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बुधवार, 19 दिसंबर 2018

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‘डॉक्टर पाठक का काम अनोखा है’

3 सप्ताह पहले
‘सुलभ इंटरनेशनल के माध्यम से डॉ. विन्देश्वर पाठक जी एक बड़ा काम कर रहे हैं। मैं लंबे अरसे से आपसे और आपके काम से परिचित हूं। दुनिया-भर में आपका जो काम है, वह आपकी तरह ही अनोखा है।’ ये बातें अपने उद्बोधन में 17 नवंबर, 2018 को  महात्मा गांधी केंद्रीय विश्वविद्यालय, मोतिहारी के नवनियुक्त कुलपति प्रो. अनिल कुमार राय ने कहीं। वे सुलभ-सभागार में पधारे थे।  प्रोफेसर अनिल को महात्मा गांधी केंद्रीय विश्वविद्यालय, मोतिहारी के कुलपति नियुक्त किए जाने पर सुलभ इंटरनेशनल सोशल सर्विस ऑर्गनाइजेशन के सभागार में शॉल और पुस्तकें समर्पित कर स्वागत और सम्मान किया गया। इस अवसर पर उनके व्यक्तित्व और कृतित्व के बारे में सभागार को ज...
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डॉ. विन्देश्वर पाठक को डी.लिट. की मानद उपाधि

3 सप्ताह पहले
महान मानवतावादी और समाज सुधारक डॉ. विन्देश्वर पाठक के मिले राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय सम्मानों, पुरस्कारों और मानद उपाधियों की सूची में एक और विशिष्ट विवरण जुड़ गया है। हाल में कामेश्वर सिंह दरभंगा संस्कृत विश्वविद्यालय में संपन्न हुए दीक्षांत समारोह में सुलभ प्रणेता डॉ. पाठक को डी.लिट. की मानद उपाधि प्रदान की गई। डॉ. पाठक को यह उपाधि बिहार के राज्यपाल श्री लालजी टंडन के हाथों मिली। डॉ. पाठक ने स्वच्छता के मंत्र के साथ समाज के पिछले तबकों के जीवन में बीते पांच दशकों में सुधार लाने का महान कार्य किया है। देश-दुनिया को स्वच्छता का समाजशास्त्र की सीख देने वाले डॉ. पाठक का देश के सामाजिक सुधार आंदोलन में सबसे बड़ा योगदान यह है कि ...
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सियोल शांति पुरस्कार से नवाजे गए पीएम मोदी

7 सप्ताह पहले
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को देश-दुनिया में बेहतर आर्थिक विकास और भारत में लोकतांत्रिक मूल्यों में मजबूती के योगदान के लिए प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय सियोल शांति पुरस्कार 2018 से नवाजा गया है। पीएम मोदी की आर्थिक नीतियों को 'मोदीनॉमिक्स' के रूप में जाना जाता है। दक्षिण कोरिया की तरफ से दिए जाने वाले इस पुरस्कार के प्रशस्ति पत्र में कहा गया है कि विश्व में शांति स्थापित करने, मानव विकास की दिशा में प्रगति और भारत में लोकतंत्र को मजबूत करने में अहम भूमिका निभाने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को यह पुरस्कार दिया जाएगा।  पीएम मोदी यह अंतरराष्ट्रीय पुरस्कार पाने वाले 14वीं शख्सियत हैं। इस संदर्भ में...
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‘प्रेरक व्यक्तित्व हैं डॉ. गोयनका’

8 सप्ताह पहले
लब्धप्रप्तिष्ठ साहित्यकार, प्रेमचंद-विशेषज्ञ, दिल्ली विश्वविद्यालय के पूर्व हिंदी-प्राध्यापक और लगभग 60 पुस्तकों के लेखक-संपादक डॉ. कमलकिशोर गोयनका का 80वां जन्मदिन-समारोह 12 अक्टूबर, 2018 को नई दिल्ली के दीनदयाल उपाध्याय मार्ग-स्थित प्रवासी-भवन-सभागार में आर्यावर्त साहित्य-संस्कृति-संस्थान, नई दिल्ली की ओर से  उत्सव-पूर्वक मनाया गया। दिल्ली, एनसीआर तथा हरियाणा के अन्य स्थलों से पधारे साहित्यकारों, साहित्यिक संस्थाओं के प्रतिनिधियों और अनेक संस्थानों की छात्र-छात्राओं ने डॉ. गोयनका के स्वस्थ एवं दीर्घायु जीवन की शुभकामनाएं दीं।  कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए प्रसिद्ध नाटककार दयाप्रकाश सिन्हा ने डॉ. गोयनका से अ...
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डॉ. पाठक को ‘लाइफटाइम एचीवमेंट अवार्ड’

10 सप्ताह पहले
‘देश के व्यापार की प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए जो नियम बाधक बन रहे हैं, उसे बंद करने की आवश्यकता है। मैंने पीएचडी चेंबर से भी कहा है कि वे उन नियमों को रेखांकित करे ताकि व्यापार की प्रक्रिया सहज हो सके।’ केंद्रीय मंत्री सुरेश प्रभु ने ये बातें पीएचडी एनुअल अवार्ड्स फॉर एक्सीलेंस 2018’ प्रदान किए जाने के अवसर पर कहीं। नई दिल्ली के अंबेडकर इंटरनेशनल सेंटर में पीएचडी चेंबर द्वारा आयोजित इस सम्मान समारोह में देश के कई विशिष्ट हस्तियों को विभिन्न क्षेत्रों में योगदान देने के लिए पुरस्कार प्रदान किया गया। इससे पूर्व पीएचडी चेंबर के अध्यक्ष अनिल खेतान ने केंद्रीय मंत्री सुरेश प्रभु और अतिथियों का स्वागत किया...
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प्रधानमंत्री मोदी बने चैंपियन ऑफ द अर्थ

10 सप्ताह पहले
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को संयुक्त राष्ट्र (यूएन) का सर्वोच्च पर्यावरण पुरस्कार ‘चैंपियंस ऑफ द अर्थ’ अवॉर्ड प्रदान किया गया। प्रवासी भारतीय केंद्र में उन्हें यह अवॉर्ड संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने प्रदान किया। पीएम मोदी को यह अवॉर्ड पर्यावरण के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान के लिए दिया गया है। उन्हें सतत विकास, जलवायु परिवर्तन पर अनुकरणीय नेतृत्व और सकारात्मक कदम उठाने के लिए यह अवॉर्ड दिया गया है। उन्हें यूएन का यह सर्वोच्च पर्यावरण पुरस्कार भारत को 2022 तक एकल इस्तेमाल वाले प्लास्टिक से मुक्त कराने के संकल्प और अंतरराष्ट्रीय सौर गठबंधन के कुशल नेतृत्व के लिए प्रदान किया गया है। प्रधानमंत्री...
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‘स्वच्छता के पितामह’ को ‘लीजेंड पुरस्कार’

10 सप्ताह पहले
‘सुलभ स्वच्छता आंदोलन के पितामह’ डॉ. विन्देश्वर पाठक, सही मायने में एक सच्चे लिविंग लीजेंड हैं। वह पिछले पांच दशकों से अपने जीवन को स्वच्छता आंदोलन के लिए समर्पित कर देने की वजह से देश-विदेश में प्रसिद्ध हैं। उन्होंने मैनुअल स्कैवेंजर्स (मैला ढोने वाले) के मानवाधिकारों के लिए अथक काम किया है, जो शुष्क शौचालयों को साफ करते हैं और भारत की जाति-आधारित व्यवस्था के सबसे निचले स्तर से आते हैं, जिनमें भी ज्यादातर महिलाएं हैं। फिनोवेशन ने अपने 10 वें फाउंडेशन दिवस समारोह में नई दिल्ली के होटल हयात रीजेंसी में सुलभ स्वच्छता और सामाजिक आंदोलन के संस्थापक डॉ. विन्देश्वर पाठक को ‘द लीजेंड अवार्ड’ से सम्मानित क...
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मोदी का जन्मदिन देश के लिए स्वच्छता और सेवा दिवस है

12 सप्ताह पहले
‘स्वच्छ भारत अभियान के तहत नौ करोड़ से अधिक शौचालयों का निर्माण किया गया है, देश के 90 फीसदी इलाकों तक शौचालयों की सुविधा पहुंच चुकी है, 20 राज्य और साढ़े चार लाख गांवों को ‘खुले में शौच से मुक्त’ (ओडीएफ) घोषित किया जा चुका है। ‘स्वच्छ भारत अभियान’ के तहत ‘स्वच्छता ही सेवा है’ आज देश के आम लोगों की भागीदारी और जुनून के साथ एक बहुत प्रभावी मिशन बन चुका है।’ यह बातें सिर्फ आंकड़े भर नहीं हैं, बल्कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की पिछले 4 सालों की कड़ी मेहनत का नतीजा है, शायद इसीलिए उनके जन्मदिन 17 सितंबर को पूरे देश में स्वच्छता दिवस के रूप में मनाया गया। स्वच्छता और शौचालय क्रांति की देश...
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सुलभ प्रणेता डॉ. पाठक को 'जीवन गौरव सम्मान'

15 सप्ताह पहले
डॉ. बाबा साहेब आंबेडकर मराठवाड़ा विश्वविद्यालय औरंगाबाद ने 23 अगस्त 2018 को अपना 60 वां स्थापना दिवस मनाया। इस अवसर पर विश्वविद्यालय के कुलपति, प्रोफेसर बी.ए. चोपडे ने सुलभ सैनिटेशन और सामजिक सुधार आंदोलन के संस्थापक डॉ. विन्देश्वर पाठक को समाज के प्रति उनके योगदान के लिए ‘जीवन गौरव सम्मान’ से नवाजा और उन्हें एक स्मृति चिन्ह, मानपत्र और शाल भेंट की। भाजपा नेता और महाराष्ट्र विधान सभा के अध्यक्ष हरिभाऊ बागडे ने डॉ. पाठक को यह प्रतिष्ठित सम्मान दिया। विश्वविद्यालय हर साल उन प्रतिष्ठित व्यक्तित्वों को ‘जीवन गौरव सम्मान’ से सम्मानित करता है, जो सामाजिक, शैक्षणिक, चिकित्सा, पर्यटन और पत्रकारिता आदि के क...
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संयुक्त राष्ट्र महासभा की नई अध्यक्ष के साथ डॉ. पाठक ने दिल्ली हाट का दौरा किया

16 सप्ताह पहले
संयुक्त राष्ट्र महासभा की नव-निर्वाचित अध्यक्षा मारिया फर्नांडा एस्पिनोसा गारिस भारत के दौरे पर हैं। उन्होंने 11 अगस्त को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की। उन्होंने कहा कि नई दिल्ली में प्रधानमंत्री मोदी के साथ एक सफल बैठक की, जहां दोनों संयुक्त राष्ट्र की दक्षता में सुधार करने पर सहमत हुए। वहीं भारत सरकार के विदेश मंत्रालय ने राजधानी दिल्ली के आईएनए स्थित दिल्ली हाट में अध्यक्षा गारिस के सम्मान में एक स्वागत बैठक आयोजित की। गारिस ने इस बैठक में, भारत में काम कर रहे विभिन्न गैर सरकारी संगठनों के प्रतिनिधियों से मुलाकात की। गारिस ने यहां एनजीओ के लोगों से बातचीत की और भारतीय समाज के कल्याण के लिए, वे अपने संबंधित क्...
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‘सुलभ ऑनेस्ट मैन ऑफ द ईयर अवार्ड’

17 सप्ताह पहले
26 नवंबर 1998 को अटल जी को एक ऐसा पुरस्कार मिला, जो उनके कृतित्व और यश के साथ जीवन में अटल निष्कलंकता की देन था। ‘सुलभ ऑनेस्ट मैन ऑफ द ईयर अवार्ड’ के नाम पर यह प्रतिष्ठित पुरस्कार उन्हें सुलभ इंटरनेशनल की तरफ से दिया गया। उन्हें यह पुरस्कार वर्ष 1997 के लिए दिया गया था औऱ तब वे विपक्ष के नेता थे। पर 1998 में वे प्रधानमंत्री बन चुके थे, सो ​सरकारी एजेंसियों ने उन्हें पुरस्कार स्वीकार करने से यह कहकर मना किया कि आप प्रधानमंत्री हैं इसीलिए आपको किसी एनजीओ से पुरस्कार ग्रहण नहीं करना चाहिए। अटल जी ने उनसे कहा कि यह पुरस्कार मैंने तब स्वीकारा था जब मैं विपक्ष में था। इसीलिए प्रधानमंत्री बनने के बाद इस पुरस्कार को अस्वीकार न...
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‘होप’ एक स्वास्थ्य आंदोलन

18 सप्ताह पहले
एक लड़का था जो एक मेडिकल टेस्ट में खुद को एचआईवी पॉजिटिव पाता है, जैसे ही उसके गांव वालों को इसके बारे में पता चला, उन्होंने उससे मिलना-जुलना और बातें करना बंद कर दिया। यही नहीं, उसकी अपनी मां ने भी उसे छोड़ दिया। ऐसा इसीलिए है, क्योंकि लोगों को एड्स और हेपेटाइटिस जैसी बीमारियों के बारे में ज्यादा पता नहीं है और यह आम गलत धारणा है कि जो भी इन बीमारियों से पीड़ित रोगी को छुएगा, अपने आप ही संक्रमित हो जाएगा। वह लड़का अपने घर से भाग गया और दिल्ली आ गया। एक नए स्थान पर जिंदा रहने के तमाम संघर्षों के बीच, वह बिना पैसों के खतरनाक बीमारी से लड़ रहा था। एक दिन उसने एक गैर सरकारी संगठन की सड़क किनारे लगा हुआ होर्डिंग देखा, यह संगठन ए...


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