sulabh swatchh bharat

शनिवार, 24 फ़रवरी 2018

discussion-on-future-medical

भविष्य की चिकित्सा पर चर्चा

2 सप्ताह पहले
बेंगलुरु में आयोजित ‘क्वांटम ऊर्जा मंच’ की बैठक में विशेषज्ञों ने कहा कि भारत में चिकित्सा का भविष्य पारंपरिक चिकित्सा लाभों को ‘ऊर्जा चिकित्सा’ जैसी वैकल्पिक परंपराओं के साथ जुड़ सकता है। क्वांटम ऊर्जा सम्मेलन की अध्यक्ष पिंकी डागा ने कहा, ‘एकीकरण ही भविष्य की चिकित्सा का मूल सिद्धांत होगा, जहां पारंपरिक चिकित्सा क्वांटम ऊर्जा उपचार 'रेकी' (ऊर्जा की सहायता से उपचार करने की जापानी तकनीक) और 'प्रेनिक' उपचार (ऊर्जा उपचार की प्राचीन विधि) से जुड़ी हुई है।’ इस द्विवार्षिक सम्मेलन का इस बार दूसरा संस्करण आयोजित हुआ, जिसमें क्वांटम भौतिकी, क्वांटम ऊर्जा औषधि और क्वांटम ऊर्जा उपकरणों ...
combat-struggle-with-cancer

कैंसर से संघर्ष की जुझारू दास्तान

3 सप्ताह पहले
कैंसर की बीमारी की पहेली अभी पूरी तरह से सुलझाई नहीं जा सकी है, लेकिन अगर हौसला परवान पर हो तो इस बीमारी को भी मात दिया जा सकता है। इस बार मामला दिल्ली की दो महिलाओं से जुड़ा हुआ है, जिन्होंने ब्रेस्ट कैंसर से अपनी मां को तो खो ही दिया और खुद भी इस बीमारी का वार दो बार झेल चुकी हैं। ये महिलाएं हैं डिंपल बावा और ज्योतिका।   डिंपल बावा के मुताबिक वर्ष 2004 में उनकी मां ब्रेस्ट कैंसर की चपेट में आ गई। जानकारी मिलते ही परिवार सदमें में आ गया। लाख कोशिशों के बाद आखिरकार 45 साल की उम्र में उनकी मौत हो गई। डिंपल की शादी हो चुकी है और वह अपने पति के साथ हमकदम होकर एक्सपोर्ट हाउस के व्यवसाय में उनका हाथ भी बटा रही थी, लेकिन त...
can-recover-after-illness-recovers-side-effects-of-cancer-treatment

बीमारी से उबरने के बाद उभर सकते हैं कैंसर उपचार के दुष्प्रभाव

4 सप्ताह पहले
नई दिल्ली, 24 जनवरी (इंडिया साइंस वायर) : बचपन के कैंसर से उबरने की दर में न केवल सुधार हो रहा है, बल्कि कैंसर से निजात पाने के बाद लंबा जीवन जीने वाले लोगों की संख्या भी बढ़ रही है। छोटे बच्चों में होने वाले कैंसर का समय पर उपचार किया जाए तो वह ठीक हो सकता है। लेकिन, बचपन में कैंसर से ग्रस्त मरीजों में इस बीमारी से निजात पाने के बावजूद इसके उपचार से जुड़े दुष्प्रभाव कुछ समय बाद उभर सकते हैं। भारतीय शोधकर्ताओं द्वारा किए गए एक ताजा अध्ययन में यह बात उभरकर आई है। राजधानी दिल्ली स्थित अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) शोधकर्ताओं द्वारा किए गए इस अध्यय...
can-be-fine-cervical-cancer

ठीक हो सकता है सर्वाइकल कैंसर

5 सप्ताह पहले
हाल के आंकड़े बताते हैं कि 15 से 44 वर्ष की आयु में भारतीय महिलाओं में कैंसर से होने वाली मौतों का दूसरा सबसे आम कारण गर्भाशय-ग्रीवा या सर्वाइकल कैंसर के रूप में उभरा है। अगर समय पर इलाज शुरू हो जाए, तो इस रोग से मुक्ति पाई जा सकती है। भारत में ग्रीवा कैंसर के लगभग 1,22,000 नए मामले सामने आते हैं, जिसमें लगभग 67,500 महिलाएं होती हैं। कैंसर से संबंधित कुल मौतों का 11.1 प्रतिशत कारण सर्वाइकल कैंसर ही है। यह स्थिति और भी खराब इसीलिए हो जाती है कि देश में मात्र 3.1 प्रतिशत महिलाओं की इस हालत के लिए जांच हो पाती है, जिससे बाकी महिलाएं खतरे के साए में ही जीती हैं। सर्वाइकल कैंसर सर्विक्स की लाइनिंग, यानी यूटरस के निचले ह...
childrens-vision-is-good-from-outdoor-games

बाहरी खेलों से बच्चों की दृष्टि अच्छी

6 सप्ताह पहले
आपके बच्चे अगर स्मार्टफोन पर घंटों समय बिताते हैं, गेम खेलते रहते हैं और कम्प्यूटर या टैबलेट पर अधिक समय काम करते हैं, तो उनकी आंखों की रोशनी कमजोर पड़ने की संभावना ज्यादा रहती है। मगर चिंता छोड़िए और उन्हें खेलने के लिए बाहर भेजिए। विशेषज्ञों का कहना है कि अगर बच्चे हर रोज कम से कम दो घंटे बाहर सूरज की रोशनी में खेलते हैं, तो उनकी दृष्टि कमजोर होने से बच सकती हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, इस परिस्थिति का कारण है आंखों के लिए प्राकृतिक रोशनी की कमी। लंदन में मूरफील्डस आई हॉस्पिटल में ओप्थाल्मोलॉजिस्ट की सलाहकार एनेग्रेट डाल्मान-नूर ने कहा, ‘इसमें मुख्य कारण सीधे तौर पर प्रत्यक्ष सूर्य के प्रकाश के संपर्क में कमी की संभ...
health-revolution-in-india

भारत में स्वास्थ्य क्रांति

8 सप्ताह पहले
हाल के कुछ वर्षों में देश के स्वास्थ्य क्षेत्र की सूरत बदल कर रख दी है। स्वास्थ्य क्षेत्र में केंद्र सरकार ने कई पहलें शुरू की हैं, जिसका लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंच रहा है। केंद्र सरकार समाज के गरीब, वंचित और उपेक्षित लोगों तक स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचाने का काम कर रही है। ‘सबका साथ, सबका विकास’ के साथ स्वास्थ्य क्षेत्र में 2017 में भी सरकार की तरफ से अहम कदम उठाने का सिलसिला जारी रहा। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन प्रधानमंत्री मोदी की अत्यंत महत्वाकांक्षी योजना है, जो स्वास्थ्य के क्षेत्र में...
neutralize-medicines-with-changes-in-the-malaria-parasites-gene

मलेरिया परजीवी के जीन में बदलाव से दवाएं बेअसर

9 सप्ताह पहले
मलेरिया फैलाने वाले परजीवी में दवाओं के प्रति बढ़ती प्रतिरोधक क्षमता इस खतरनाक बीमारी के उन्मूलन में सबसे बड़ी बाधा है। भारतीय शोधकर्ताओं ने छत्तीसगढ़ के जनजातीय क्षेत्र बैकुंठपुर में मलेरिया परजीवी के जींस में होने वाले रूपांतरणों का पता लगाया है, जो दवाओं के प्रति प्रतिरोधक क्षमता विकसित होने के लिए जिम्मेदार माने जाते हैं।     शोधकर्ताओं द्वारा किए गए अध्ययन में मलेरिया के उपचार में उपयोग होने वाली दवाओं में शामिल क्लोरोक्वीन के प्रति उच्च प्रतिरोधी जीनोटाइप और सल्फाडॉक्सीन-पाइरीमेथमीन के प्रति मध्यम एवं उभरते प्रतिरोधी जीनोटाइप पाए गए हैं। एक अच्छी खबर यह है कि आर्टीमिसिनिन आधारित थैरेपी के प्रति मलेरिय...
safe-to-prevent-infection

संक्रमण रोकने में जीका सुरक्षित

10 सप्ताह पहले
अमेरिकी वैज्ञानिकों ने दो प्रारंभिक क्लीनिक परीक्षणों में एक प्रायोगिक जीका टीका विकसित किया है, जो घातक वायरस द्वारा संक्रमण को रोकने में सुरक्षित और भरोसेमंद है। लांसेट पत्रिका में प्रकाशित निष्कर्षों में दिखाया गया है कि स्वस्थ वयस्कों में यह एक प्रतिरक्षा प्रतिक्रिया को प्रेरित करता है। अमेरिकी राष्ट्रीय स्वास्थ्य संस्थान का हिस्सा नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ एलर्जी और इंफेक्शियस डिसीज (एनआईएआईडी) के वैज्ञानिकों द्वारा विकसित किए गए जांच टीके में डीएनए का एक छोटा और गोल आकार का टुकड़ा शामिल है, जिसे प्लाज्मिड कहा जाता है। वैज्ञानिकों ने प्लाज्मिड में जीन डाला, जो कि जीका वायरस की सतह पर पाए जाने वाले दो प्रोटीनों को स...
crores-of-children-suffer-from-hepatitis

करोड़ो बच्चे हेपेटाइटिस से पीड़ित

11 सप्ताह पहले
दुनियाभर में पांच करोड़ से ज्यादा बच्चे हेपेटाइटिस से पीड़ित बताए जा रहे हैं। एक अध्ययन से पता चला है कि वर्ष 2016 में पांच करोड़ 20 लाख बच्चे पीड़ित थे, जिनमें 21 लाख बच्चे एचआईवी-एड्स से पीड़ित थे। हालांकि, अध्ययन में वर्ष 2016 के दौरान पूरी दुनिया में वायरल हेपेटाइटिस के मरीजों की तादाद बताई गई है। इनमें 19 साल से कम उम्र के 40 लाख बच्चे व किशोर हेपेटाइटिस-सी और 18 साल से कम उम्र के 48 लाख बच्चे व किशोर हेपेटाइटिस-बी से पीड़ित थे। ब्राजील में आयोजित वर्ल्ड हेपेटाइटिस समिट-2017 में प्रस्तुत अध्ययन के नतीजों में बताया गया है कि दोनों वायरस से यकृत संबंधी रोग, यकृत कैंसर और उससे मौत भी हो सकती है।  बगैर लाभ के मकसद से काम करने वाली लंदन स्थित संस्था वर्ल्ड हेपेटाइटिस एलायंस...
diesel-smoke-more-harmful

डीजल का धुआं ज्यादा हानिकारक

13 सप्ताह पहले
हजारों वाहन धुआं उत्सर्जन या वायु प्रदूषण का बड़ा स्रोत हैं। डीजल से चलने वाले वाहन वायु प्रदूषण को हवा में सीधे छोड़कर और नाइट्रोजन ऑक्साइड व सल्फर ऑक्साइड का उत्सर्जन कर वायु प्रदूषण में और ज्यादा इजाफा करते हैं, जिससे वातावरण में और अधिक हानिकारण कण तैरने लगते हैं। इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) के अध्यक्ष पद्मश्री डॉ. केके अग्रवाल ने कहा, ‘डीजल वाहनों से निकला उत्सर्जन खतरनाक रूप से अधिक होता है और इसका एक प्रमुख कारण है नाइट्रोजन ऑक्साइड व हवा में अधजले कणों का फैल जाना। लगभग 80-95 प्रतिशत डीजल के धुएं में जो बारीक कण मिले होते हैं, वे आकार में 0.1 माइक्रोन से भी छोटे होते हैं और वे फेफड़ों में गहरे तक समा सकते हैं।&r...
polio-virus-found-in-sewage-samples

सीवेज नमूनों में मिले पोलियो वायरस

15 सप्ताह पहले
हैदराबाद सहित भारत के विभिन्न हिस्सों से एकत्र 14 सीवेज नमूनों में वैक्सीन से उत्पन्न पोलियो वायरस (वीडीपीवी) मिले हैं। विशेषज्ञों के मुताबिक, भारत में ओरल पोलियो वैक्सीन (ओपीवी) के उपयोग से जुड़ा मौजूदा टीकाकरण कार्यक्रम बीमारी के फैलाव की वजह बन सकता है। भारत को हालांकि 2014 में पोलियो मुक्त घोषित किया गया था।  पोलियो, जिसे पोलियोमाइलिटिस भी कहा जाता है, एक संक्रामक रोग है। यह वायरस के कारण होता है जो तंत्रिका तंत्र पर हमला करता है। पांच वर्ष से कम उम्र के बच्चे किसी भी अन्य समूह की तुलना में वायरस से सबसे अधिक संक्रमित होते हैं। बिना लक्षणों के भी, पोलियो वायरस से संक्रमित लोग वायरस फैला सकते हैं और दूसरों में संक...
increased-troubles-of-mental-stress

मानसिक तनाव की बढ़ी परेशानी

16 सप्ताह पहले
पूरी दुनिया में लाखों लोग मानसिक रोग के शिकार हैं और इसका असर उनके साथ साथ उनके पूरे परिवार पर पड़ता है। देखा गया है कि हर चौथे इंसान को कभी-न-कभी मानसिक रोग होता है। दुनिया-भर में इस रोग की सबसे बड़ी वजह है- निराशा। विश्व स्वास्थ्य संगठन के मुताबिक, मानसिक रोग के शिकार बहुत-से लोग इलाज करवाने से कतराते हैं, क्योंकि उन्हें लगता है कि लोग उनके बारे में न जाने क्या सोचेंगे। मानसिक रोग से जुड़ी एक संस्था की रिपोर्ट के मुताबिक, पिछले साल अमेरीका में 8 से 15 की उम्र के जिन बच्चों को मानसिक रोग था, उनमें से करीब 50 प्रतिशत बच्चों और 15 से ऊपर की उम्र के करीब 60 प्रतिशत लोगों का इलाज नहीं हुआ। मानसिक रोग है क्या 


Bringing smiles to every face hindi ad copy %281%29

ऑडियो