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सोमवार, 11 दिसंबर 2017

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करोड़ो बच्चे हेपेटाइटिस से पीड़ित

एक सप्ताह पहले
दुनियाभर में पांच करोड़ से ज्यादा बच्चे हेपेटाइटिस से पीड़ित बताए जा रहे हैं। एक अध्ययन से पता चला है कि वर्ष 2016 में पांच करोड़ 20 लाख बच्चे पीड़ित थे, जिनमें 21 लाख बच्चे एचआईवी-एड्स से पीड़ित थे। हालांकि, अध्ययन में वर्ष 2016 के दौरान पूरी दुनिया में वायरल हेपेटाइटिस के मरीजों की तादाद बताई गई है। इनमें 19 साल से कम उम्र के 40 लाख बच्चे व किशोर हेपेटाइटिस-सी और 18 साल से कम उम्र के 48 लाख बच्चे व किशोर हेपेटाइटिस-बी से पीड़ित थे। ब्राजील में आयोजित वर्ल्ड हेपेटाइटिस समिट-2017 में प्रस्तुत अध्ययन के नतीजों में बताया गया है कि दोनों वायरस से यकृत संबंधी रोग, यकृत कैंसर और उससे मौत भी हो सकती है।  बगैर लाभ के मकसद से काम करने वाली लंदन स्थित संस्था वर्ल्ड हेपेटाइटिस एलायंस...
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डीजल का धुआं ज्यादा हानिकारक

3 सप्ताह पहले
हजारों वाहन धुआं उत्सर्जन या वायु प्रदूषण का बड़ा स्रोत हैं। डीजल से चलने वाले वाहन वायु प्रदूषण को हवा में सीधे छोड़कर और नाइट्रोजन ऑक्साइड व सल्फर ऑक्साइड का उत्सर्जन कर वायु प्रदूषण में और ज्यादा इजाफा करते हैं, जिससे वातावरण में और अधिक हानिकारण कण तैरने लगते हैं। इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) के अध्यक्ष पद्मश्री डॉ. केके अग्रवाल ने कहा, ‘डीजल वाहनों से निकला उत्सर्जन खतरनाक रूप से अधिक होता है और इसका एक प्रमुख कारण है नाइट्रोजन ऑक्साइड व हवा में अधजले कणों का फैल जाना। लगभग 80-95 प्रतिशत डीजल के धुएं में जो बारीक कण मिले होते हैं, वे आकार में 0.1 माइक्रोन से भी छोटे होते हैं और वे फेफड़ों में गहरे तक समा सकते हैं।&r...
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सीवेज नमूनों में मिले पोलियो वायरस

5 सप्ताह पहले
हैदराबाद सहित भारत के विभिन्न हिस्सों से एकत्र 14 सीवेज नमूनों में वैक्सीन से उत्पन्न पोलियो वायरस (वीडीपीवी) मिले हैं। विशेषज्ञों के मुताबिक, भारत में ओरल पोलियो वैक्सीन (ओपीवी) के उपयोग से जुड़ा मौजूदा टीकाकरण कार्यक्रम बीमारी के फैलाव की वजह बन सकता है। भारत को हालांकि 2014 में पोलियो मुक्त घोषित किया गया था।  पोलियो, जिसे पोलियोमाइलिटिस भी कहा जाता है, एक संक्रामक रोग है। यह वायरस के कारण होता है जो तंत्रिका तंत्र पर हमला करता है। पांच वर्ष से कम उम्र के बच्चे किसी भी अन्य समूह की तुलना में वायरस से सबसे अधिक संक्रमित होते हैं। बिना लक्षणों के भी, पोलियो वायरस से संक्रमित लोग वायरस फैला सकते हैं और दूसरों में संक...
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मानसिक तनाव की बढ़ी परेशानी

6 सप्ताह पहले
पूरी दुनिया में लाखों लोग मानसिक रोग के शिकार हैं और इसका असर उनके साथ साथ उनके पूरे परिवार पर पड़ता है। देखा गया है कि हर चौथे इंसान को कभी-न-कभी मानसिक रोग होता है। दुनिया-भर में इस रोग की सबसे बड़ी वजह है- निराशा। विश्व स्वास्थ्य संगठन के मुताबिक, मानसिक रोग के शिकार बहुत-से लोग इलाज करवाने से कतराते हैं, क्योंकि उन्हें लगता है कि लोग उनके बारे में न जाने क्या सोचेंगे। मानसिक रोग से जुड़ी एक संस्था की रिपोर्ट के मुताबिक, पिछले साल अमेरीका में 8 से 15 की उम्र के जिन बच्चों को मानसिक रोग था, उनमें से करीब 50 प्रतिशत बच्चों और 15 से ऊपर की उम्र के करीब 60 प्रतिशत लोगों का इलाज नहीं हुआ। मानसिक रोग है क्या 
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माइग्रेनग्रस्त महिलाओं के लिए हार्मोन थेरेपी

7 सप्ताह पहले
हार्मोन थेरेपी रजोनिवृत्ति के लक्षणों का इलाज कराने वाली माइग्रेन से पीड़ित महिलाओं के लिए सुरक्षित है। माइग्रेन अलग-अलग तीव्रता का सिरदर्द होता है, जिससे पीड़ित व्यक्ति को अक्सर मितली और प्रकाश और ध्वनि के प्रति संवेदनशीलता की शिकायत रहती है। एक्सोजीनस एस्ट्रोजन का एक साथ उपयोग और माइग्रेन पीड़ित महिलाओं में स्ट्रोक होने का खतरा बढ़ने के कारण माइग्रेन से ग्रस्त मरीजों को हार्मोन थेरेपी के सेवन की सलाह नहीं दी जाती है।  अमेरिका में थॉमस जेफरसन यूनिवर्सिटी से पीटर एफ. शैंटैज ने कहा कि यह अध्ययन हार्मोन थेरेपी के सुरक्षित उपयोग के बारे में जानकारी को स्पष्ट करता है, खासकर 60 साल की कम उम्र की महिलाओं में जो रजनो...
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मोटापा से दूर तो बीमारी से महफूज

8 सप्ताह पहले
मोटापा परेशानियों का कारण बनता है, फिर भी जो लोग सचेत नहीं हैं, वे इसे बीमारी मानने को तैयार नहीं होते। इतना ही नहीं, मोटापे से ग्रस्त लोग कोई टीका-टिप्पणी भी सहन नहीं करते। मोटापे को कोई भले ही न माने, लेकिन चिकित्सक तो कहते हैं कि यह कई रोगों को बुलावा देता है। दक्षिणी दिल्ली स्थित हैबिलाइट बरिएट्रिक्स ने मोटापा संबंधी जानकारी देने के लिए एक कार्यक्रम की शुरुआत की है। इस कार्यक्रम के जरिए सेंटर के चिकित्सक यह जानकारी दे रहे हैं कि कैसे मोटापे के कारण गैर-संचारी रोग (नॉन कम्युनिकेबल डिजीज) की गिरफ्त में आ जाते हैं और ऐसी स्थिति में वह खुद को कैसे बचा सकते हैं।  हैबिलाइट बरिएट्रिक्स के संस्थापक डॉ. कपिल अग्रवाल, वरिष...
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नवजात शिशुओं के संक्रमण और मृत्यु दर में गिरावट

9 सप्ताह पहले
देश में नवजात शिशुओं में निमोनिया, डायरिया के संक्रमण और जन्म के समय दम घुटने से मृत्यु की दर में भारी गिरावट आई है। लैंसेट पत्रिका के ताजा अध्ययन में कहा गया है कि राष्ट्रीय स्वास्थ   मिशन के अंतर्गत प्रथमिकता के रूप में तय स्थितियों का बहुत गहरा प्रभाव मृत्यु में गिरावट में दिखा। निमोनिया और डायरिया से होने वाली मृत्यु  में 60 प्रतिशत से अधिक (कारगर इलाज के कारण) की गिरावट आई। जन्म  संबंधी सांस की कठिनाई और प्रसव के दौरान अभिघात से होने वाली मृत्यु  में 66 प्रतिशत ( अधिकतर जन्म  अस्पतालों में होने के कारण) की कमी आई। खसरे और टिटनेस से होने वाली मृत्यु में 90 प्रतिशत (अधिकतर विशेष टीकाकरण अभियान के कारण...
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स्क्रब टाइफस के बारे में जागरूकता जरूरी

11 सप्ताह पहले
इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) का कहना है कि प्राथमिक और माध्यमिक देखभाल के स्तर पर काम करने वाले चिकित्सकों के लिए स्क्रब टायफस को लेकर अधिक जागरूक होने की जरूरत है। साथ ही, स्वास्थ्य देखभाल प्रणाली में इस रोग की पहचान करने की सुविधाएं होना भी नितांत आवश्यक है। स्क्रब टाइफस एक जीवाणु जनित संक्रमण है, जो अनेक लोगों की मृत्यु का कारण बनता है और इसके लक्षण चिकनगुनिया जैसे ही होते हैं। बीते वर्ष 150 व्यक्ति संक्रमित पाए गए, जिनमें से 33 को यह रोग था। यदि इस रोग का इलाज न किया जाए तो 35 से 40 प्रतिशत मामलों में मृत्यु की आशंका रहती है। आईएमए के अध्यक्ष डॉ. के.के. अग्रवाल के मुताबिक, ‘स्क्रब टाइफस की शुरुआत सिरदर्द और ठं...
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पारिवारिक तनाव से बढ़ रहा बच्चों में एडीएचडी रोग

12 सप्ताह पहले
अध्ययन के अनुसार, भारत में लगभग 1.6 प्रतिशत से 12.2 प्रतिशत तक बच्चों में एडीएचडी की समस्या पाई जाती है। अटेंशन डेफिसिट हाइपरएक्टिविटी डिस्ऑर्डर अथवा ध्यान की कमी और अत्यधिक सक्रियता की बीमारी को एडीएचडी कहा जाता है। एडीएचडी की समस्या ऐसे परिवारों में अधिक बिगड़ सकती है, जहां घर में तनाव का वातावरण रहता है और जहां पढ़ाई पर अधिक जोर देने की प्रवृत्ति रहती है।  इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) के मुताबिक, एडीएचडी की समस्या ज्यादातर प्री-स्कूल या केजी कक्षाओं के बच्चों में होती है। कुछ बच्चों में, किशोरावस्था की शुरुआत में स्थिति खराब हो सकती है। यह वयस्कों में भी हो सकता है। आईएमए के अध्यक्ष डॉ. केके अग्रवाल ने कह...
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एवोकैडो खाएं, मेमोरी बढ़ाएं

12 सप्ताह पहले
रोजाना एक ताजा एवोकैडो खाने से वयस्कों की मेमोरी और कार्य करने की क्षमता में वृद्धि होती है। ऐसा एक शोध में कहा गया है। शोध में 50 वर्ष से अधिक आयु वाले वयस्कों को छह महीने तक प्रति दिन एक ताजा एवोकैडो खिलाने से उनके मस्तिष्क और आंखों में ल्यूटेन के स्तर में 25 प्रतिशत वृद्धि हुई, जिससे उनकी मेमोरी और कार्य करने की क्षमता में काफी सुधार हुआ। ल्यूटेन एक तरह का पिगमेंट है, जो सामान्य तौर पर फलों और सब्जियों में पाया जाता है और हमारे आंखों और मस्तिष्क के लिए एक एंटीऑक्सीडेंट की तरह कार्य करता है। टफट्स यूनिवर्सिटी मैसाचुसेट्स के प्रमुख शोधकर्ता एलिजाबेथ जॉनसन ने कहा कि एवोकैडो में वसा, फाइबर, बायोएक्टिव न्यूरल पाए जाते हैं, जो ल्यू...
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सौंदर्य और स्वास्थ्य का योग

13 सप्ताह पहले
भारतीय परंपरा हमेशा से ही जीवन को समग्र और संतुलित रूप से जीने की दृष्टि प्रदान करती रही है। भारतीय चिंतन और परंपरा का आधार रहा है योगशास्त्र। योग एक ऐसी अनमोल निधि है, जिसके उपयोग से शारीरिक सौंदर्य और मानसिक शक्ति हासिल की जा सकती है। आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में तनाव, अनिंद्रा, रक्तचाप, मोटापा और आपाधापी से जन्मे अनेक रोगों को योग के माध्यम से दूर रखा जा सकता है और शारीरिक सौंदर्य को हासिल किया जा सकता है। छरहरी काया, दमकती त्वचा और कांतिमय केश की चाहत को योग एवं आयुर्वेदिक जीवन प्रणाली के जरिए प्राप्त किया जा सकता है।   बालों तथा त्वचा के सौंदर्य को बनाए रखने में प्राणायाम महत्वपूर्ण भूमिका अदा करता है। प्राणायाम से जहां तनाव कम होता है, वहीं दूसरी ओर शरीर में प्राण वाय...
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खतरनाक है लिथियम आयन बैटरी!

14 सप्ताह पहले
स्मार्टफोन भले ही आज हमारी रोजमर्रा की जिंदगी का हिस्सा बन गए हों, पर इसके अंदरूनी निर्माण और उसमें प्रयुक्त होने वाले पदार्थों के बारे में हमारी जानकारी न के बराबर है। बात करें स्मार्टफोन्स और कई और इलेक्ट्रानिक उपकरणों में इस्तेमाल होने वाले लीथियम बैटरियों की तो चीन की शिन्हुआ यूनिवर्सिटी और अमेरिका के इंस्टीट्यूट ऑफ एनबीसी डिफेंस के शोधकर्ताओं के अनुसार इनसे कार्बन मोनोऑक्साइड समेत 100 से अधिक खतरनाक गैसें निकलती हैं। दरअसल, स्मार्टफोन का दखल जितनी तेजी से हमारी जिंदगी में बढ़ रहा है, उससे भी अधिक तेजी से उससे जुड़े खतरे बढ़ते जा रहे हैं। जिंदगी की राह आसान करने वाले स्मार्टफोन, लैपटॉप और टैबलेट आदि इलेक्ट्रानिक उपकरणों में ...


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