sulabh swatchh bharat

शनिवार, 21 अक्टूबर 2017

electricity-bill-will-decrease-by-cooling

'कूलिंग' से घटेगा बिजली का बिल

2 दिन पहले
क्या आपने कभी सोचा है कि आपके मकान में एयर कंडीशनर बिना बिजली के काम कर सकता है? मगर अमेरिका के स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं का कहना है कि हां, ऐसा हो सकता है।  शोधकर्ताओं ने कहा कि ऐसा रेडिएटिव स्काई कूलिंग की तकनीक से संभव है। कूलिंग टूल एक नई कोटिंग सामग्री से विकसित किया गया है। शोध रिपोर्ट के प्रमुख सह-लेखक यानी मुंबई में जन्मे आस्वथ रमन ने कहा, ‘रेडिएटिव स्काई कूलिंग हमारे वातावरण की प्राकृतिक संपत्ति का लाभ उठाती है। यदि आप गर्मी को अवरक्त विकिरण के रूप में किसी ठंडी चीज में डाल सकते हैं, जैसे कि बाहरी अंतरिक्ष तो आप बिजली के बिना किसी भी एक इमारत को ठंडा कर सकते हैं। इसके बाद यह पूरे परिवेश में ...
beautification-of-mahim-chowpatty

माहिम चौपाटी का सौंदर्यीकरण

2 दिन पहले
मुंबई को अब एक और खूबसूरत चौपाटी मिलेगी। गिरगांव, जुहू और वर्सोवा के बाद माहिम चौपाटी का सौंदर्यीकरण किया जाएगा। माहिम चौपाटी पहले से ही मौजूद है, लेकिन उसका रख रखाव उस तरह से नहीं हो पा रहा था, जो बाकी चौपाटी का मुकाबला कर सके। राज्य के उद्योग मंत्री सुभाष देसाई ने इस चौपाटी पर आयोजित स्वच्छता अभियान कार्यक्रम में कहा कि चौपाटी को न केवल स्वच्छ रखा जाएगा, बल्कि इसका सौन्दर्यीकरण भी किया जाएगा ताकि पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र बन सके। देसाई ने कहा कि सबसे पहले माहिम किले की मरम्मती जरुरी है। उसके बाद समुद्र किनारे की नियमित सफाई पर ध्यान दिया जाएगा। स्थानीय नागरिकों के लिए स्वच्छता गृह का भी निर्माण किया जाएगा। सामान्य जनता में ...
12-lakh-pregnant-women-get-nutritious-food

12 लाख गर्भवती महिलाओं को मिलेगा पौष्टिक भोजन

एक सप्ताह पहले
कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने 'मथरु पूर्णा' योजना को हरी झंडी दिखाई है। इस योजना के तहत करीब 12 लाख गर्भवती महिलाओं के साथ स्तनपान कराने वाली माताओं को पौष्टिक भोजन प्रदान किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने योजना की शुरुआत करते हुए कहा, ‘इस योजना का उद्देश्य महिलाओं और बच्चों के अंदर कुपोषण को कम करना है।’ सिद्धारमैया ने कहा, ‘इस योजना के तहत महिलाओं को पोषण की खुराक, परामर्श और अन्य मातृत्व लाभ आंगनवाड़ियों के जरिए दिए जाएंगे।’ राज्य सरकार ने वित्त वर्ष 2017-2018 के लिए कर्नाटक के सभी 30 जिलों में इस योजना को लागू करने के लिए 302 करोड़ रुपए का प्रावधान रखा है। कर्नाटक सरकार के मुताब...
your-age-will-increase-four-cups-of-coffee

चार कप कॉफी बढ़ाएगी आपकी उम्र

एक सप्ताह पहले
यदि आप लंबे समय तक जीवित रहना चाहते हैं तो प्रत्येक दिन 4 कप कॉफी का सेवन कीजिए। ऐसा हम नहीं एक रिसर्च में कहा गया है। निष्कर्षों से पता चला है कि जो लोग प्रति दिन कम से कम चार कप कॉफी का सेवन करते हैं, उनमें मृत्यु की संभावना 64 प्रतिशत तक कम हो जाती है और वहीं 2 कप कॉफी प्रति दिन पीने से 22 प्रतिशत तक मृत्युदर कम हो जाती है। स्पेन के डी नवारो अस्पताल के कार्डियोलॉजिस्ट एडेला नवारो ने कहा कि कॉफी दुनिया भर में सबसे अधिक खपत पेय पदार्थों में से एक है। हमने कॉफी पीने वाले लोगों, विशेषकर 45 वर्ष और उससे अधिक लोगों के मृत्युदर में कमी पाई, जिसके परिणाम बार्सिलोना में यूरोपीय सोसायटी ऑफ कार्डियोलॉजी कांग्रेस में प्रस्तुत किए गए थे। ...
survey-of-birds-in-chhattisgarh

छत्तीसगढ़ में पक्षियों का प्रदेशव्यापी सर्वेक्षण

3 सप्ताह पहले
छत्तीसगढ़ में देश-विदेश से आने वाले प्रवासी पक्षियों को वैज्ञानिक तरीके से चिह्नंकित और सूचीबद्ध करने और उन्हें संरक्षण देने के लिए मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह की प्रेरणा से छत्तीसगढ़ सरकार के वन विभाग ने व्यापक सर्वेक्षण की योजना बनाई है।  वन विभाग द्वारा यह सर्वेक्षण मार्च 2018 तक पूर्ण करने का लक्ष्य है। पक्षियों का यह राज्यव्यापी सर्वेक्षण वन विभाग द्वारा पक्षी गणना के लिए कार्यरत बेंगलुरू (कर्नाटक) की संस्था बर्ड काउंट इंडिया के सहयोग से किया जाएगा। बर्ड काउंट विभिन्न संस्थाओं का एक संघ है। भारतीय वन्य जीव संस्थान देहरादून और बॉम्बे नेचुरल हिस्ट्री सोसायटी तथा सलीम अली सेंटर फॉर नेचुरल हिस्ट्री जैसी संस्थाएं बर्ड क...
varanasi-will-become-the-biggest-hub-for-cancer-treatment

कैंसर के इलाज के लिए सबसे बड़ा हब बनेगा वाराणसी

3 सप्ताह पहले
उत्तर प्रदेश की धार्मिक नगरी वाराणसी को कैंसर हब के रूप में विकसित करने की कवायद रेलवे ने शुरू कर दी है। इसकी कमान नए रेल मंत्री पीयूष गोयल के हाथों में है। डीजल रेल इंजन कारखाना (डीएलडब्ल्यू) से जुड़े सूत्रों की मानें तो मुंबई के बाद वाराणसी अब कैंसर के बेहतर इलाज का दूसरा सबसे बड़ा हब बनने जा रहा है। इससे पूर्वोत्तर भारत के कई राज्यों के कैंसर पीड़ित मरीजों को इलाज में मदद मिलेगी।  डीएलडब्ल्यू से जुड़े एक वरिष्ठ अधिकारी ने नाम न उजागर करने की शर्त पर बताया कि टाटा मेमोरियल सेंटर (टीएमसी) यहां एक नहीं, दो कैंसर अस्पताल संचालित करेगा। इसके बाद पूर्वोत्तर भारत में पंडित महामना मदन मोहन मालवीय कैंसर सेंटर के बाद कैंसर ...
saputara-monsoon-celebration-attracts-tourists

पर्यटकों को लुभाता है सापुतारा मॉनसून उत्सव

4 सप्ताह पहले
गुजरात के इकलौते हिल स्टेशन सापुतारा में एक महीने तक चलने वाला मानसून उत्सव पर्यटकों एवं घूमने-फिरने के शौकीन लोगों के लिए आकर्षक जगह है। मॉनसून उत्सव में रिमझिम बारिश के बीच प्रदर्शनी, साहसिक गतिविधियों, सांस्कृतिक कार्यक्रमों, भोजन महोत्सव, इंटरैक्विट, खेल, प्रतियोगिताएं, फ्लैश मॉब तो पर्यटकों को आकर्षित करते ही हैं साथ ही बोट राइडिंग और रोप-वे का लुत्फ भी उठाया जा सकता है।  एक महीने तक चलने वाला मानसून उत्सव इस साल 10 सितंबर को खत्म हो गया, लेकिन पहाड़ियों में आनंद का लुत्फ उठाने वाले अगले साल मानसून उत्सव में शामिल हो सकते हैं।  गुजरात पर्यटन निगम के प्रबंध निदेशक जेनू देवान ने कहा, "टूरिज्म ऑफ ग...
himachal-pradesh-now-among-eco-friendly-states

हिमाचल प्रदेश अब इको-फ्रेंडली राज्यों में शुमार

4 सप्ताह पहले
हिमाचल प्रदेश में पर्वतीय और वन क्षेत्र काफी है। इस कारण जहां इस राज्य को प्रकृति का अप्रतिम वरदान प्राप्त है, वहीं इसकी सुरक्षा नए दौर में वहां एक चुनौती का रूप भी ले चुकी है। प्रदेश में पर्वतीय और वन क्षेत्रों में लकड़ियों के लिए पेड़ों की कटाई एक बड़ी समस्या रही है। ऐसा नहीं कि वहां यह सिर्फ व्यावसायिक कारणों से ही होता है। असल में लकड़ियों को सस्ते ईंधन के साधन के तौर पर देखने की एक नई परंपरा ही विकसित हो गई है। इस कारण वहां पर्यावरणीय स्थिति में तो गंभीर बदलाव आ ही रहे हैं, खासतौर पर घरों में महिलाओं के स्वास्थ्य पर गहरा असर देखा जा रहा है। ऐसे में प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना हिमाचल प्रदेश में पहाड़ी क्षेत्रों में ईंधन के लि...
poor-patients-will-get-free-meals

गरीब मरीजों को मिलेगा मुफ्त भोजन

5 सप्ताह पहले
गरीब मरीजों के परिजनों के लिए नागपुर के मेडिकल कॉलेज अस्पताल में दीनदयाल लंच बॉक्स परियोजना का शुभारंभ किया गया। दूर-दराज गांवों से अस्पतालों में इलाज के लिए आने वाली मरीजों को खाने-पीने की सुविधा तो अस्पतालों की ओर से हो जाती है, लेकिन सबसे ज्यादा संकट का सामना उनके परिजनों को होता है। उन्हें दवा आदि सहित अन्य सारी समस्याओं से मुकाबला करना पड़ता है। खास कर उनके सामने खाने और रहने की समस्या बनी रहती है। इसी परेशानी को ध्यान में रखकर दीनदयाल लंच बॉक्स परियोजना की शुरुआत की गई है। इस संस्था का कहना है कि किसी भी परिजन को अब भूखे नहीं सोना पड़ेगा। इसका आरंभ गौरक्षा सभा के अध्यक्ष श्रीपाद रिसालदार ने किया। इस मौके पर इंटरनेशनल ट्रॉपिक...
resolution-to-free-the-state-from-pollution

राज्य को प्रदूषण मुक्त करने का संकल्प

5 सप्ताह पहले
महाराष्ट्र सरकार ने पूरे प्रदेश को वर्ष 2022 तक प्रदूषण मुक्त करने का संकल्प दोहराया और कहा कि इसकी जिम्मेदारी अब नगरपालिका, महानगरपालिका तथा अन्य स्थानीय निकाय को भी दी जाएगी।  सरकार का कहना है है कि प्रदूषण मुक्त अभियान में जब तक आम आदमी की हिस्सेदारी नहीं होगी, इस लक्ष्य को पाने में कठिनाई का सामना करना पड़ेगा। पर्यावरण विभाग के राज्यमंत्री प्रवीण पोटे ने स्पष्ट कहा कि सरकार अपने इस संकल्प के साथ काम कर रही है कि लोगों को साफ़ हवा सांस लेने को मिले ताकि आने वाली पीढ़ी को बेहतर जीवन दिया जा सके। इसके लिए प्रदूषण नियंत्रण विभाग के तहत एक अभियान चलाकर प्रदूषण मुक्त महाराष्ट्र बनाने पर जोर दिया जाएगा।  एक रिप...
police-will-provide-sound-monitor

पुलिस को साउंड मॉनिटर मुहैया होगा

6 सप्ताह पहले
पश्चिम बंगाल प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ध्वनि प्रदूषण पर लगाम लगाने के लिए कोलकाता व अन्य जिलों की पुलिस को 700 से अधिक साउंड मॉनिटर मुहैया कराएगा। एक अधिकारी ने बुधवार को यह जानकारी दी। पश्चिम बंगाल प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अध्यक्ष कल्याण रुद्र ने आईएएनएस को बताया, ‘हमने इन डिवाइसों की खरीद कर ली है और अब इसकी कोलकाता, हावड़ा और अन्य जिलों की पुलिस को आपूर्ति की जा रही है, ताकि वे नियमित रूप से आवाज के स्तर की निगरानी कर सकें।’ उन्होंने कहा कि त्योहारी अवधि को देखते हुए यह अभियान शुरू किया गया है ताकि आवाज के स्तर को डेसिबल सीमाओं के अंदर रखने का अनुपालन किया जा सके। रुद्र ने बताया कि इनमें से प्रत्येक डिवाइस की...
27-years-dug-pond

27 साल में खोद डाला तालाब

6 सप्ताह पहले
छत्तीसगढ़ के कोरिया जिले के एक व्यक्ति ने अपने गांव में पानी की समस्या को दूर करने के लिए जमीन खोदकर तालाब बना डाला। सजा पहाड़ गांव के श्याम लाल 15 साल के थे जब उन्होंने इस अविश्वसनीय काम अपने कंधों पर लिया। गांव के लोगों के मुताबिक, श्याम लाल को तालाब बनाने में 27 साल लग गए। दरअसल इस गांव में पानी की समस्या थी। गांववाले मवेशियों की प्यास बुझाने को लेकर मुश्किल में थे। सरकार की तरफ से भी कुछ नहीं किया गया। ऐसे में 15 साल के श्याम लाल आगे आए। उन्होंने एक खास जगह का चुनाव किया और खुदाई शुरू कर दी। गांव के लोग उन पर हंसते थे, लेकिन श्याम लाल ने जो ठाना वह कर दिखाया। उनकी कहानी बिहार के माउंटेन मैन दशरथ मांझी जैसी लगती है जिन्होंने ...


Bringing smiles to every face hindi ad copy %281%29

ऑडियो