहते हैं कि कोई भी कम छोटा नहीं होता और आप अपने हर काम से लोगों को प्रेरणा दे सकते हैं। ऐसे ही एक शख्स हैं उत्तर प्रदेश के बरेली जिले में रहने वाले सुनील। सुनील जिले के कर्मचारी नगर के चौराहे पर आयुर्वेदिक जूस कॉर्नर चलाते हैं। इस आयुर्वेदिक जूस कॉर्नर की खास बात यह है कि यहां जड़ी-बूटी का जूस मिलता है। इस जूस को पीकर लोग ना केवल स्वस्थ्य हो रहे हैं बल्कि निरंतर बीमारियों से भी बचे हुए हैं।
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शौचालय है या कोई खूबसूरत घर

3 सप्ताह पहले
उत्तर प्रदेश के बरेली जिले में प्रधानमंत्री मोदी के महत्वकांक्षी स्वच्छता अभियान से प्रेरित होकर एक गांव के लोगों ने अपने घर के शौचालयों की तस्वीर ही बदल डाली। जिले के थाना क्षेत्र भोजीपुरा के सागलपुर गांव की महिलाओं ने अपने घर के शौचालयों को खूब सजाया और उनपर कलाकृतियां बना दीं, जिससे कि गांव का नाम रोशन हो और लोगों तक बेहतर संदेश जाए। बरेली प्रशासन ने भी जिले में सबसे बढ़िया शौचालय बनाने वाली इन महिलाओं को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया है। ...
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शादी में शौचालय का उपहार

3 सप्ताह पहले
बेटियों की शादी में दहेज की कुप्रथा सालों से चली आ रही है। लेकिन दुनिया उत्तर प्रदेश के सुल्तानपुर जिले के एक रिटायर्ड शिक्षक ने अपने काम से लोगों को नई प्रेरणा दी है। जूनियर हाई स्कूल प्रतापपुर के अवकाश प्राप्त सहायक अध्यापक बृजलाल कन्नौजिया ने गांव की ही एक बेटी की शादी में टायलेट का सामान और सीट गिफ्ट किया।  सिर्फ इतना ही कनौजिया ने शादी का पूरा खर्च भी उठाया। इलाके के लोग बताते हैं कि कनौजिया पहले भी गरीब बच्चों की शादी में कपड़े, अन्नदान और कई चीजें देते रहे हैं। लेकिन इस बार शौचालय का सामान देकर उन्होंने नई खूबसूरत परंपरा की श...
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जगह-जगह थूक कर गंदगी करने पर लाखों का जुर्माना

3 सप्ताह पहले
स्वच्छता को लेकर सरकारें पूरे देश में जागरूकता फैला रही हैं। पश्चिमी बंगाल सरकार ने इस मुहिम में एक कदम आगे बढ़ाकर 'दि वेस्ट बंगाल कोलकाता म्युनिसिपल कारपोरेशन बिल' पारित करते हुए धारा 394 में संशोधन किया है। संशोधन के तहत कोलकाता में इधर-उधर थूककर शहर को गंदा करने और गंदगी फैलाने वालों पर तगड़ा जुर्माना लगेगा। बिल के तहत शहर को गंदा करने वालों पर न्यूनतम पांच हजार और अधिकतम एक लाख रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा। अगर जुर्माना नहीं भरा तो 5 साल की कैद भुगतनी होगी।
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12 साल के लड़के ने स्वच्छता के लिए पेश की मिसाल, नानी के लिए बनाया शौचालय

3 सप्ताह पहले
स्वच्छता को लेकर एक 12 साल के लड़के ने ऐसी मिसाल पेश की है जिसकी सभी तारीफ कर रहे हैं। बिहार के मोतिहारी जिले के घिवाढार पंचायत में रहने वाले 12 साल के हीरा ने अपनी नानी को खुले में शौच के लिए जाते देख एक शौचालय बनाने की ठान ली। हीरा ने खुद ही खुरपी लेकर गड्ढा खोदना शुरू कर दिया और करीब 4 फिट गहरा गड्ढा खोद डाला।  हीरा ने शौचालय के लिए इतनी कड़ी मेहनत की कि से बुखार तक आ गया। लेकिन इतनी कम उम्र में हीरा का जज्बा देख गांव वालों ने भी उसे सहयोग करना शुरू कर दिया। 
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छठ महापर्व से मिला पर्यावरण स्वच्छता का संदेश

4 सप्ताह पहले
बिहार और उत्तर प्रदेश का लोकपर्व छठ प्रकृति की अराधना का महापर्व है, जो पर्यावरण को स्वच्छ बनाने का संदेश देता है। अनादि काल से मनाए जाने वाले इस पर्व में धरती पर ऊर्जा का संचार करने वाले भगवान भास्कर की पूजा-अर्चना की जाती है। त्योहार से पहले नदी, तालाब, पोखर आदि जलाशयों की सफाई का काम शुरू हो जाता है।  छठ पर्व मनाने का साक्ष्य ऋग्वेद में मिलता है। छठ पूजा का महत्व केवल धार्मिक अथवा लोकजीवन तक ही सीमित नहीं है, बल्कि यह हमारे पर्यावरण और जीवनशैली के बीच के संबंधों को भी रेखांकित करता है। आज जब हमारे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 'स्वच्छ भारत अभियान&...


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