sulabh swatchh bharat

बुधवार, 14 नवंबर 2018

astronauts-will-walk-in-space

अंतरिक्ष यात्री अंतरिक्ष में करेंगे चहलकदमी

26 सप्ताह पहले
नासा के दो अंतरिक्ष यात्री तापीय नियंत्रण उपकरण से निकलकर 16 मई को अंतरिक्ष में चहलकदमी करने के लिए तैयार हैं। नासा ने सोमवार को एक ब्लॉग पोस्ट में कहा कि यह चहलकदमी अनुभवी अंतरिक्ष यात्री रिकी अर्नाल्ड व ड्र फ्यूसटेल करेंगे। पोस्ट में कहा गया है कि दोनों अंतरिक्ष यात्री दूसरी बार 14 जून को अंतरिक्ष में चहलकदमी करेंगे।  केंद्र के अधिकारी नासा टीवी पर आगामी अंतरिक्ष चहलकदमी की समीक्षा करेंगे। पहले अंतरिक्ष चहलकदमी के सिर्फ चार दिन बाद 20 मई को आर्टिबल एटीके कक्षीय प्रयोगशाला के लिए चार दिन की यात्रा पर इसकी रिसप्लाई उड़ान शुरू करने की योजना बना रहा है। नासा ने कहा कि कार्गो मिशन के लिए आर्टिबल एटीके वर्जीनिया के वालप्स फ्लाइ...
will-survive-forever

क्या हमेशा के लिए अस्त होगा सूरज

26 सप्ताह पहले
सूरज को लेकर कुछ वैज्ञानिकों ने बड़ी भविष्यवाणी की है। उनका कहना है कि आने वाले 10 अरब साल बाद सूरज इंटरस्टेलर गैस और धूल का एक चमकदार छल्ला बन जाएगा। इस प्रक्रिया को ग्रहों की निहारिका (प्लेनेटरी नेबुला) के तौर पर जाना जाता है। प्लेनेटरी नेबुला सभी तारों की 90 प्रतिशत सक्रियता की समाप्ति का संकेत देता है। हालांकि कई साल तक वैज्ञानिक इस बारे में निश्चित नहीं थे कि हमारी आकाशगंगा में मौजूद सूरज भी इसी तरह से खत्म हो जाएगा। सूरज के बारे में माना जाता रहा कि इसका भार इतना कम है कि इससे साफ दिख सकने वाले ग्रहों की निहारिका बन पाना मुश्किल है। इस संभावना का पता लगाने के लिए वैज्ञानिकों की टीम ने डेटा-प्रारूप वाला एक नया ग्रह विकसित क...
nasa-to-launch-new-aircraft-on-mars

मंगल पर नया यान भेजेगा नासा

26 सप्ताह पहले
अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा जल्द ही लाल ग्रह पर एक नया अंतरिक्ष यान भेज रहा है जो मंगल की अंदरूनी संरचना का गहराई से अध्ययन कर यह पता लगाएगा कि किस तरह से चट्टानी ग्रह और उनके चंद्रमाओं का निर्माण होता है।   पहली बार अंतरिक्ष यान को अमेरिका के पश्चिमी तट से प्रक्षेपित किया जाएगा। अमेरिका के अधिकतर इंटरप्लैनिटरी मिशन फ्लॉरिडा के कैनेडी स्पेस सेंटर (केएससी ) से उड़ान भरते हैं। जो कि देश के पूर्वी तट पर स्थित है। 5 मई को वॉन्डनबर्ग एयरफोर्स बेस से पहला ऐतिहासिक इंटरप्लैनिटरी मिशन लॉन्च होगा।  इस 57.3 मीटर लंबे यूनाइटेड लॉन्च अलाइंस ऐटलस 5 रॉकेट में नासा के सीस्मिक इन्वेस्टिगेशन्स का इस्तेमाल करते हुए इ...
luxury-hotels-in-space

स्पेस में बन रहा है लग्जरी होटल

26 सप्ताह पहले
देश-विदेश घूमना अगर आपको सामान्य लगता है तो भविष्य आपके लिए कुछ नया लेकर आ रहा है। दरअसल, 2022 तक स्पेस में एक ऐसा लग्जरी होटल बनाने का दावा किया जा रहा है जिसमें कोई भी जाकर रह सकेगा। हालांकि, इसके लिए आपको अभी से तैयारियां शुरू करनी होंगी, क्योंकि यात्रा करवाने वाली कंपनी इसके लिए करोड़ों रुपए वसूलेगी। अमेरिका के टेक्सस राज्य की कंपनी 'ओरियन स्पैन' इसकी तैयारियों में लगी है। इस स्टार्टअप ने घोषणा की है कि वह स्पेस का पहला लग्जरी होटल बनाने जा रहे हैं जो 2021 में लॉन्च होगा और 2022 तक आम लोगों के लिए खुल जाएगा। जानकारी के मुताबिक, होटेल में दो क्रू मेंबर और चार यात्रियों के लिए जगह होगी। पूरी यात्रा कुल 12 दिन की...
wasteland-israel-in-the-desert

मरुभूमि में पानीदार इजराइल

28 सप्ताह पहले
  फिलीस्तीन में पानी का संकट कुदरती नहीं है। हालांकि फिलिस्तीन की सरकार, अंतरराष्ट्रीय समुदाय, यहां तक की वहां का साहित्य भी यह कहता है कि फिलिस्तीन का जल संकट, क्षेत्रीय जलवायु की देन है। असल में फिलिस्तीन का जल संकट, इजरायली किबुत्जों द्वारा फिलिस्तीन के जल स्त्रोतों पर नियंत्रण के कारण है। फिलिस्तीन के पश्चिमी तट के साझे स्त्रोतों का 85 प्रतिशत पानी इजरायली ही उपयोग कर रहे हैं। उन्होंने ऑक्युपाइड पैलस्टिन टेरीटरी (ओपीटी) के इलाके के लोगों को जलापूर्ति के लिए, इजरायल पर निर्भर रहने को मजबूर कर दिया है। एक ओर ग्रामीण फिलिस्तीनियों को बहता पानी नसीब तक नहीं है। दूसरी ओर फिलिस्तीन में बाहर से आकर बसे इजरायलियों के पास बड़े-बड़े फार्म, हर...
malaria-free-europe

मलेरिया मुक्त यूरोप

29 सप्ताह पहले
दरअसल, जिस दौर में भारत दुनिया की बहुत बड़ी ताकत होने का सपना देख रहा है, उसी दौर में मच्छरों ने उसकी नाक में दम कर रखा है। इसके उलट पड़ोसी देश श्रीलंका दक्षिण-पूर्व एशिया में मालदीव के बाद मलेरिया मुक्त होने वाला दूसरा देश बन गया है। इसके अलावा संयुक्त अरब अमीरात, मोरक्को, आर्मिनिया, तुर्कमेनिस्तान जैसे कई देश हैं, जिन्होंने पिछले सात-आठ सालों में मलेरिया से मुक्ति पाई है। हाल ही में पूरे यूरोप क्षेत्र को भी मलेरिया मुक्त घोषित किया गया है। यह दुनिया में पहला क्षेत्र है,जिसे मलेरिया मुक्त घोषित किया गया है। यूरोप में 1995 में मलेरिया के 90 हजार 712 मामले सामने आए थे, लेकिन दो दशक में यह गिनती शून्य हो गया। हम आजादी के पहले और उ...
person-of-indian-origin-pride-of-birmingham

भारतीय मूल के व्यक्ति को 'प्राइड ऑफ बर्मिंघम'

32 सप्ताह पहले
बर्मिंघम में रहने वाले भारतीय मूल के एक व्यक्ति को इस साल 'प्राइड आफ बर्मिंघम' बहादुरी पुरस्कार के लिए चुना गया है। इस व्यक्ति ने बीते वर्ष बार्सिलोना आतंकी हमले में गंभीर रूप से घायल एक लड़के की मदद करते वक्त अपनी जान जोखिम में डाली थी। उत्तर पश्चिम बर्मिंघम के ग्रेट बार क्षेत्र में परियोजना प्रबंधक हैरी अटवाल अपनी बहन किंडे देहर सहित मित्रों तथा परिवार के साथ स्पेन में छुट्टियां मना रहे थे। तभी एक आतंकवादी ने बार्सिलोना के प्रसिद्ध पर्यटक स्थल लास रामबलास में पैदल यात्रियों को एक वैन से टक्कर मारी थी। जिसमें 13 लोगों की मौत हो गई थी, जबकि सैकड़ों घायल हुए थे। अटवाल सात साल के जुलियन एलेसांड्रो कैडमैन की मदद के ल...
gene-changes-behavior-by-living-in-space

स्पेस में रहने से बदल जाता है जीन का बर्ताव

32 सप्ताह पहले
दुनियाभर के 200 से ज्यादा अनुसंधाकर्ता इस वक्त दुनिया के इकलौते जुड़वां अंतरिक्षयात्रियों स्कॉट केली और मार्क केली के बारे में अध्ययन करने में जुटे हैं। इस दौरान केली बंधुओं की जीवन पद्धति, रोगों से लड़ने की क्षमता, देखने की क्षमता, हड्डियों की बनावट, डीएनए और गट बैक्टीरिया किस तरह से काम करता है इसकी छानबीन और समीक्षा की जा रही है। ऐसा इसीलिए किया जा रहा है, क्योंकि नासा एक ऐसे प्रॉजेक्ट पर काम कर रहा है जिसमें स्पेस में रहने पर इंसान के शरीर पर क्या प्रभाव पड़ता है इस बारे में अध्ययन किया जा रहा है। यह एक्सपेरिमेंट इसीलिए सफल हो पाया, क्योंकि स्कॉट और मार्क केली सिर्फ ट्विंज नहीं, बल्कि आइडेंटिकल ट्विंज हैं, यानी दोनों ...
isro-will-build-house-on-moon

इसरो बनाएगा चांद पर घर

35 सप्ताह पहले
छुट्टी मनाने के लिए हर कोई अच्छी जगहों पर जाना और वहां घूमना पसंद करता है। लोग देश-विदेश घूमने जाते हैं और वहां के मनोरम दृश्यों का आनंद उठाते हैं, लेकिन अब आप घूमने के लिए चांद पर जाने की भी तैयारी कर सकते हैं। जल्द ही भारतीय अंतरिक्ष रिसर्च ऑर्गेनाइजेशन चांद पर घर बनाएगा, जहां जाकर आप कुछ दिन ठहर पाएंगे। आने वाले कुछ सालों में इसरो चांद पर इग्लू (बर्फ के घर) बनाने की शुरुआत करेगा। इसके लिए 3डी प्रिंटर और रोबोट को चांद पर भेजा जाएगा। इग्लू बनाने में चांद की मिट्टी और अन्य पदार्थों का इस्तेमाल होगा। इसरो सैटेलाइट सेंटर के डायरेक्टर एम. अन्नादुरै ने इग्लू की तुलना अंटार्कटिका में बने भारतीय चौकियों से की है। उन्होंने बताया...
international-space-station-will-have-privatization

अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन का होगा निजीकरण

35 सप्ताह पहले
अमेरिका अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन का निजीकरण करने का इच्छुक है, क्योंकि वह आने वाले कुछ वर्षों में इस महंगे अंतरिक्ष कार्यक्रम का वित्तपोषण बंद करना चाहता है। द वॉशिंगटन पोस्ट की खबर में यह दावा किया गया है। अंतरिक्ष स्टेशन पृथ्वी की निचली कक्षा में है और इसका संचालन अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा करती है। इस स्टेशन को नासा ने अपने रूसी समकक्ष के साथ मिल कर संयुक्त रूप से विकसित किया है। कहा गया है कि अमेरिका की योजना आईएसएस के निजीकरण की है। आईएसएस में पृथ्वी की निचली कक्षा के वायुमंडल में वैज्ञानिक अध्ययन करने के लिए कनाडा, यूरोपीय और जापानी अंतरिक्ष एजेंसियों के सहयोग से अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञ काम कर रहे हैं। ...
revenge-of-modernity-and-cleanliness-of-europe

आधुनिकता और स्वच्छता से बदला यूरोप का देहात

38 सप्ताह पहले
प्रागैतिहासिक मानव में सामूहिक ज्ञान का संचार कृषि के विकास के कारण हुआ। जब तक पहिए और पहिए से चलनेवाली गाड़ियों का आविष्कार नहीं हुआ था, मानव जाति को भारी सामान ढोने के लिए श्रम की आवश्यकता पड़ती थी। ईंटों का आविष्कार भी नहीं हुआ था। सोलहवीं शताब्दी के बाद नाव द्वारा यात्राओं ने इंग्लैंड की आर्थिक स्थिति को बदलना शुरू कर दिया था। बदलाव के ये चरण और उनके नतीजे अठारहवीं और उन्नीसवीं शताब्दी तक आते-आते क्रांतिकारी साबित होने लगे। चर्च बनाने का रिवाज कमजोर पड़ने लगा। इसका स्थान बड़े-बड़े सुंदर घरों ने लेना शुरू किया। सड़कें बनने लगीं। नालों और शौचालयों की व्यवस्था की व्यवस्था भी सामूहिकता के आधार पर शुरू हुई। घरों में तो नहीं पर गांवों में सार्वजानिक शौचालय और स्नानगृह बनने लगे। इस तरह ...
europe-over-delays-of-cleanliness

स्वच्छता की डगर पर देरी से पहुंचा यूरोप

38 सप्ताह पहले
शिष्ट, अनुशासित और स्वच्छ जीवनशैली के लिए जाने जाने वाले आधुनिक यूरोप में स्वच्छता की संस्कृति का विकास एक आधुनिक परिघटना है। रोमन सभ्यता के पतन के बाद लंबे समय तक यूरोप में शौचालयों की व्यवस्था का अभाव रहा। स्थिति इतनी विकट थी कि ग्यारहवीं शताब्दी तक लोग सड़कों पर मल फेंक दिया करते थे। कई स्थानों पर घरों में मल करने के बाद उसे खिड़की से बाहर फेंक दिया जाता था, जिससे आने-जाने वालों को काफी असुविधा का सामना करना पड़ता था। इस काल में लोग कहीं भी मूत्रत्याग कर देते थे। सड़कों के किनारे से लेकर बेडरूम तक में। यूरोप में छठी शताब्दी से लेकर सोलहवीं शताब्दी तक का काल अंधकार का काल था, जिसमें सर्वत्र अज्ञान और अंधविश्वास का बोलबाला था। इस पूरे कालखंड में मनुष्य के मल के निस्तारण की कोई उपयुक्त...


Bringing smiles to every face hindi ad copy %281%29

ऑडियो