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मंगलवार, 19 जून 2018

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मंगल के आसमान पर उड़ेगा हेलिकॉप्टर

एक सप्ताह पहले
अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा ने बताया कि वह 2020 मिशन के तहत मंगल ग्रह पर छोटा हेलिकॉप्टर भेजेगा। मिशन के तहत नासा मंगल की सतह पर नेक्स्ट जेनरेशन रोवर भेजेगा। यह पहली बार होगा जब किसी और ग्रह पर इस तरह का विमान इस्तेमाल किया जाएगा। इसे इस तरह से डिजाइन किया गया है ताकि वह मंगल के पतले वायुमंडल में उड़ान भर सके। इस यान में दो काउंटर रोटेटिंग ब्लेड होंगे और इसका वजन करीब 4 पाउंड यानी 1.8 किलोग्राम होगा। नासा ने बताया कि इस यान का ढांचा एक गेंद जैसा होगा। इसके ब्लेड तकरीबन 3000 आरपीएम की गति से घूमेंगे, जो कि पृथ्वी पर चल रहे हेलिकॉप्टर की तुलना में 10 गुना तेज है।  नासा के जेट प्रपलजन लैबरेटरी में मार्स हेलिकॉप्टर प्रॉ...
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चांद के दूर-दराज के सिरे का पता लगाएगा चीन

एक सप्ताह पहले
चांद के दूर-दराज के रहस्यमय सिरे के बारे में जानकारी जुटाने के लिए चीन ने एक रिले उपग्रह का सफल परीक्षण किया। यह उपग्रह पृथ्वी और चीन के चंद्र अन्वेषण मिशन के बीच संवाद कायम करेगा। नेमड क्यूकीओ (मैपगी ब्रिज) नाम के इस उपग्रह का वजन 400 किलोग्राम है। यह तीन साल तक काम करेगा।  चीन के राष्ट्रीय अंतरिक्ष प्रशासन (सीएनएसए) ने बताया कि चीन के दक्षिण पश्चिम स्थित ‘जिचांग उपग्रह प्रक्षेपण केंद्र’ से लॉन्ग मार्च 4 सी रॉकेट से इसे प्रक्षेपित किया गया। रिले उपग्रह परियोजना के प्रबंधक झांग लिहुआ ने कहा , ‘चांद के दूरदराज के सिरे पर नरम सतह की जांच शुरू करने वाला पहला देश बनने के लक्ष्य की दिशा में यह परीक्षण एक...
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वापस आएगी सरस्वती नदी

2 सप्ताह पहले
हरियाणा सरकार ने प्राचीन सरस्वती नदी को फिर से जीवित करने का बीड़ा उठाया है। इस कार्य को पूरा करने के लिए अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी का इस्तेमाल किया जा रहा है।  प्रदेश सरकार इस परियोजना को अमलीजामा पहनाने को लेकर 'मिशन मोड' में है। सरकार ने इसके लिए 50 करोड़ रुपए मंजूर किए हैं। इस दिशा में कार्य में तेजी लाने के लिए भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो), राष्ट्रीय जल विज्ञान संस्थान (एनआईएच), नेशनल रिमोट सेंसिंग सेंटर (एनआरएससी), भारतीय भूवज्ञानिक सर्वेक्षण (जीएसआई) को जिम्मेदारी दी गई।  प्रदेश की कला व संस्कृति मंत्री कविता जैन ने कहा कि हरियाणा सरकार सरस्वती नदी को पुनरुज्जीवित करने के लिए मिशन मोड ...
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चकोतरा में मिले मधुमेह-रोधी तत्व

2 सप्ताह पहले
भारतीय वैज्ञानिकों द्वारा किए गए एक ताजा शोध में नींबू-वंशीय फल चकोतरा में नरिंगिन नामक तत्व की पहचान की गई है, जो रक्त में उच्च ग्लूकोज स्तर (हाई ब्लड शुगर) के लिए जिम्मेदार एंजाइम को नियंत्रित करने में उपयोगी हो सकता है। इस अध्ययन से जुड़े वैज्ञानिकों के अनुसार, चकोतरा फल के उपयोग से कई तरह के फूड फॉर्मूलेशन विकसित किए जा सकते हैं, जो मधुमेह रोगियों के लिए खासतौर पर लाभकारी हो सकते हैं। मैसूर स्थित केंद्रीय खाद्य प्रौद्योगिकी अनुसंधान संस्थान (सीएफटीआरआई) के वैज्ञानिकों द्वारा किए गए इस अध्ययन के दौरान खास वैज्ञानिक विधियों से चकोतरा फल के विभिन्न भागों के अर्क को अलग किया गया और फिर विभिन्न परीक्षणों के जरिए उनमें मौजूद ...
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अवध विवि में खुलेगा हाईटेक वैज्ञानिक शोध केंद्र

4 सप्ताह पहले
डॉ. राम मनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय की उपलब्धि में एक और नया अध्याय जुड़ने जा रहा है। केंद्र सरकार की योजना राष्ट्रीय उच्चतर शिक्षा अभियान (रूसा) के तहत विश्वविद्यालय में अति आधुनिक वैज्ञानिक शोध केंद्र खुलने जा रहा है। यह केंद्रीकृत उपकरण सुविधा (सीआईएफ) शोध केंद्र के नाम से जाना जाएगा। योजना के अंतर्गत भवन निर्माण के लिए 4.50 करोड़ रुपए आवंटित किए जा चुके हैं। भवन बनाने की प्रक्रिया जल्द ही शुरू होने वाली है। खास बात यह है कि अवध विश्वविद्यालय में खुलने वाला सीआईएफ शोध केंद्र आसपास के विश्वविद्यालयों की पहली ऐसी प्रयोगशाला होगी, जहां शोध छात्रों को अति आधुनिक सुविधाएं व उपकरण मिलेंगे।  कुलपति प्रोफेसर मनोज दीक्ष...
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डीजल टेक्नोलॉजी में नई खोज का दावा

4 सप्ताह पहले
मौजूदा दौर में नई डीजल कारें भी एक किलोमीटर के सफर में 168 मिलीग्राम नाइट्रोजन ऑक्साइड (एनओटू) छोड़ती हैं। नाइट्रोजन ऑक्साइड स्वास्थ्य के लिए बेहद खतरनाक है। इस गैस के चलते ही यूरोप समेत दुनिया के कई देशों में डीजल कारों पर बैन लगाने की तैयारी हो रही है। लेकिन जर्मन ऑटो पार्ट्स सप्लायर कंपनी बॉश का दावा है कि उसने एनओटू के स्तर में रिकॉर्ड कमी लाने वाला एक्जॉस्ट सिस्टम विकसित कर लिया है। कंपनी के मुताबिक नया सिस्टम प्रति किलोमीटर सिर्फ 13 मिलीग्राम एनओटू उत्सर्जित करता है. यह 2020 के लिए तय किए गए 120 मिलीग्राम के स्तर से भी बहुत कम है। कंपनी ने इसे बड़ी खोज करार दिया है। उसका दावा है कि नया सिस्टम मौजूदा फिल्टर एक्जॉस्ट ...
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स्कूलों की 75 फीसदी कक्षाएं हुईं हाईटेक

5 सप्ताह पहले
केरल के 4,775 सरकारी माध्यमिक स्कूलों की 45,000 कक्षाओं में से करीब 75 फीसदी को लैपटॉप, प्रोजेक्टरों, स्पीकर व दूसरे उपकरणों के साथ हाईटेक बनाया गया है। जून में शुरू होने वाले अकादमिक वर्ष के साथ बाकी के स्कूल इसी के अनुकूल अपनी कक्षाएं बनाने का पालन करेंगे। यह पहल सरकार के सार्वजनिक शिक्षा कायाकल्प मिशन का हिस्सा है और इसका एक सरकारी कंपनी केरल इंफ्रास्ट्रक्चर एंड टेक्नोलॉजी फॉर एजुकेश्न (काइट) द्वारा क्रियान्वयन किया जा रहा है।  काइट के उपाध्यक्ष के. अनवर सदात ने कहा कि कुल 34,500 कक्षाओं को पहले ही लैपटॉप, मल्टी मीडिया प्रोजेक्टरों, प्रोजेक्टर सीलिंग माउंटिंग किट, यूएसबी स्पीकर व स्क्रीन के अलावा तेज रफ्तार...
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आकार बदलने वाले प्लास्टिक उत्पाद विकसित

5 सप्ताह पहले
वैज्ञानिकों ने प्लास्टिक की एक ऐसी समतल वस्तु बनाने के लिए किफायती 3 डी प्रिंटर का इस्तेमाल किया है जिसे जब गर्म किया जाता है तो वह गुलाब, नाव और यहां तक कि खरगोश जैसे पहले से निर्धारित आकार में ढल जाती है। अमेरिका में कार्नेगी मेलोन विश्वविद्यालय के शोधकर्ताओं ने बताया कि खुद-ब-खुद अपना आकार बदलने वाली प्लास्टिक की ये वस्तुएं मोड़कर रखने लायक फर्नीचर बनाने की दिशा में पहला कदम है। ऐसे फर्नीचर जिन्हें हीट गन की मदद से अंतिम आकार दिया जा सकता है। विश्वविद्यालय में शोध कर रहे ब्योंगवॉन ने कहा, 'यह सॉफ्टवेयर नई कर्व-फोल्डिंग थिअरी पर आधारित है जो मुड़े हुए क्षेत्र की मुड़ने की गतिविधि दिखाती है।' खुद से मुड़ने वाली व...
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सूखे बुंदेलखंड का नादिया गांव हरा-भरा

6 सप्ताह पहले
मध्य प्रदेश के हिस्से वाले बुंदेलखंड क्षेत्र में यूं तो कई किलोमीटर तक वीरान खेत नजर आते हैं, मगर टीकमगढ़ जिले के नादिया गांव में अमरचंद प्रजापति के खेतों में हरियाली छाई है। यह ऐसा किसान है, जो एक एकड़ में पपीता और सब्जियां उगाकर सालाना पांच लाख रुपए से ज्यादा कमाई कर रहा है।  अमरचंद प्रजापति और नाथूराम कुशवाहा मिलकर एक एकड़ जमीन पर पपीता, मिर्ची, टमाटर, बैगन वगैरह की खेती कर किसानों के लिए मिसाल बन गए हैं। ये किसान बहुत कम पानी का उपयोग कर अपनी आजीविका चलाने में कामयाब हो रहे हैं। अमरचंद बताते हैं कि उन्होंने एक एकड़ क्षेत्र में 20 से ज्यादा कतारों में पपीता लगाए हैं, वहीं बीच के हिस्से में मिर्ची, टमाटर और बैंगन उगाया है, इससे उन्हें सालाना प...
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किताबों पर चाइल्डलाइन हेल्पकेयर

6 सप्ताह पहले
  राष्ट्रीय शैक्षणिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (एनसीईआरटी) ने छठी से लेकर 12वीं कक्षा की सभी पाठ्य पुस्तकों के पीछे के कवर पर चाइल्डिलाइन (1098)-बच्चों के लिए 24x7 हेल्पलाइन और पॉक्सो ई-बॉक्स के संबंध में जानकारी प्रकाशित की है। सुरक्षा-शिकायतों के संभावित प्रकारों के संबंध में जानकारी से बच्चों को लैस करने के लिए महिला और बाल विकास मंत्रालय ने मानव संसाधन विकास मंत्रालय और एनसीईआरटी से इस सूचना को प्रकाशित करने का अनुरोध किया था। पिछले वर्ष मेनका गांधी ने प्रकाश जावडेकर से पॉक्सो ई-बॉक्स और चाइल्डलाइन 1098 को एनसीईआरटी प्रकाशनों, स्कूलों में बच्चों के यौन उत्पी1ड़न के बारे में शिक्षाप्रद फिल्मों  के प्रदर्शन के जरिए लोकप्रिय बन...
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नासा का यंत्र मापेगा सूर्य की ऊर्जा

10 सप्ताह पहले
सूर्य से निकलने वाली ऊर्जा को लंबे समय तक मापने के लिए नासा ने अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष केंद्र (आईएसएस) में अपने नए उपकरण को स्थापित किया है। नासा ने कहा, "उपकरण टोटल एंड स्पैक्ट्रल सोलर इराडियंस सेंसर(टीएसआईएस-1) विज्ञान डेटा का संग्रहण कर अपने सभी उपकरणों के साथ इस मार्च में पूरी तरह संचालित हो गया है।" नासा में टीएसआईएस-1 के प्रोजेक्ट वैज्ञानिक डोंग वू ने कहा, "टीएसआईएस-1 ने अपने एक लंबे डेटा रिकार्ड को बढ़ाया है, जिससे हमें धरती के विकिरण बजट, ओजोन लेयर, वायुमंडलीय परिसंचरण पर सूर्य के प्रभाव, जलवायु परिवर्तन को समझने में मदद मिलेगी।" टीएसआईएस-1 दो सेंसर बोर्ड में से एक से कुल विकिरण मॉनिटर का...
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वैज्ञानिकों ने ढूंढा कैंसर-रोधी प्रोटीन

10 सप्ताह पहले
जिगर में अनियंत्रित कैंसर कोशिकाओं के प्रसार की रोकथाम करने के लिए वैज्ञानिकों ने एक खास तरह के प्रोटीन की खोज की है। कैंसर-रोधी इस प्रोटीन को एलएचपीपी नाम दिया गया है। ‘नेचर’ नामक जर्नल में प्रकाशित इस शोध में कहा गया कि एलएचपीपी जिगर (लीवर) के कैंसर की पहचान व निदान में बायोमार्कर अर्थात जैविक स्थिति का परिचायक हो सकता है। आमतौर पर जिगर के कैंसर की पहचान जब होती है तब तक बहुत देर हो जाती है, मतलब कैंसर का रोग गहरा जाता है और जिगर गंभीर रूप से क्षतिग्रस्त हो जाता है। ऐसे में रोग का निदान कठिन हो जाता है।  शोधकर्ताओं का मानना है कि कैंसर-रोधी इस प्रोटीन से चिकित्सकों को बेहतर इलाज का विकल्प मिल सकत...


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