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शनिवार, 24 फ़रवरी 2018

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गांवों में भी शौचालयों के लिए जागरुकता बढ़ी - सुलभ

4 दिन पहले
गुरुग्राम के इंद्री गांव में 65 सुलभ शौचालय के उद्घाटन के अवसर पर रोटरी क्लब डेनवर, अमेरिका के कोआर्डिनेटर विलियम कोरस्टेड ने कहा कि यह पहल 2019 तक भारत की कुल स्वच्छता कवरेज सुनिश्चित करने के प्रधानमंत्री मोदी के स्वच्छ भारत अभियान के प्रयासों के तहत है। सुलभ इंटरनेशनल सोशल सर्विस ऑर्गनाइजेशन के संस्थापक डॉ. विन्देश्वर पाठक ने इस मौके पर कहा कि हम अपना सबसे अच्छा देने की कोशिश कर रहे हैं, ताकि देश को जल्द से जल्द खुले में शौच मुक्त किया जा सके। इस गांव में ग्रामीणों को शौचालय सौंपना इसी अभियान का हिस्सा है।    65 व्यक्तिगत शौचालय 27 जनवरी 2018 को इंद्री गांव के लाभार्थियों को 65 व्यक्तिगत शौचालय सौंपा गया। ये 65 शौचालय रोटरी क्लब, डेनवर और रोटरी क्लब,...
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अमेरिका के गांवों में भी दो गड्ढे वाले सुलभ मैजिक शौचालय की मांग : डॉ. विन्देश्वर पाठक

एक सप्ताह पहले
‘पिछले दिनों जब मैं अमेरिका गया तो वहां के लोगों ने कहा कि उनके यहां भी सुलभ मैजिक शौचालय बनवाया जाए।’ जब मैंने पूछा, ‘अमेरिका तो एक समृद्ध  राष्ट्र है और यहां तो सबकुछ बहुत अच्छा है, फिर यहां सुलभ मैजिक शौचालय की जरूरत क्यों है?’ तब उन्होंने बताया कि अमेरिका के शहरों में तो सीवर लाइन की सुविधा है, पर गांवों में सेप्टिक टैंक वाले शौचालय हैं, इसीलिए मानव-मल को खाद में बदल देनेवाली सुलभ मैजिक शौचालय की तकनीक उनके लिए फायदेमंद होगी और मल का सुरक्षित निपटान हो जाएगा। इसीलिए आज सुलभ मैजिक शौचालय वैश्विक जरूरत बन गया है। देश को स्वच्छ और सुंदर बनाने में हमारी सुलभ मैजिक शौचालय की तकनीक बहुत कारगर साबित हो ...
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स्वच्छ भारत अभियान सुलभ की सहभागिता और दृष्टिकोण

2 सप्ताह पहले
इस समारोह में उपस्थित प्रतिभागी,महिलाएं एवं प्रतिष्ठित सुधिजन। सर्वप्रथम मैं सत्यजीत रे फिल्म्स और टेलीविजन संस्थान के निदेशक डॉ. देबामित्र मित्रा का स्वागत करता हूं और स्वच्छ भारत अभियान पर मेरे विचार साझा करने का अवसर देने के लिए भारत सरकार, सूचना और प्रसारण मंत्रालय के तहत आने वाले शैक्षणिक संस्थान को धन्यवाद देता हूं। इसके साथ ही सुलभ इंटरनेशनल सोशल सर्विस ऑर्गेनाइजेशन के विज्ञान और प्रौद्योगिकी के अध्यक्ष प्रो. के जे नाथ का भी स्वागत करता हूं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 15 अगस्त 2014 को स्वतंत्रता दिवस के अपने पहले भाषण में लाल किले की प्राचीर से सबसे महत्वपूर्ण मुद्दा उठाया। वह देश के पहले ऐसे पीएम हैं जिन्होंने भ...
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विधवा माताअों की जिंदगी बदलने में जुटा सुलभ

4 सप्ताह पहले
आज हम प्रत्येक क्षेत्र में आगे बढ़ रहे हैं। इसके बावजूद आज भी समाज मंे महिलाओं के प्रति लोगों का नजरिया निंदनीय ही है। जब तक हमारा नजरिया नहीं बदलेगा तब तक समाज में परिवर्तन नहीं लाया जा सकता है। ये बातें पश्चिम बंगाल की महिला एवं बाल विकास मंत्री शशि पांजा ने विशेष रूप से विधवा माताओं के सशक्तिकरण और मुक्ति के लिए राजा राममोहन राय और पंडित ईश्वरचंद्र विद्यासागर के योगदान पर कोलकाता में आयोजित एक दिवसीय कार्यशाला में कहीं। कार्यशाला का आयोजन कोलकाता के ओबेराय ग्रैंड होटल में राजा राममोहन राय एंड पंडित ईश्वरचंद्र विद्यासागर फाउंडेशन, नई दिल्ली द्वारा किया गया। इस कार्यक्रम में राज्य के नागरिक स्वास्थ्य, अभियांत्रिकी, पंचायत और ग्...
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फेम इंडिया की सूची में डॉ. पाठक

5 सप्ताह पहले
विश्व विख्यात समाजसेवी 73 वर्षीय डॉ. विन्देश्वर पाठक ने स्वच्छता, मानवाधिकार, पर्यावरण और समाज सेवा के क्षेत्र में कार्य से देश दुनिया में बड़ी पहचान बनाई है। इनके कार्य को सिर्फ स्वच्छता तक सीमित मानना बेमानी होगा। बिहार के कुलीन पारंपरिक ब्राह्मण परिवार जन्म होने के बावजूद अस्पृश्य माने जाने वाले भंगी समुदाय के लिए किए गए उनके कार्य अतुलनीय हैं, जो उन्हें सुलभ इंटरनेशनल के संस्थापक से ज्यादा एक समाजशास्त्री के रूप में वैश्विक रूप में प्रतिष्ठित करते हैं। महात्मा गांधी व डॉ. आंबेडकर की विचारधारा के पक्षधर डॉ. पाठक स्नातक की पढ़ाई पूरी कर बिहार गांधी सेनटेनरी सेलिब्रेशन कमेटी से जुड़े। इस दौरान की गई यात्राओं में उन्हें मैल...
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विद्रोह से क्रान्ति तक, डा. पाठक की कहानी: नीतू चंद्रा

7 सप्ताह पहले
‘सुलभ प्रणेता डॉ. विन्देश्वर पाठक सही मायने में देश के असली हीरो हैं। जिस तरह से उन्होंने अछूत कहे जाने वाले लोगों को नई जिंदगी दी और उनके लिए लड़ाई लड़ी, सच में उनकी यात्रा विद्रोह से क्रान्ति (रिवोल्ट टू रेवोलुशन) तक की है। भगवान ने बहुत कम फरिश्ते धरती पर भेजे हैं और डॉ. पाठक भी उन्हीं फरिश्तों में से एक हैं।’  यह बातें बॉलीवुड अभिनेत्री और प्रोड्यूसर नीतू चंद्रा ने सुलभ ग्राम में कही। डॉ. पाठक से मिलते वक्त नीतू चंद्रा बेहद भावुक हो गईं। डॉ. पाठक को रीयल हीरो ऑफ इंडिया बताते हुए उन्होंने कहा कि आप का काम सच में महान है, समाज के सबसे पिछड़े तबके के लोगों की जिंदगियों में खुशियां लाने के लिए हम सबको आपसे सीख लेन...
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शहरीकरण और औद्योगिकीकरण से पर्यावरण की समस्या- डॉ. पाठक

9 सप्ताह पहले
पर्यावरण प्रदूषण आज के समय का सबसे ज्वलंत मुद्दा है, लेकिन इस समस्या के समाधान को इंगित कर उसे खुद में आत्मसात करना हम सभी के लिए जरुरी है। इस दुनिया का विनाश बम, शहरीकरण और औद्योगिकीकरण के कारण होगा। इन्हीं कारणों से पर्यावरण की समस्या दिनोंदिन बढ़ती जा रही है। यह बातें सुलभ प्रणेता डॉ. विन्देश्वर पाठक ने पर्यावरण संरक्षण की उपलब्धियां, संभावनाएं एवं चुनौतियां संगोष्ठी में कहीं। पर्यावरण संरक्षण की उपलब्धियां, संभावनाएं एवं चुनौतियां और गांधीवादी विचारों की प्रासंगिकता मुद्दे पर राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन पर्यावरण एवं भू-सूचना संस्थान एवं कैरियर प्लस एजुकेशन सोसायटी और गांधी स्मृति एवं दर्शन समिति द्वारा नई दिल्ली स्थित...
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अमृत महोत्सव में बरसा शब्दों का अमृत

10 सप्ताह पहले
प्रख्यात साहित्यकार और गोवा की राज्यपाल डॉ. मृदुला सिन्हा के अमृत महोत्सव के अवसर पर दिल्ली के कांस्टिट्यूशन क्लब में उनके उपन्यास ‘अहिल्या उवाच’ का लोकार्पण किया गया। इस अवसर पर मृदुला सिन्हा पर केंद्रीत पुस्तक ‘सहजता की भव्यता’ और स्वयं सेवी संस्थाओं पर केंद्रित प्रभात प्रकाशन की  हिंदी मासिक पत्रिका ‘पांचवां स्तम्भ’ की ग्यारहवीं वर्षगांठ पर प्रकाशित विशेषांक का भी लोकार्पण उत्तर प्रदेश के राज्यपाल राम नाइक द्वारा किया गया। इस समारोह में  सुलभ प्रणेता डॉ. विन्देश्वर पाठक, राष्ट्रीय पुस्तक न्यास के अध्यक्ष बल्देव भाई शर्मा  और वरिष्ठ पत्रकार अवधेश कुमार सहित कई विशिष्ट व्यक्ति ...
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फैला स्वच्छता का सुलभ प्रकाश

12 सप्ताह पहले
शौचालय ईंट गारे और लोगों की सहायता से तो बनाए जा सकते हैं, परंतु उन्हें स्वच्छ रखने का उत्तरदायित्व हम सभी का है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की इन बातों को चरितार्थ करते हुए सुलभ प्रणेता डॉ. विन्देश्वर पाठक ने  स्वच्छता के प्रति लोगों को जागरूक करने के लिए विश्व शौचालय दिवस के मौके पर हरियाणा के मेवात जिले के ट्रंप विलेज में दुनिया के सबसे बड़े शौचालय पॉट के मॉडल का अनावरण किया। इसके साथ ही शंख ध्वनि के बीच उन्होंने  6 नए शौचालयों और गांव के स्कूल के प्रांगण में नवनिर्मित वीवीआईपी शौचालय का भी अनावरण किया। सुलभ प्रणेता डॉ. विन्देश्वर पाठक ने कहा कि इस पॉट के मॉडल का अनावरण इस गांव में करने की वजह यह है कि यहां के लोग शौच...
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चंडीगढ़ में कवयित्रियों का संगम

13 सप्ताह पहले
‘जो कुछ मैं आज हूं, जो कुछ मैं बन सका, उसका कारण मेरी मां, मेरी बहन और मेरी बीबी है।...’ जीवन में नारी के महत्त्व को रेखांकित करते हुए यह बात कही पूर्व क्रिकेटर और पंजाब सरकार के कला एवं पर्यटन मंत्री नवजोत सिंह सिद्धू ने। उन्होंने 9 से 11 नवंबर, 2017 तक आयोजित अखिल भारतीय कवयित्री सम्मेलन के 17वें अधिवेशन में बतौर मुख्य अतिथि अपना वक्तव्य दिया। 9 नवंबर, 2017 को चंडीगढ़ के सेक्टर 16 बी स्थित पंजाब आर्ट्स काउंसिल के रंधावा ऑडिटोरियम में अतिथियों ने दीप प्रज्वलित कर त्रिदिवसीय महाधिवेशन का उद्घाटन किया, जिनमें प्रमुख थे डॉ. लारी आजाद, डॉ. स्ट्रीमलेट दखार, डॉ. विजयलक्ष्मी कोसगी, सुरजीत पातर, डॉ. अशोक कुमार ज्योति, सिमरत...
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गांधी-मोदी और डॉ. पाठक में है समानता

13 सप्ताह पहले
स्वच्छता के समाजशास्त्र पर राष्ट्रीय सेमिनार कार्यशाला का आयोजन ठाकोर भाई देसाई हॉल, लॉ गार्डन, एलिसब्रिज, अहमदाबाद में सुलभ के द्वारा गया। इस कार्यक्रम में डॉ. गिरिश बघेला, डॉ. राजेश और प्रो. अनिल बघेला मौजूद रहे।  डॉ पाठक हैं स्वच्छता के प्रतीक- डॉ. गिरिश बघेला  स्वच्छता की धारा मां गंगे के उदाहरण से बड़ी नहीं हो सकती और भारत में जब हम स्वच्छता के प्रतीक के बारे में बात करते हैं तो डॉ. विन्देश्वर पाठक से बड़ा कोई नहीं हो सकता है। स्वच्छता की संस्कृति भारत वर्ष की संस्कृति जनम-जनम से हर भारतीय को मिला है, लेकिन हम इसे कि...
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स्वच्छता का सुलभ धाम

15 सप्ताह पहले
नागरिक स्वावलंबन एवं स्वाभिमान विकास परिषद द्वारा नई दिल्ली के डॉ. बीपी पाल सभागार में काव्यग्रंथ  ‘कर्मवीर’ का लोकार्पण एवं ‘कर्मवीर’ सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। इस समारोह में सुलभ स्वच्छता एवं सामाजिक सुधार आंदोलन के प्रणेता डॉ. विन्देश्वर पाठक और ऑल इंडिया पोयटेस कान्फ्रेंस के संस्थापक डॉ. लारी आजाद को कर्मवीर सम्मान से सम्मानित किया गया। इस सम्मान में श्रीफल, अंगवस्त्र, अभिनंदन पत्र, स्मृति चिन्ह और एक लाख रुपए का चेक प्रदान किया गया। वहीं मंच और सभागार में उपस्थित अन्य अतिथियों को स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया। इसके साथ ही डॉ. शक्तिबोध की कृति काव्यग्रंथ  ‘कर...


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