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रविवार, 25 फ़रवरी 2018

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साड़ी पहनकर एडवेंचर

5 दिन पहले
एडवेंचर की शौकीन पुणे की शीतल राणे-महाजन ने थाइलैंड में रंगीन नौवारी साड़ी पहनकर स्काई डाइविंग करने वाली पहली भारतीय महिला बनने का रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया। डाइविंग के बाद शीतल ने कहा कि अनुकूल मौसम होने की वजह से वह विश्व प्रसिद्ध पर्यटक रिसॉर्ट पटाया के ऊपर एक विमान से लगभग 13 हजार फीट की ऊंचाई से दो बार छलांग लगाने में सफल रहीं। उनके ही शब्दों में, ‘मैं अगले महीने आने वाले अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर कुछ अलग करना चाहती थी। इसीलिए मैंने अपने स्काई डाइव के लिए नौवारी साड़ी पहनने का निर्णय लिया।’ उन्होंने अपना अनुभव साझा करते हुए कहा कि यह साड़ी करीब 8.25 मीटर लंबी है, जोकि आम भारतीय साड़ियों से ज्यादा लंबाई की है। अपनी पहली लैंडिंग में थोड़ी लड़खडाई, लेकिन इसे सुरक्...
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सात समंदर पार

5 दिन पहले
पुणे के लंबी दूरी के तैराक रोहन मोरे न्यूजीलैंड के उत्तर और दक्षिण द्वीप के बीच कूक स्ट्रेट को तैरकर पार करने वाले पहले एशियाई और सबसे युवा खिलाड़ी बन गए हैं। उन्होंने यह कारनामा 8 घंटे और 37 मिनट में पूरा कर दिखाया। खराब मौसम के कारण कई दिनों तक इंतजार करने के बाद रोहन को नौ फरवरी को ऐसा करने का मौका मिला। भारत के तैराक रोहन मोरे ओशियन सेवन चैलेंज पूरा करने वाले दुनिया के सबसे युवा स्विमर हैं। उन्होंने इस कारनामे को 32 साल की उम्र में अंजाम दिया। रोहन की की तैराकी के शुरूआती पांच घंटे में लहरें शांत थी और तापमान लगभग 19 डिग्री सेल्सियस था, लेकिन जैसे ही उन्होंने दक्षिण की ओर रूख किया समुद्री तापमान में गिरावट आई और वह चार डिग्री तक पहुंच गया। इस विपरीत स्थिति में भी रोहन घबराए ...
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दीपांजलि डालमिया - छोटी उम्र, बड़ा मुकाम

एक सप्ताह पहले
फोर्ब्स इंडिया ने हाल में ही '30 अंडर 30' की सूची जारी की है। इस  सूची में वे नाम हैं, जो भारत को नई दिशा में ले जाने बड़ी भूमिका निभा रहे हैं। फोर्ब्स ने 15 श्रेणियों को ध्यान में रखते हुए यह सूची बनाई है। इस सूची में भूमि पेडनेकर, साहिल नायक, क्षितिज मारवा, रंजन बोरडोली, गौरव मुंजाल, रोमन सैनी, हिमेश सिंह, रोहित रामसुब्रमण्यन और जसप्रीत बुमराह जैसी 30 हस्तियां के बीच दीपांजलि डालमिया को भी स्थान दिया गया है। दीपांजलि डालमिया ने हेल्थ केयर कंपनी ‘हेडे केयर’ के नाम से शुरू की है। दो साल के अंदर ही उन्होंने और उनकी कंपनी ने बड़ा मुकाम हासिल कर लिया है। 26 साल की दीपांजलि पहले मैनहटन में फाइनें​िशयल कंसल्ट...
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गरिमा सिंह - सेवा की गरिमा

2 सप्ताह पहले
आईएस गरिमा सिंह इन दिनों फिर चर्चा में हैं। झारखंड के हजारीबाग जिले में बतौर डिस्ट्रिक्ट सोशल वेलफेयर ऑफिसर काम कर रहीं गरिमा ने यहां की एक आंगनबाड़ी को गोद लेकर अपने बचत के पैसों से उसकी सूरत ही बदल डाली। दीवारों पर कार्टून, अंग्रेजी और हिंदी के कैरेक्टर्स, बच्चों को आकर्षित करने वाली पेंटिंग करवाई। इसके अलावा अंदर कारपेट, स्पोर्ट्स के सामान, कुर्सी और टेबल भी लगवा दिए। इन सब पर करीब 50 हजार रुपए खर्च हुए हैं। उन्होंने जिस तरह ये सारे कार्य सेवा भाव के साथ आत्मसंतोष के लिए किए, जो प्रशंसनीय तो है ही, अनुकरणीय भी है। यही कारण है कि आज गरिमा की चर्चा अखबारों-टीवी चैनलों से लेकर सोशल मीडिया में खूब हो रही है। उनकी इसी चर्चा ...
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प्रो. जोसेफ पॉलराज - पेटेंट के पॉल ‘राज’

2 सप्ताह पहले
भारत में पैदा हुए व स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी से सेवानिवृत्त प्रो. जोसेफ पॉलराज को अमेरिकी पेटेंट व ट्रेडमार्क कार्यालय (यूएसपीटीओ) ने वायरलेस तकनीक बनाने की जिम्मेदारी सौंपी है। पॉलराज यूएसपीटीओ के नेशनल इंवेंटर्स हॉल ऑफ फेम में हाईस्पीड डाटा का संचार व प्राप्ति के के लिए वायरलेस प्रौद्योगिकी विकसित करेंगे। वाशिंगटन डीसी के अनुसार 73 वर्षीय पॉलराज को वायरलेस प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में उनके अग्रणी कार्य के लिए नेशनल इंवेंटर्स हॉल ऑफ फेम में नियुक्त किया गया है। वे यहां हाईस्पीड डाटा का संचार व प्राप्ति के के लिए वायरलेस प्रौद्योगिकी विकसित करेंगे। 1992 में पॉलराज को मल्टीपल इन मल्टीपल आउट (एमआईएमओ) के आविष्कार के लिए पेटेंट अवार्ड...
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शेष आनंद मधुकर - मधुकर को सम्मान

3 सप्ताह पहले
भाषा के विकास के लिए बड़े पैमाने पर काम कर रहे मगही लेखक शेष आनंद मधुकर को साहित्य अकादमी भाषा सम्मान पुरस्कार से सम्मानित किया गया है। मधुकर को सम्मान स्वरूप साहित्य अकादमी के अध्यक्ष विश्वनाथ प्रसाद तिवारी द्वारा 1 लाख रुपए का एक चेक और एक स्मृति चिन्ह भेंट किया गया। उन्हें यह सम्मान वर्ष 2016 के लिए दिया गया है। बिहार के ग्राम दरियापुर, थाना टिकारी, गया (बिहार) में 8 दिसंबर 1939 में पैदा हुए शेष आनंद मधुकर ने मगही भाषा के विकास हेतु व्यापक कार्य किए हैं। उनकी मगही और हिंदी में पांच से ज्यादा पुस्तकें प्रकाशित हुई हैं। उन्हें सम्मान प्रदान करते हुए अकादमी के अध्यक्ष विश्वनाथ प्रसाद तिवारी ने कहा कि सभी भाषाएं पूज्य होती...
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मुकुल एवं दीप्तांशु मालवीय - रैपर पिकर ब्रदर्स

5 सप्ताह पहले
राजस्थान में सिरोही के दो सगे भाइयों मुकुल एवं दीप्तांशु मालवीय ने अपने नवाचार में रैपर उठाने वाला उपकरण बनाया है। रैपर पिकर मशीन बनाने का विचार उनके दिमाग में उस समय आया जब इन दोनों भाईयों ने बस स्टैंड पर झाड़ू लगाते एक व्यक्ति को बार-बार झुककर वहां बिखरे पाउच, कागज के टुकड़े और वेफर्स के खाली पैकेट को उठाते देखा। उन्हें लगा कि ऐसे कचरे को उठाने के लिए हर बार झुकना उसके लिए कितना मुश्किल होता होगा। यदि कोई स्वचालित मशीन या उपकरण बना लिया जाए तो यह श्रमसाध्य कार्य आसान हो सकता है और उन्होंने बना ली रैपर पिकर मशीन। मुकुल और दीप्तांशु ने बताया कि स्टील बॉडी की यह मशीन बनाकर उन्होंने राष्ट्रीय नव प्रवर्तन प्रतिष्ठान को भेजी थी। वहा...
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जाह्नवी मगांती - पैरों से पेंटिंग का वर्ल्ड रिकॉर्ड

5 सप्ताह पहले
बच्चों में उत्साह काफी ज्यादा होता है। इसी उत्साह में वे कई बार ऐेसा कुछ कर जाते हैं कि दुनिया दांतों तले अंगुली दबाने पर मजबूर हो जाती है। ऐसा ही कुछ कर दिखाया है हैदराबाद की 18 वर्षीया लड़की जाह्नवी मगांती ने। गिनीज व‌र्ल्ड रिकॉर्ड में शामिल होने की कोशिश के तहत हैदराबाद की एक लड़की जाह्नवी ने अपने पैर से 140 वर्गमीटर क्षेत्र पर पेंटिंग की है। जाह्नवी का दावा है कि उसने पैर से सबसे बड़ी पेंटिंग बनाने का रिकॉर्ड बना लिया है। जाह्नवी ब्रिटेन की यूनिवर्सिटी ऑफ वार्विक की छात्रा है और उसने वर्तमान 100 वर्गमीटर पेंटिंग के रिकॉर्ड को तोड़ा है। दिलचस्प है कि जाह्नवी एक कलाकार होने के साथ-साथ नृत्यांगना, शास्त्रीय गायिका औ...
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डॉ. एमएस सुनील - गरीबों के घर की फिक्र

6 सप्ताह पहले
जीव विज्ञान की 57 वर्षीया रिटायर्ड प्रोफेसर डॉ. एम.एस सुनील समाज की भलाई के लिए एक अनूठा काम कर रही हैं। गरीबों की सेवा के तहत पिछले 11 वर्षों में उन्होंने 78 गरीबों के लिए नए घर बनाए हैं। यह उस इलाके में समाज सेवा का एक बेहतरीन उदाहरण है, जहां खाड़ी के देशों में काम करने वालों के पैसों से ग्रामीण इलाकों में आलीशान घर खड़े हैं। उनके इस परोपकारी काम की शुरुआत 2006 में उस समय हुई थी, जब उन्हें पता चला कि उनके कुछ गरीब छात्र टूटे-फूटे, असुरक्षित घर में रहते हैं। तब उन्होंने इसमें सुधार करने का फैसला किया। इसके बाद उन्होंने कभी पीछे पलटकर नहीं देखा। उन्होंने अपने गृह जिले पथानमथिट्टा में 77 घरों का निर्माण किया और एक घर पास के जिले ...
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स्वच्छता का अरमान

7 सप्ताह पहले
अरमान गुप्ता पांचवी कक्षा का छात्र है। पर वह एक मामूली स्कूली छात्र भर नहीं है। उसने कम उम्र में ही अपनी सोच औप उपलब्धि से काफी नाम और यश कमा लिया है। अरमान को स्वच्छता काफी पसंद है। वह इसके बारे में हमेशा कुछ न कुछ सोचता रहता है। मुंबई निवासी अरमान एक बार अरमान घर में बैठा जूस पी रहा था। तभी उसके हाथ से असावधानी के कारण जूस गिर गया। इससे गंदा हुए फर्श को देखकर उसे बहुत बुरा लगा। अरमान ने उस समय खुद ही गंदा हुए फर्श की सफाई करने का फैसला लिया। पर उस समय से ही वह सोचने लगा कि घर-परिवार में इस तरह की समस्या आए दिन आते रहती है, सो बेहतर हो कि इसका कोई बेहतर समाधान खोजा जाए। इस दिशा में सोचते हुए अरमान ने एक एेसी रिमोट क्लीनिंग मशीन बनाई, जो खुद से सफाई और पोछे...
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कंचनमाला पांडे - पैरा स्विमर ने रचा इतिहास

9 सप्ताह पहले
कंचनमाला पांडे का नाम हाल में सुर्खियों में तब आया जब उसने मैक्सिको में वर्ल्ड पैरा स्विमिंग चैंपियनशिप में इतिहास रच दिया। नागपुर की कंचनमाला इस चैंपियनशिप में गोल्ड मेडल जीतने वाली भारत की पहली तैराक हैं। कंचनमाला ने एस-11 वर्ग के 200 मीटर मेडले इवेंट में शीर्ष स्थान हासिल किया। आज कंचनमाला देश भर में बच्चों के बीच घूम रही हैं और बता रही हैं कि अभाव और मुश्किलों के बावजूद अगर कोई प्रण कर ले तो सफलता पा सकता है। इसके लिए वह खुद अपना उदाहरण देती है और अपने संघर्ष के बारे में कई दिलचस्प बातें शेयर करती है। रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (आरबीआई) में कार्यरत कंचनमाला को वर्ल्ड पैरा स्विमिंग चैंपियनशिप में मेडल जीतने की उम्मीद जरूर थी, लेकि...
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गुरबीर सिंह ग्रेवाल - न्यू जर्सी के ग्रेवाल

9 सप्ताह पहले
अमेरिका के न्यू जर्सी प्रांत में प्रमुख सिख-अमेरिकी वकील गुरबीर सिंह ग्रेवाल को अगले अटार्नी जनरल के तौर पर नामित किया गया है। ग्रेवाल सरकारी वकील हैं जो पहले न्यूयॉर्क और न्यू जर्सी में बतौर सहायक अमेरिकी अटार्नी सेवा दे चुके हैं। न्यू जर्सी के निर्वाचित गवर्नर फिल मर्फी ने ग्रेवाल को अटर्नी जनरल के लिए नामित किया गया था। इस नामांकन के साथ ग्रेवाल पहले ऐसे सिख-अमेरिकी होंगे जो राज्य में अटार्नी जनरल की कमान संभालेंगे। ग्रेवाल ने कहा कि उन्होंने उस देश को वापस लौटाने के लिए सेवा देने का फैसला किया है, जिसने उन्हें और दूसरे प्रवासी परिवारों को बहुत कुछ दिया है। उन्होंने कहा, 'मैं लोगों को यह भी दिखाना चाहता था कि मैं और मेरे ...


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