sulabh swatchh bharat

मंगलवार, 22 अगस्त 2017

khadi-plaintiff-again-in-country

देश में फिर खादी की वादी

3 दिन पहले
अपनी आत्मकथा ‘सत्य के साथ मेरे प्रयोग’ में महात्मा  गांधी ने कहा है, ‘1908 में ‘हिंद स्वराज’ में जब मैंने चरखे या हथकरघे को भारत में मुफलिसी को दूर करने की रामबाण दवा बताया था तो मुझे याद नहीं कि तब तक मैंने कभी इन्हें देखा था। असल में 1915 में जब मैं दक्षिण अफ्रीका से भारत लौटा तब भी मैंने चरखा नहीं देखा था। 1917 में मेरे गुजराती मित्र मुझे भरुच शिक्षा सम्मेलन की अध्यक्षता करने के लिए वहां लेकर गए। यहीं मेरी मुलाकात एक विलक्षण महिला गंगा बेन मजूमदार से हुई, जिन्होंने ईमानदारी से चरखे की तलाश लगातार जारी रखने का वचन लेकर मेरा बोझ हल्का कर दिया।’ साफ है कि जब महात्मा गांधी दक्षिण अफ्रीका से ...
wigs-progress-on-looms

करघे पर बुनी प्रगति

3 दिन पहले
तेजी से आ रहे बदलावों के बावजूद, कला एवं करघा परंपराएं कलाकारों और शिल्पकारों की कई पीढ़ियों के सतत प्रयासों के कारण अब तक जीवित रही हैं, जिन्होंने अपने सपनों एवं विजन को उत्कृष्ट हथकरघा उत्पादों में पिरोया और अपने कौशल को आने वाली पीढ़ियों तक रूपांतरित किया। विविध रंगों, आंखों को सुकुन देने वाले डिजाइन, चमचमाते रूपों, शानदार ताना बाना और उनकी खूबसूरत बुनावट इन कपड़ों में एक विशिष्ट आकर्षण पैदा कर देती है। देश के पूर्वोत्तर क्षेत्र से लेकर कश्मीर और दक्षिणवर्ती हिस्से तक इन कपड़ों की विशिष्टताएं एक अनूठी और मोहक आकर्षण जगाती हैं। सदियों से, हथकरघा का संबंध कपड़ों से जुड़ी उत्कृष्ट भारतीय कारीगरी और लगभग प्रत्येक राज्य में लाखों ...
trump-village-women-sent-rakhi-to-americi-president

ट्रंप विलेज की महिलाओं ने राष्ट्रपति ट्रंप को भेजीं राखियां

एक सप्ताह पहले
रक्षा बंधन भारत का पारंपरिक त्योहार है। बहन-भाई के स्नेह के प्रतीक के तौर पर मनाए जाने वाले इस त्योहार की लोकप्रियता आज भी है। इस मौके पर बहनें अपने भाई की कलाई पर तो राखी बांधती ही हैं, साथ ही सीमा पर तैनात सैनिकों, पसंदीदा खिलाड़ी, फिल्मी सितारों और राजनेताओं को भी महिलाएं राखी बांधती या भेजती हैं। इस मौके पर देश के विभिन्न हिस्सों की महिलाएं सेना के जवानों को खासतौर पर राखी भेजती हैं। इस बार रक्षा बंधन का त्योहार दिलचस्प तरीके से अमेरिका के व्हाइट हाउस से भी जुड़ गया है।  अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप भले ही रक्षा बंधन के त्योहार के बारे में कुछ भी नहीं जानते हों, लेकिन हरियाणा के एक मुस्लिम बहुल गांव की महि...
seven-wonder-park-to-be-built-in-delhi

दिल्ली में बनेगा सेवन वंडर पार्क

एक सप्ताह पहले
दुनिया के सात अजूबों के दीदार के लिए अब दिल्ली वालों को वीजा और पासपोर्ट की जरुरत नहीं पड़ेगी और न ही इसके लिए लंबी चौड़ी तैयारी और लाखों का खर्च करना होगा। सात अजूबों के दीदार के लिए कहीं जाने की भी जरूरत नहीं होगी, क्योंकि दक्षिण दिल्ली नगर निगम जल्द ही अपने क्षेत्र में एक ऐसा पार्क बनाने जा रहा है जिसमें लोगों को इन सातों अजूबों का अहसास एक ही जगह पर होगा। निगम की मानें तो लोगों को न केवल इन अजूबों से रूबरू होने का मौका मिलेगा, बल्कि इनके साथ फोटो खिंचवाने पर आपको इनकी मौजूदगी का अहसास भी होगा। दक्षिण दिल्ली निगम ने इस पार्क को बनाने की तैयारी भी शुरू कर दी है।  साउथ एमसीडी के डायरेक्टर (प्रेस एंड पब्लिसिटी) मुकेश य...
million- people-downloaded-bhim-app

भीम एप्प 1.6 करोड़ लोगों ने किया डाउनलोड

2 सप्ताह पहले
नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (एनसीपीआई) ने कहा कि उसके भीम (भारत इंटरफेस फोन मनी) एप्प के कुल डाउनलोड 1.6 करोड़ से अधिक हो गए हैं। इसके साथ ही भीम एप्प का सक्रिय ग्राहक आधार 40 लाख है और इसका नया उन्नत संस्करण शीघ्र ही जारी किया जाएगा। उल्लेखनीय है कि भीम एप्प मोबाइल के जरिए सरल, सुगम व तत्काल भुगतान का साझा प्लेटफार्म एप्प है।  एनपीसीआई के प्रबंध निदेशक व सीईओ एपी होता ने कहा, ‘भीम एप्प को 30 दिसंबर 2016 को शुरू किया गया था और उसके बाद से इसके जरिए होने वाला लेनदेन हर महीने लगातार बढ़ रहा है। 1.6 करोड़ डाउनलोड डिजिटल लेनदेन व नकदीरहित समाज बनाने की दिशा में बड़ी उपलब्धि है।’ उन्होंने कहा कि इस समय इस एप्प का 1.3 वर्जन गूगल प्लेस्टोर...
soft-smile-in-world-of-sick-children

बीमार बच्चों की दुनिया में शीतल मुस्कान

3 सप्ताह पहले
रूसी कवि-नाटककार ब्रेख्त ने जीवन के कई मर्मस्पर्शी चित्र अपने शब्दों में बयां किए हैं। वे पूरी दुनिया में पढ़े और सराहे भी जाते हैं। पर अपनी लेखन और संवेदना से जुड़ी उनकी एक बात बहुत दिलचस्प है। उन्होंने एक जगह लिखा है कि बीमार आदमी और विशेष रूप से रुग्ण बच्चे के बारे में बताना, उनकी शारीरिक-मानसिक स्थिति को शब्द देना किसी भी साहित्यकार के लिए बड़ी चुनौती है। यही वजह है कि विश्व साहित्य में ऐसे पात्र बहुत कम हैं। दरअसल, ब्रेख्त जो बात कह रहे हैं, वह समझी जा सकती है। विशेष रूप से जब कोई बच्चा बीमार होकर घर से अस्पताल भर्ती होता है तो उसके लिए तो पूरी दुनिया ही बदल जाती है। उसके साथ के लोगों के लिए भी यह एक मर्मांतक अनुभव होता है। आज के दौर में एक तरफ तो अस्पतालों को पांच सितारा होटलों ज...
student-buy-laptops-with-a-credit-card

स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड से लैपटॉप खरीद सकेंगे छात्र

3 सप्ताह पहले
बिहार स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना को अब और उपयोगी बनाया जा रहा है। इस क्रेडिट कार्ड से अब प्रदेश के 12वीं पास छात्र-छात्राएं आगे की पढ़ाई के लिए लैपटॉप भी खरीद सकेंगे। शिक्षा विभाग ने बैंकों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक में इस बात का निर्णय लिया। अब तक 12वीं के बाद पढ़ाई के लिए पाठ्यक्रम के नामांकन शुल्क, छात्रावास शुल्क के लिए स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना से राशि दी जाती थी लेकिन इस योजना के लिए छात्रों की संख्या में बढ़ोत्तरी नहीं हो पा रही थी।  सरकार के नए निर्णय के अनुसार, चार लाख रुपए तक मिलने वाले शिक्षा ऋण में अभ्यर्थी एक तय राशि तक लैपटॉप खरीद सकेंगे। लैपटॉप खरीदने के लिए उन्हें कोटेशन देना होगा। उसी के आधार पर पूरे शिक्षा ऋण में से राशि स्वीकृत की जाएग...
forbes-magazine-survey-most-trusted-government-india

सबसे विश्वसनीय सरकार

5 सप्ताह पहले
देश में सरकार का होना और उसका काम करना ही जरूरी नहीं है, लोगों के बीच उस सरकार का इकबाल भी बुलंद होना चाहिए। विभिन्न देशों की सरकारों और जनता के बीच उनकी विश्वसनीयता को लेकर प्रतिष्ठित पत्रिका 'फोर्ब्स' में एक रिपोर्ट छपी है, जिससे यह पता चलता है कि भारतीय अपनी सरकार पर सबसे ज्यादा भरोसा करते हैं। फोर्ब्स मैगजीन में छपे ओईसीडी के सर्वे के अनुसार दुनिया में सबसे ज्यादा 73 प्रतिशत भारतीय अपनी सरकार और उसकी नीतियों पर भरोसा करते हैं।  ‘गवर्नमेंट एट ग्लांस- 2017’ नाम से छपी इस सर्वे रिपोर्ट में बताया गया है पिछले कुछ सालों में अलग-अलग देशों की सरकारों में जनता का भरोसा बदलता रहा है। इस सूची में कुल 15 देशों को जगह दी गई है। जहां ग्रीस सबसे कम 13 प्रतिशत क...
people-keep-pot-in-rooms-and-planting-bonsai-plants

इधर प्रदूषण की मार, उधर पौधों से प्यार

5 सप्ताह पहले
  देश की राजधानी में प्रदूषण का खतरा लगातार बना हुआ है। इसे लेकर एक तरफ जहां नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल और सुप्रीम कोर्ट कई कदम उठा रही हैं, तो वहीं आम लोग भी प्रदूषण के बढ़े खतरे को देखते हुए पर्यावरण प्रेमी बनते जा रहे हैं। ऐसा इसीलिए क्योंकि प्रदूषण से कोई भी अछूता नहीं है। प्रदूषण के बढ़े स्तर के कारण सभी डरे हुए हैं। इसी डर ने लोगों को खासतौर पर पौधों से प्यार करना सिखा दिया है। जिन लोगों के घरों में कभी एक गमला नहीं होता था, उनकी बालकनी और छत पर मिनी गार्डन सज रहे हैं। घर के भीतर की हवा को शुद्ध रखने के लिए लोग कमरों में गमले रख रहे हैं और बोनसाई पौधे लगा रहे हैं। वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गनाइजेशन की रिपोर्ट के अनुसार, हर साल विश्व भर में करीब 4.3 मिलियन लोग इंडोर पॉल्यूशन से म...
marimuthu-offers-free-classes-for-government-jobs-aspirants

मारीमुत्थु सर की क्लास

6 सप्ताह पहले
मारीमुत्थु सर को चेन्नै में हर कोई जानता है। वजह यह है कि मारीमुत्थु सर के सैकड़ों छात्र आज सरकारी नौकरी कर रहे हैं। जब हर सप्ताह उनकी कक्षा लगती है तो सरकारी नौकरी पाने के सपने पाले हजारों छात्र उसमें शामिल होते हैं। मारीमुत्थु सर की कक्षा में हर किसी का स्वागत है क्योंकि वे किसी छात्र से कोई शुल्क नहीं लेते। पेशे से तहसीलदार के. मारीमुत्थु पटाखे के कारखाने और मिलों में काम करने वाले 100 से ज्यादा लोगों को मुफ्त में कोचिंग देकर सरकारी नौकरी पाने में मदद की है। उनके इस प्रयास ने बहुत लोगों का जीवन बदल दिया है। वह हर सप्ताह बड़ी संख्या में ऐसे लोगों को कोचिंग देते हैं जो सरकारी नौकरी की तैयारी में लगे होते हैं। उनकी कोचिंग कक्षा ...
children-food-not-fall-in-bowl

बच्चे की कटोरी से नहीं गिरेगा खाना

6 सप्ताह पहले
बच्चों को खाना खिलाने में मां को बहुत मेहनत करनी पड़ती है। इसके लिए उसके आगे-पीछे लगातार भागते रहना पड़ता है, तब जाकर कहीं बच्चे की कटोरी खाली होती है। आमतौर पर यह देखा गया है कि बच्चों को अगर खुद से खाने के लिए दे दिया जाए, तो वे सहजता से खाते हैं और कटोरी खाली भी कर देते हैं, लेकिन इसमें दिक्कत यह होती है कि बच्चे एक जगह बैठकर तो खाते नहीं और जब वे खुद खाते हैं तो इधर-उधर भागने में कभी कटोरी से खाना गिरता है, तो कभी कटोरी। ऐसे में बच्चा खाता कम है, गिराता ज्यादा है। अब आप इस मुश्किल से निजात पा सकते हैं, क्योंकि बाजार में एक ऐसी खिलौनानुमा कटोरी लांच हुई है, जिसके जरिए बच्चा खाना तो खा ही लेगा, साथ ही वह उससे खेल भी सकेगा। सबस...
rekha-jogelkar-70-year-old-bicycle-riders

70 साल की साइकिल सवार

7 सप्ताह पहले
आदमी में अगर जूनून हो तो उम्र कभी आड़े नहीं आती है। यह साबित किया महाराष्ट्र के बुलढाणा जिले के खामगांव की एक सत्तर वर्षीय महिला रेखा जोगेलकर ने। वह साइकिल पर सवार होकर देश की यात्रा कर रही हैं। पिछले दो साल में इन्होंने चार हजार किलोमीटर का सफर तय किया है। वैष्णोदेवी के बाद इस साल केदारनाथ के दर्शन करना चाहती हैं।  एमए. बीएड. तक की पढ़ाई कर चुकी रेखा जोगेलकर ने तीस साल तक जिला परिषद की सेवा की। वहां से रिटायर होने के बाद उन्हें लगा कि कुछ ऐसा करना चाहिए जो जीवन भर याद रहे और कुछ मिसाल भी कायम कर सके।   उनके मन में भारत यात्रा करने का विचार आया। वह चाहती तो ट्रेन और हवाई जहाज या कार से भी जा सकती थीं, लेकिन उन्होंने साइकिल को चुना। इसके पीछे यह सोच बनी कि इससे हर दिन दे...


Bringing smiles to every face hindi ad copy %281%29

ऑडियो